आपकी वेजाइना को भी है मॉइस्चराइज़ करने की जरूरत, हम बता रहे हैं क्यों

आपको भी कई बार अपनी त्वचा ड्राई फील होती होगी? ऐसे में आप क्या करती हैं? यकीनन मॉइस्चराइज़र लगा लेती होंगी। तो क्या ऐसी ही आप अपने वेजाइनल एरिया की भी ड्राइनेस दूर कर सकती हैं? चलिये पता करते हैं।

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जानिए आपको अपनी योनि को मॉइस्चराइज़ क्यों करना चाहिए। चित्र : शटरस्टॉक
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जब हमें हमारे हाथ-पैर ड्राई महसूस होते हैं, तो हम इनपर मॉइस्चराइज़र लगा लेते हैं। इस तरह त्वचा मुलायम रहती है और नमी बरकरार रहती है। मगर आपकी योनि के आसपास की त्वचा के बारे में क्या? आपको वहां भी कभी – कभी ड्राइनेस महसूस होती होगी? अगर वेजाइना सूखी, परतदार और खुजलीदार महसूस होती है, और आपको यकीन है कि यह एसटीआई या अन्य योनि संक्रमण के कारण नहीं है, तो क्या वहां भी मॉइस्चराइज़र का उपयोग किया जा सकता है? क्या वेजाइनल एरिया में मॉइस्चराइज़र का उपयोग करना सेफ है? चलिये पता करते हैं।

तो क्या आपको अपने वल्वा पर मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल करना चाहिए?

कई स्त्विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक अच्छा विचार नहीं है, क्योंकि बाज़ार में मिलने वाले मॉइस्चराइज़र में केमिकल्स हो सकते हैं। और आपकी योनि की त्वचा अति संवेदनशील होती है। आर्टीफिशियल योजक वाले उत्पादों से आपकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। तो क्या हम वेजाइनल एरिया को नमी प्रदान करने के लिए कुछ नहीं कर सकते?

इसके बारे में अधिक जानने के लिए हमने अपोलो टेलीहेल्थ सर्विसेज में सलाहकार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एम शहनाज से बात की। वे कहती हैं कि योनि मॉइस्चराइज़र का उपयोग करने से पहले, सामान्य योनि पीएच और स्राव के बारे में जानना महत्वपूर्ण है।

आखिर क्यों बढ़ती है वेजाइनल ड्राइनेस?

डॉ. शहनाज कहती हैं कि “योनि का सामान्य पीएच चार होता है और शरीर के एस्ट्रोजन के स्तर में गिरावट आने पर आपकी योनि शुष्क हो जाती है। योनि का सूखापन जलन पैदा कर सकता है और आपके यौन जीवन को भी प्रभावित कर सकता है।

योनि की नमी कैसे बढ़ाएं

यदि आपको योनि के अंदर सूखापन या खुजली महसूस हो रही है, तो शायद आप डिहाइड्रेटेड हो सकती हैं। योनि का सूखापन आमतौर पर हार्मोन के उतार-चढ़ाव के कारण होता है। यदि आप इस तरह के सूखेपन से जूझ रही हैं, तो इसका कारण जानने के लिए अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

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आपकी वेजाइना को भी है मॉइस्चराइज़ करने की जरूरत. चित्र : शटरस्टॉक

मगर यदि यह कभी कभी होता है तो डॉ. शहनाज बताती हैं कि केमिकल मॉइस्चराइज़र की तुलना में ऑयल ज़्यादा बेहतर होते हैं- कोल्ड प्रेस्ड ऑयल्स। क्योंकि उन्हें नैचुरल तरीके से बनाया जाता है। ये लंबे समय तक चलते हैं और बेहतर काम भी करते हैं।

डॉ. शहनाज बताती हैं कि ”आपको लेटेक्स कंडोम के साथ ऑयल या ऑयल बेस्ड मॉइस्चराइज़र का उपयोग नहीं करना चाहिए क्योंकि यह कंडोम को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे आपको यूटीआई, एसटीआई और गर्भावस्था का खतरा हो सकता है।”

सप्ताह में एक से दो बार अपने नियमित मॉइस्चराइजिंग रूटीन में योनि मॉइस्चराइजर जोड़ना आपकी सेक्स लाइफ को भी बेहतर बना सकता है। इसलिए आप कोकोनट ऑयल, आल्मंड ऑयल का उपयोग कर सकती हैं।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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