तनाव के कारण पीरियड्स में हो रही है देरी, तो आयुर्वेद कर सकता है आपकी मदद

तनाव चाहें एग्जाम का हो या कोविड-19 का, इससे आपके पीरियड्स लेट हो सकते हैं। पर घबराइए नहीं, आयुर्वेद ने पहले ही इसका इलाज बता दिया है।
तनाव के कारण भी आपके पीरियड लेट हो सकते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated: 25 Apr 2022, 06:08 pm IST
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मासिक धर्म चक्र में व्यवधान पैदा करने वाले सबसे बड़े मुद्दों में से एक तनाव ही माना जाता है। हम सब covid-19 की परेशानियों से गुज़र रहें हैं। ऐसे में मुमकिन है कि महिलाएं मासिक धर्म चक्र में थोड़ी देरी का अनुभव करें।

“हमने अक्सर देखा हैं कि तनाव मासिक धर्म में देरी कर देता है। लड़कियां जब कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं की तैयारियों में लगी होती हैं, तब अक्सर उन्हें मासिक धर्म की अनियमितताओं का सामना करना पड़ता है। फिर जैसे ही परीक्षाओं का दौर खत्म हो जाता है, उनका मासिक धर्म वापिस अपने रूटीन पर आ जाता है।

मुंबई में क्लाउ नाइन ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स में वरिष्ठ परामर्शदाता प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ. मेघना डी सरवैया, कहती हैं – “वह हॉर्मोन जिनसे हमारा मासिक धर्म नियमित चलता है, वह हमारे दिमाग द्वारा नियंत्रित होते हैं। यही कारण है कि हमारे तनाव में रहने के कारण हमारा मासिक धर्म भी अनियंत्रित हो जाता है”।

इस समय कई कारण हो सकते हैं तनाव के

डॉ. सरवैया का सुझाव है, नियत तारीख के बाद कम से कम 7 से 10 दिनों के लिए प्रतीक्षा करने के बाद ही डॉक्टर के पास जाएं। वे तनाव के कारणों की पहचान करते हुए कहती हैं कि संभवतः covid-19 के कारण भी आप तनाव में हों।

कोरोनावायरस द्वारा संभावित तनाव और भय आखिरकार किन कारणों से होता है – बेरोजगारी, आर्थिक मामले, बच्चों कि शिक्षा, पेंशन तथा जीवन के विभिन्न विकल्पों से चिंता शुरू हो सकती है। हम सोचतें हैं कि जाने किन-किन जगहों पर आर्थिक कटौती करनी होगी। जिसके कारण हम समझौते करने पर मजबूर हो जाएंगे।

जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ. प्रताप चौहान कहते हैं, “इन सभी साझा कारणों से तनाव और चिंता पैदा होती है। ऐसा होने पर मासिक धर्म चक्र में बाधा आती है।”

घबराइए नहीं! यहां आयुर्वेद के चार तरीके बताए गए हैं जो आपकी मासिक धर्म की समस्याओं को नियंत्रित और नियमित करेंगे।

1. आरामदायक पीरियड्स के लिए करें शतावरी का सेवन

आयुर्वेद के अनुसार शतावरी मासिक धर्म को नियमित करने में मदद करती है। यह मासिक धर्म से जुडी अन्य सभी समस्याओं को भी हल करती है। तनाव को कम करती है और उम्र बढ़ने के सभी संकेतों को भी कम करती है।

आयुर्वेदिक औषधियां आपको कई समस्‍याओं से बचाती हैं। चित्र : शटरस्‍टॉक

अब इसका सेवन कैसे करना है, यह आपको बताते हैं। आप शतावरी की जड़ का एक चम्मच पाउडर लें और इसे एक कप पानी में उबालें। अब आप इसे छान लें और एक चम्मच शहद के साथ आप इसको पी सकती हैं।

2. तनाव कम करने के लिए फेस मास्क लगाएं

सुनने में थोड़ा अजीब लग रहा है न! पर यह सच है कि फेस मास्का आपको ग्लो इंग स्किन देने के साथ ही आपकी नसों को भी शांत करता है। आपको दिनभर के तनाव से मुक्ति दिलाता है। अपने DIY कौशल को आज़माइए और घर पर ही मास्क बनाकर लगाइए।

जी हां, ये सच है! फेस मास्‍क आपको खूबसूरती देने के साथ तनावमुक्‍त भी करता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

जानिए आयुर्वेदिक फेस मास्क का नुस्खा:

1. दो चम्मच दूध की मलाई, एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी लें, और इसमें कुछ बूंदें चंदन एसेंस कि मिलाएं।
2. इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं और लेट जाएं। चंदन में-अल्फा-सेंटानोल’ होता है जो मन को शांत करता है, हृदय गति और रक्तचाप को संतुलित करता है।

3. आयुर्वेद के ‘दशांग’ से करें खुद को शांत

दशांग एक विशेष आयुर्वेदिक धूप है जिसे चंदन, जटामांसी और अन्य शांत जड़ी बूटियों के साथ बनाया जाता है।

इसका थोड़ा सा धुआं आपके सुबह के योग और मेडिटेशन सेशन के लिए बहुत अच्छा है। दशांग धूप न सिर्फ आपके दिमाग को शांत करता है, यह हवा को भी शुद्ध करेगा, और आपके रहने की जगह में सकारात्मक वास्तु ऊर्जा को बनाए रखेगा।

4. कैफीन की बजाए इन आयुर्वेदिक विकल्पों को आजमाएं

मलकाग्नि, ज्योतिष्मती, ब्राह्मी, अश्वगंधा आपके दिमाग को तेज और आपकी समग्र तंत्रिका को स्वमस्थस बनाए रखने के लिए बढ़िया विकल्प हैं।

जब भी आपको कैफीन लेने का मन हो, तो इन अभूतपूर्व जड़ी-बूटियों में से किसी का भी काढ़ा बनाएं। यह आपको आपकी कैफीन पर निर्भरता से मुक्त करेगा, और समस्याओं से निपटने में मददगार होगा।

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