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12 वर्ष की उम्र से पहले शुरू हो गए पीरियड्स, तो मेनोपॉज के वक्त हो सकती है समस्या

Published on:26 July 2020, 20:00pm IST
एक नवीन शोध में पाया गया है कि जल्दी पीरियड्स होने पर मेनोपॉज में तकलीफ बढ़ जाती है। जानिए इसे कैसे मैनेज करना है।
ANI
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12 वर्ष की उम्र से पहले पीरियड्स शुरू हो गए थे तो आपको मेनोपॉज के वक्त हो सकती है समस्या। चित्र-शटर स्टॉक।

अपना पहला पीरियड तो सभी को याद रहता है। किसी लड़की के लिए वह अनुभव डरावना हो सकता है, किसी के लिए शर्मिंदगी भरा, किसी के लिए दर्दनाक। लेकिन हर लड़की के लिए उसका पहला पीरियड यादगार ज़रूर होता है। आमतौर पर पीरियड्स 12 से 13 साल की उम्र में होते हैं, इससे लेट भी हो सकते हैं और जल्दी भी। लेकिन नार्मल से आगे पीछे पीरियड्स शुरू होने से स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्या होने का ख़तरा ज्यादा होता है।

BJOG: इंटरनेशनल जर्नल ऑफ आब्सटेट्रिक्स एंड गयनोकॉलॉजी नामक जर्नल में प्रकाशित शोध में पाया गया कि जल्दी पीरियड्स होने से मेनोपॉज के लक्षण ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड ने 18000 महिलाओं के मेंस्ट्रुअल सायकल पर स्टडी कर के यह पाया कि 12 साल की उम्र से पहले पीरियड्स होने पर मेनोपॉज के वक्त ‘वासोमोटर सिम्पटम्स’ होते हैं।

जल्दी पीरियड्स शुरू होना आगे चलकर कई समस्या खड़ी कर सकता है। चित्र- शटर स्टॉक।

क्या है वसोमोटर सिम्पटम?

मेनोपॉज के वक्त अक्सर अत्यधिक गर्मी लगना और पसीना आना वसोमोटर सिम्पटम कहा जाता है। चेहरे, गर्दन और चेस्ट में अचानक से ब्लड फ़्लो बढ़ जाने के कारण गर्मी लगती है और पसीना आता है।

इस रिसर्च के हेड और यूनिवर्सिटी ऑफ क्वीन्सलैंड के प्रोफ़ेसर डॉ सिन फांग चुंग बताते हैं,”जल्दी माहवारी होने से टाइप 2 डायबिटीज और हृदय रोगों की संभावना बढ़ जाती है।”
इंटरनेशनल प्रोजेक्ट interLACE की लीडर गीता मिश्रा बताती हैं,”जल्दी पीरियड्स आना ओबेसिटी को भी बढ़ावा देता है। अगर स्वास्थ्य का ध्यान नहीं रखा गया तो मेनोपॉज के वक्त वसोमोटर सिम्पटम्स बढ़ जाते हैं। इसके साथ ही दर्द और क्रेम्प्स भी अधिक होते हैं।”

क्या है सॉल्यूशन

हमारे पीरियड्स कब होंगे यह तो हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हमें मेनोपॉज में तकलीफ कम हो यह हमारे हाथ में है।
अगर आपको पीरियड्स जल्दी हुए हैं तो खुद को फिट रखने पर ज्यादा ध्यान दें। नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और वजन नियंत्रित रखें।
आपको ओबेसिटी का ज्यादा खतरा है और डायबिटीज का भी। इसलिए यंग ऐज से ही डाइट पर कंट्रोल रखें और वर्कऑउट करें।

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