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डियर लेडीज, समय रहते ओवेरियन कैंसर के लक्षण पहचान लिए जाएं, तो इससे बचा जा सकता है

Updated on: 26 June 2021, 14:42pm IST
ओवेरियन कैंसर मतलब डिम्बग्रंथि में कैंसर, महिलाओं में तेजी से बढ़ती जा रही एक स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍या है, लेकिन अगर समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए तो इससे बचा जा सकता है।
Dr Thejaswini J
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ओवेरियन कैंसर की समय रहते पहचान कर ली जाए, तो इससे बचा जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
ओवेरियन कैंसर की समय रहते पहचान कर ली जाए, तो इससे बचा जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

ओवेरियन कैंसर दुनिया भर में महिलाओं को तेजी से प्रभावित कर रहा है। इस कैंसर के बारे में सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा ये है कि इसके शुरुआती लक्षण पीरियड से संबंधित समस्या या पेट की कोई अन्य सामान्य बीमारी के रूप में दिखते हैं, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं।

ज्यादातर महिलाओं में, ओवेरियन कैंसर एपिथेलियम, या अंडाशय की बाहरी परत में उत्पन्न होते हैं। इस स्तर पर, कैंसर में कुछ लक्षण दिखे जा सकते हैं जैसे:

पेट में सूजन,
दबाव या पेट में दर्द,
खाने में कठिनाई,
पेशाब करने की इच्छा में वृद्धि,
थकान,
कब्ज,
मासिक धर्म की अनियमितता,
सेक्स करते समय दर्द
और पीठ दर्द।

इन संकेतों से भ्रमित होना आसान है, जो नियमित पेट से संबंधित समस्याओं के रूप में प्रकट होते हैं और हम अकसर उन्हें अनदेखा कर देते हैं। साथ ही, दवाएं लेने से इनमें से कुछ लक्षणों में अस्थायी रूप से राहत मिल सकती है। महिलाओं के लिए ये सलाह है कि यदि ये लक्षण अगर लंबे समय तक बने रहते हैं, तो दवाओं को लेने के बजाय स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें।

ऐसे में आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक
ऐसे में आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

कई मामलों में, ओवेरियन कैंसर पेट के क्षेत्र तक फैल जाता है, जिससे बाद में इलाज करना मुश्किल हो जाता है। केवल अंडाशय तक ही सीमित रहने पर डिम्बग्रंथि के कैंसर का प्रभावी ढंग से इलाज किया जा सकता है। ओवेरियन कैंसर तीन प्रकार के होते हैं, जिसमें प्रत्येक कोशिका एक अलग प्रकार के ट्यूमर में विकसित हो सकती है।

एपिथेलियल ट्यूमर – इस प्रकार का ट्यूमर अंडाशय के बाहर मौजूद ऊतक की परत में बनता है। अधिकांश डिम्बग्रंथि के कैंसर उपकला ट्यूमर हैं।
स्ट्रोमल ट्यूमर – इस प्रकार का ट्यूमर हार्मोन बनाने वाली कोशिकाओं में बढ़ता है। डिम्बग्रंथि ट्यूमर के कुछ मामले इस प्रकार के होते हैं।
जर्म सेल ट्यूमर – ये अंडाणु बनाने वाली कोशिकाओं में विकसित होता है। ये एक दुर्लभ प्रकार का ट्यूमर है।

ओवेरियन कैंसर का खतरा क्यों बढ़ जाता है?

एक महिला में ओवेरियन कैंसर के विकास के लिए कोई वैज्ञानिक रूप से ज्ञात कारण नहीं हैं। मोटापा, एक गलत जीवनशैली विकार, ओवेरियन कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही ओवेरियन कैंसर प्रजनन दवाओं के नियमित उपयोग, हार्मोन थेरेपी, एंडोमेट्रियोसिस, आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है।

क्‍या ओवेरियन कैंसर का उपचार मुश्किल है?

अंडाशय उदर गुहा के अंदर गहरे स्थित होते हैं। इसलिए, इस क्षेत्र में ट्यूमर के विकास को महसूस करना असंभव है। इसके अलावा, ओवेरियन कैंसर के लिए कोई नियमित नैदानिक ​​जांच उपलब्ध नहीं है। क्योंकि इस प्रकार के कैंसर के लक्षण बहुत अलग नहीं होते हैं, इसलिए स्त्री रोग विशेषज्ञ के साथ नियमित परामर्श करना महत्वपूर्ण है, जब एक महिला को उपरोक्त में से कोई भी लक्षण दिखाई देता है।

ओवेरियन कैंसर को पहचाना जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
ओवेरियन कैंसर को पहचाना जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

तो उनको सीधा डॉक्टर के पास जाना चाहिए। ओवेरियन कैंसर का पता लगाने के लिए पेट का सीटी स्कैन, कैंसर एंटीजन को मापने के लिए रक्त परीक्षण और ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड अन्य कुछ परीक्षण हैं।

ओवेरियन कैंसर के खतरे को कैसे कम करें?

हालांकि ओवेरियन कैंसर को रोकने के लिए कोई पक्का तरीका तो है नहीं, लेकिन इन उपायों को करके जोखिम को कम किया जा सकता है।

व्यायाम और आहार – एक दैनिक व्यायाम शासन और एक स्वस्थ आहार बनाए रखने से, ओवेरियन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।
गर्भ निरोधक दवा – जिन महिलाओं का गर्भ निरोधक दवा लेने का इतिहास है, उनमें ओवेरियन कैंसर के विकास की संभावना कम होती है। दवा का उपयोग जितना अधिक समय तक किया जाता है, ओवेरियन कैंसर के विकास का जोखिम उतना ही कम होता है।
कार्सिनोजेन्स से बचना – उन दवाओं और रसायनों से सावधान रहें जिनका आप दैनिक आधार पर उपयोग करते हैं।
गर्भावस्था और स्तनपान – जिन महिलाओं ने 30 वर्ष की आयु से पहले जन्म दिया है और स्तनपान कराया है उनमें ओवेरियन कैंसर के विकास का कम जोखिम है।
स्वस्थ जीवन शैली – तंबाकू उत्पादों के उपयोग और जोखिम से बचने से डिम्बग्रंथि के कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

व्‍यायाम आपकी ओवरऑल हेल्‍थ के लिए जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक
व्‍यायाम आपकी ओवरऑल हेल्‍थ के लिए जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कभी-कभी, हम जिन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करते हैं, हमें वो बहुत ही सामन्य लग सकती हैं। पर ये काफी खतरनाक है इसलिए इसे जल्दी नोटिस करें और समय पर डॉक्टर से उपचार करवाएं।

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Dr Thejaswini J Dr Thejaswini J

Dr Thejaswini J, Consultant, OBG, Columbia Asia Hospital Sarjapur Road (A unit of Manipal Hospitals). Dr Tejaswini is a specialist in Obstetrics and Gynecology with a distinguished academic career having vast experience in performing normal and assisted deliveries and caesarean sections. She encourages normal delivery and also handles high risk pregnancies, like gestational diabetes, hypertensive disorders of pregnancy, pre-term delivery as well as in emergency situations. She has performed large number of MTPs and has managed threatened abortions, missed abortions etc.