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क्या आपके पीरियड्स नॉर्मल हैं? गायनेकोलॉजिस्ट बता रहीं हैं माहवारी के बारे में जरूरी बातें

Published on:2 August 2020, 20:00pm IST
महिलाओं के पीरियड्स कभी-कभी उनके लिए रहस्य बन जाते हैं। पर चिंता मत कीजिए, हमने दिल्ली के बेहतरीन गायनेकोलॉजिस्ट से बात की जो आपकी इन सभी समस्याओं का हल बताएंगी।
Dr Sunita Verma
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माहवारी के सामान्‍य चक्र के बारे में कुछ जरूरी बातें आपको पता होनी चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

मासिक धर्म शब्द सुनते ही दिमाग में अजीब-अजीब सी तस्वीरें आने लग जाती हैं। जैसे डिप्रेशन, ब्लोटिंग, इरिटेशन, एक्ने, माइग्रेन, हेवी ब्लीडिंग, असहनीय दर्द और एक ऐसा डिस्कंफर्ट जिसका एक्सपीरियंस अधिकतर महिलाएं करती हैं। महिलाओं की बातचीत में इसे एक स्टिग्माी के रूप में देखा जाता है। सोसायटी भी इसे कुछ बहुत अच्छी नजर से नहीं देखती। कारण है इसके बारे में फैले कई मिथक और वहम, जिनकी वजह से असली जानकारी सामने नहीं आ पाती।

माहवारी की समस्याओं को कम करने के लिए आप क्या कर सकती हैं? और कौन से लक्षण हैं तथा इस परेशानी का क्या अर्थ है?

1. एक सामान्य मासिक धर्म लगभग 4-5 दिनों तक रहता है

24 से 38 दिनों के एवरेज साइकिल के कारण इसे हैंडल करना आसान हो जाता है। हो सकता है कि आपको पेट में दर्द हो या फिर शुरुआती कुछ दिनों में आप कुछ समस्याओं का सामना कर सकती हैं। जिन्हें आसानी से कुछ पेन किलर्स के साथ हैंडल किया जा सकता है।

सामान्‍य मासिक धर्म चक्र 4 से 5 दिन का होता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. प्‍यूबर्टी के पहले दो वर्षों में भारी, अनियमित रक्त-प्रवाह आम है

जी हां शुरुआती 2 सालों में हैवी ब्लीडिंग आम बात है और यह समय के साथ अपने आप से ही सेटल भी हो जाती है। लेकिन बहुत ही रेयर केस होते हैं, जब ऐसा न हो। यह या तो हेरेडिटरी होता है या ब्लीडिंग डिसऑर्डर इसकी वजह है। ऐसा होने पर आपको मेडिकल चेकअप जरूर करावाना चाहिए।

3. हर महिला का रक्त प्रवाह होता है अलग

रक्त प्रवाह के अधिक होने का सही-सही कारण पता लगाना मुश्किल है। लेकिन यदि हम मेडिकल डेफिनेशन की बात करें, तो उसमें हेवी ब्लीडिंग को 80ml तक बताया गया है। लेकिन असल जिंदगी में इसका पता लगाना या इसकी मात्रा का पता लगाना थोड़ा मुश्किल है।

4. बार-बार बदलती हैं पैड

खासकर रात में यदि आपको बार-बार पैड बदलने की जरूरत पड़ती है, तो इसका मतलब है कि आपको हैवी ब्लीडिंग होती है। एक और संकेत है बड़े आकार के थक्के निकलना। लगातार कम हीमोग्लोबिन (एनीमिया) भी अत्यधिक प्रवाह का कारण हो सकता है।

5. अधिक रक्त प्रवाह के कारण

भारी रक्तप्रवाह के कारणों में, हार्मोनल गड़बड़ी, गर्भाशय फाइब्रॉएड और पैल्विक सूजन शामिल हैं। लेकिन यह यहां तक सीमित नहीं हैं, यदि आप इनमें से किसी का भी अनुभव कर रहे हैं, तो आपको अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलना चाहिए। इनमें से ज्यादातर समस्याओं का इलाज संभव है।

हैवी ब्‍लीडिंग कई समस्‍याओं का संकेत हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अधिकतर तो हार्मोनल ट्रीटमेंट से ही ठीक हो जाती है। लेकिन इस बात की संभावना बहुत कम है कि आपको सर्जिकल ट्रीटमेंट करवाना पड़े। अंत में हम आपको यह सुझाव देंगे कि इन सब ट्रीटमेंट्स के बीच में, आप इस बात की पुष्टि कर लीजिए कि आप अपने डाइट में आयरन और प्रोटीन से भरपूर भोजन को शामिल करेंगी।

6. पीरियड्स मिस होने का सबसे आम कारण

गर्भावस्था के अलावा, पॉलीसिस्टिक डिम्बग्रंथि सिंड्रोम (पीसीओएस) है। पीसीओएस के कारणों में वजन बढ़ना, चेहरे के असामान्य बाल या मुंहासे शामिल हैं। अपने डॉक्टर से बात कीजिए यदि आप लगातार तीन बार अपने मासिक धर्म को मिस कर चुकी हैं। पीसीओएस (PCOS) को नियमित व्यायाम, वजन कम करने से और स्वस्थ आहार जैसी चीज़ों से ठीक किया जा सकता है। हालांकि, बहुत कम मामलो में हार्मोनल उपचार की आवश्यकता हो सकती है।

7. अगर आपको पीरियड्स के दौरान तेज दर्द होता है

खासकर अगर यह दर्द, प्रवाह शुरू होने से कुछ दिन पहले ही शुरू होता है, तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आप एंडोमेट्रियोसिस या एडेनोमायोसिस (endometriosis or adenomyosis) नामक स्थिति से पीड़ित हैं। जिसमें आपके गर्भाशय की परत उन जगहों में बढ़ रही है जहां इसे नहीं होना चाहिए।

सामान्‍य से ज्‍यादा दर्द होने पर आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। Gif: giphy

अगर इसकी सही पहचान न हो और इलाज न हो, तो एंडोमेट्रियोसिस बांझपन हो सकता है या फिर यह दर्द लम्बी अवधि के लिए हो सकता है।

8. PMS रिश्तों को बाधित करने के लिए काफी गंभीर हो सकता है

यह दोनों को बाधित कर सकता है चाहे यह व्यक्तिगत हो या काम से सम्बंधित। लेकिन पीएमएस के दौरान महिलाओं का खराब मूड उपहास का कारण रहा है। पीएमएस की वास्तविकता चिड़चिड़ापन, रोना और अनुचित क्रोध है। महिलाओं के लिए ये सभी काफी परेशान करने वाले हैं।

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Dr Sunita Verma Dr Sunita Verma

Dr Sunita Verma is the director of the Obstetrics and Gynecology Department at Fortis Hospital, Shalimar Bagh