सर्वाइकल कैंसर का कारण बन सकती है खराब इंटीमेट हाइजीन, जानिए कैसे बचना है

Updated on: 25 April 2022, 14:47 pm IST

अबनॉर्मल वेजाइनल डिस्चार्ज , ड्राई वेजाइना, दुर्गन्ध, वेजाइना में संक्रमण और लंबे समय तक घातक रोग, जिसमे सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।

vagina me kayi tarh ke infection ho sakte hain
योनि में अलग-अलग तरह के संक्रमण हो सकते हैं। चित्र: शटरस्टॉक

आज के युग में कई महिलाएं घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ अपने प्रोफेशनल जीवन को भी संतुलित करती रहती हैं। फेमिनिन स्वच्छता (Feminine hygiene) एक ऐसी आवश्यकता है, जिसे अक्सर अपनी व्यस्त जीवन शैली में महिलाएं नज़र अंदाज़ कर देती हैं। खासतौर से गर्मियों के दिनों में शरीर के बाकी हिस्सो से ज्यादा पसीना इंटीमेट एरिया (Intimate area sweating) में आता है। जो त्वचा के छिलने, इरिटेशन, खुजली, घाव और बदबू का कारण बन सकता है। आगे चलकर ये समस्याएं वेजाइनल इंफेक्शन (Vaginal infection) का भी कारण बन सकती हैं। इसलिए गर्मियों के दिनों में इंटीमेट हाइजीन (intimate hygiene in summer ) का ख्याल रखना बहुत जरूरी है।

कई महिलाएं अभी भी अपनी स्वस्थ्य के बारे में बात करने से कतराती हैं। खराब व्यक्तिगत स्वच्छता त्वचा और योनि में संक्रमण और पेट की समस्याओं के कारणों में से एक हो सकती है। इसलिए खुद को स्वस्थ रखने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता सबसे ऊपर होनी चाहिए।

प्राइवेट पार्ट्स महिला के स्वास्थ्य में एक आवश्यक भूमिका निभाते हैं, और इसकी स्वच्छता शरीर के और भी अंगों की सुरक्षा में मदद करती है।

न केवल वयस्क महिलाओं को बल्कि किशोरावस्था में भी व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को जानना चाहिए। उनके मासिक धर्म (पीरियड्स) की शुरुआत से ही इसके बारे में जानना जरूरी है। यदि वे ठीक से सफाई नहीं रखती हैं, तो पीरियड्स के कारण उनके इंटिमेट पार्ट में बैक्टीरिया की वृद्धि हो सकती है।

ye vaginal infection ka karan ban sakta hai
ये वेजाइनल इंफेक्शन का कारण बन सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

वेजाइना की समस्याओं जैसे – अबनॉर्मल वेजाइनल डिस्चार्ज , ड्राई वेजाइना, दुर्गन्ध, वेजाइना में संक्रमण और लंबे समय तक घातक रोग, जिसमे सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर जैसे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं। इनसे बचकर रहने के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता पर बहुत ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

महिलाओं के लिए निवारक उपाय करने और विशेष रूप से गर्मियों के दौरान स्वस्थ इंटिमेट देखभाल रखने के लिए यहां कुछ इंटिमेट केयर टिप्स दी गई हैं:

1: नियमित स्नान

नियमित रूप से नहाना सभी के लिए जरूरी है। नहाने से बचने की आदत से त्वचा में कई तरह के संक्रमण हो सकते हैं- जैसे शुष्क त्वचा और फंगल संक्रमण। अपने प्राइवेट पार्ट को साफ करना उतना ही जरूरी है, जितना कि नियमित रूप से नहाना।

2: उचित सफाई सुनिश्चित करें

रोजाना नहाने के बावजूद अपने प्राइवेट पार्ट को नियमित रूप से पानी से साफ करना जरूरी है। महिलाओं को अपने अंतरंग क्षेत्रों को 2-3 बार धोना चाहिए, खासकर गर्मियों और मानसून के मौसम में, और पीरियड्स के दौरान संक्रमण से बचने के लिए भी। इसके अलावा, अपने निजी अंगों को साफ करने के लिए स्ट्रांग क्लीनर या सुगंधित उत्पादों का उपयोग करने से बचें, क्योंकि उन उत्पादों में मौजूद रसायनों से गंभीर संक्रमण हो सकता है।

3: सही तरीके से पोंछें

आपको पूरे दिन अपने वेजाइनल एरिया का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। पेशाब करने और नहाने के बाद आपको अपने वेजाइनल एरिया को योनि से एनल क्षेत्र की ओर साफ करना चाहिए। यह मूत्र संक्रमण को रोकने में मदद करेगा। वेजाइना के तरल पदार्थ को साफ करने के लिए आपको संभोग करने के बाद भी ऐसा ही करना चाहिए। साथ ही अपने प्राइवेट पार्ट को साफ करने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोएं।

4: मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता

एक महिला के लिए सबसे अधिक परेशान करने वाली अवधि पीरियड्स के दौरान होती है। हर महिला महीने के उस समय स्वच्छ, आरामदायक और गंधहीन महसूस करना चाहती है। इसलिए आपको खुद को आराम देने के लिए अपने सैनिटरी पैड, टैम्पोन और पैंटी को अक्सर बदलना चाहिए। अगर आप मेंस्ट्रुअल कप का इस्तेमाल करती हैं, तो उन्हें इस्तेमाल करने से पहले और बाद में स्टरलाइज जरूर कर लें।

periods ke dauran apni hygiene ka aur bhi zyada khyal rakhen
हर उम्र में रखें अपनी वेजाइना का ख्याल। चित्र: शटरस्टॉक

5: साबुन का प्रयोग न करें

साबुन में योनि की त्वचा की तुलना में अधिक पीएच होता है, जो बहुत संवेदनशील होती है। योनि के सूखेपन और खराश से बचने के लिए हमेशा पीएच को संतुलित रखना सुनिश्चित करें।

6: प्राकृतिक सामग्री से धोएं

अर्टिफिशियल केमिकल योनि के संक्रमित होने का खतरा बढ़ाते हैं। हालांकि, लैक्टिक एसिड जैसे प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले रसायन पीएच संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं और योनि क्षेत्र की चिकनाई को बहाल करने में मदद करते हैं। टी ट्री आयल की तरह प्राकृतिक तेल आपके योनि स्वास्थ्य को चिकना और मुलायम रखता है।

7: सही कपड़े चुनें

गर्मियों में ढीले और सूती कपड़े का उपयोग करना बेहतर है, जो वायु प्रवाह की अनुमति देते हैं। टाइट-फिटिंग कपड़े शरीर के अंदर एक नम और गर्म वातावरण उत्पन्न करते हैं जिससे फंगल संक्रमण होता है। अपने कपड़े और अंडरवियर बदलना सुनिश्चित करें क्योंकि खेल या शारीरिक एक्टिविटी के बाद वे पसीने से तर हो सकते हैं।

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Dr Sunita Verma Dr Sunita Verma

Dr Sunita Verma is the director of the Obstetrics and Gynecology Department at Fortis Hospital, Shalimar Bagh

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