ये 4 नेचुरल एसेंशियल ऑयल दिला सकते हैं आपको प्यूबिक एरिया की स्मेल से छुटकारा

  यह जरूरी नहीं है कि आपके प्यूबिक एरिया से हमेशा दुर्गंध आती रहे। जब आप अपनी खास डेट प्लान कर रहीं हों, तो ये एसेंशियल ऑयल आपके काम आ सकते हैं।  
चिंता से छुटकारा पाने के लिए ग्राउंडिंग टेक्निक का इस्तेमाल करें। चित्र शटरस्टॉक।
शालिनी पाण्डेय Updated on: 24 June 2022, 19:42 pm IST
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आपके प्यूबिक एरिया में दुर्गंध आना और उसमें समय-समय पर होने वाले छोटे-छोटे बदलाव पूरी तरह से सामान्य हैं। ये आपके मासिक धर्म चक्र, आपकी यौन गतिविधि और हाइजीन हैबिट का परिणाम हो सकती हैं। अगर आप प्यूबिक एरिया में मौजूद गंध के बारे में बात करने में सहज महसूस नहीं करती हैं, तब भी आपको निश्चित रूप से इसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। 

यह परेशानी मुझे भी थी जिसके कारण कई बार मुझे शर्मिंदगी भी होती। पर मेरी इस समस्या का समाधान किया मां के बताए इन तीन तेलों और सही हाइजीन रूटीन ने। उचित सफाई और आवश्यक तेलों (Essential oil) का उपयोग करके वेजाइना और उसके आसपास की जगह की गंध को नियंत्रण में रखा जा सकता है। 

हमारे अंतरंग क्षेत्रों के लिए इस्तेमाल किए जा सकने वाले एसेंशियल ऑयल:

  1. नारियल का तेल (coconut oil)

एनसीबीआई की एक रिसर्च के अनुसार स्नेहक या ल्यूब्रिकेंट के रूप में नारियल का तेल काफी प्रभावशाली है। एक बढ़िया मॉइस्चराइजर होने के अलावा, नारियल के तेल में रोगाणुरोधी और जीवाणुरोधी (Antibacterial) गुण होते हैं। जो यूरिनल एरिया के संक्रमण, यीस्ट इन्फेक्शन और कुछ दवाओं से होने वाले इन्फेक्शन से लड़ने में मदद कर सकते हैं।

नारियल तेल का इस्तेमाल वेजाइनल दुर्गन्ध से छुटकारा पाने के लिए करना सेफ है। चित्र : शटरस्टॉक

कैसे करें इस्तेमाल 

आप नारियल के तेल को जार से सीधे प्रभावित जगह पर लगाकर यीस्ट इन्फेक्शन का इलाज कर सकते हैं। आप नारियल के तेल को त्वचा या त्वचा पर जहां यीस्ट संक्रमण है, वहां लगा सकती हैं।

  1. लैवेंडर ऑयल (Lavender oil)

एनसीबीआई की एक रिसर्च के अनुसार लैवेंडर के तेल का उपयोग न केवल वेजाइनल स्मेल दूर करने के लिए होता है, बल्कि यह बैक्टीरियल वेजिनोसिस के इलाज में भी मदद कर सकता है।

कैसे करें इस्तेमाल 

लैवेंडर के तेल में प्राकृतिक रोगाणुरोधी और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसका उपयोग करने का सबसे अच्छा तरीका है लैवेंडर आवश्यक तेल की 10 बूंदों को आधा लीटर पानी में मिलाकर इसे वेजाइनल वॉश की तरह इस्तेमाल करें।

  1. पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल (peppermint essential oil)

एनसीबीआई की एक रिसर्च के अनुसार प्राकृतिक रूप से योनि की गंध से छुटकारा पाने के लिए अपनी योनि के लिए पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल का उपयोग करना एक और प्रभावी विकल्प है। 

टी ट्री ऑयल और लैवेंडर की तरह मिंट में भी जीवाणुरोधी, एंटिफंगल और रोगाणुरोधी गुण होते हैं। योनि की तमाम समस्याओं का इलाज करने में मदद के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। 

पेपरमिंट एसेंशियल ऑयल में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

कैसे करें इस्तेमाल 

आधा लीटर पानी में इसकी कुछ बूंदें मिलाएं और नहाने के बाद योनि स्प्रे के रूप में उपयोग करें।

4 . टी ट्री ऑयल

रिसर्चगेट (Researchgate) की एक रिसर्च के अनुसार  टी ट्री ऑयल अपने अद्भुत रोगाणुरोधी और एंटिफंगल गुणों के कारण कई बीमारियों में इस्तेमाल होने वालया एसेंशियल ऑयल है। टी ट्री ऑयल कैंडिडिआसिस से वेजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन के लिए एक प्रभावी उपचार है। 

कैसे करें इस्तेमाल 

टी ट्री एसेंशियल ऑयल  की 3 से 4 बूंदों को 1 कप गर्म पानी में मिलाएं और अपने योनि क्षेत्र के बाहर स्प्रे करें। बेहतर परिणामों के लिए इसे सप्ताह में एक बार, दिन भर में एक बार इस्तेमाल करें।  

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