लेडीज, अगर आप लो लिबिडो का अनुभव कर रहीं हैं, तो ये हार्मोन हो सकता है इसके लिए जिम्मेदार

Published on: 23 February 2022, 19:53 pm IST

महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन होने पर कम सेक्स ड्राइव आम है। आइए जानते हैं इसके पीछे के विभिन्न कारणों के बारे में।

Low libidoke liye testosterone hai jimmedaar
लो लिबिडो का अनुभव कर रहीं हैं, तो टेस्टोस्टेरोन है जिम्मेदार। चित्र:शटरस्टॉक

क्या आप मुंहासों, शरीर पर होने वाली हेयर ग्रोथ, विशेष रूप से चेहरे के बाल और बालों के पतले होने या झड़ने में वृद्धि देख रहीं हैं? यदि हां, तो ये लक्षण उन महिलाओं में आम हैं, जिनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर होता है। लेकिन क्या आप जानती हैं कि महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ने का क्या कारण होता है? यदि नहीं, तो आइए जानते हैं।

टेस्टोस्टेरोन एक पुरुष सेक्स हार्मोन या एण्ड्रोजन है। हालांकि, यह महिलाओं के स्वास्थ्य और सेहत के लिए भी एक महत्वपूर्ण हार्मोन है। मांसपेशियों को बनाए रखने और मूड को स्थिर करने से लेकर सेक्स ड्राइव एवं प्रजनन क्षमता में सुधार तक, टेस्टोस्टेरोन महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हाई होने के कई कारण होते हैं और इसके कई लक्षण भी होते हैं।

महिलाओं में टेस्टोस्टेरोन के उच्च स्तर होने के लक्षण

  1. वजन बढ़ना या मोटापा
  2. मुंहासे
  3. मूड स्विंग
  4. फर्टिलिटी की समस्या
  5. शरीर और चेहरे के बालों का बढ़ना (हिर्सुटिज़्म)
  6. मासिक धर्म की अनियमितता या पीरियड्स का न आना
  7. ब्रेस्ट साइज में कमी
  8. कम सेक्स ड्राइव
  9. आवाज का गहरा होना या स्वर बैठना
  10. मांसपेशियों में वृद्धि
  11. बढ़े हुए क्लिटोरिस

ये उच्च टेस्टोस्टेरोन के कुछ सामान्य लक्षण हैं जिन पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

Mood swing hai high testosterone ka sanket
मूड स्विंगहों सकता है इस हॉर्मोन के उच्च स्तर का संकेत। चित्र: शटरस्टॉक

महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन के कारण

मदरहुड हॉस्पिटल, खारघर, मुंबई की सलाहकार प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ प्रतिमा थमके ने हेल्थशॉट्स से महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन के कारणों के बारे में बात की।

वे इसके कारण गिनाती हैं :

1. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS)

डॉ थमके कहती हैं, “यह आमतौर पर प्रजनन आयु की महिलाओं में देखा जाने वाला एक हार्मोनल विकार है। पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में मासिक धर्म कम या लंबे समय तक या अधिक पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का स्तर होता है। अंडाशय तरल पदार्थ (कूप) के कई छोटे संग्रह विकसित करेंगे और नियमित रूप से अंडे नहीं छोड़ पाएंगे। लेकिन पीसीओएस वाले लोगों में अन्य उच्च टेस्टोस्टेरोन लक्षणों जैसे मुंहासे और चेहरे एवं शरीर के बाल के समान लक्षण होते हैं।”

2. उच्च रक्त शर्करा

जर्नल डायबिटीज मेटाबॉलिज्म रिसर्च एंड रिव्यूज के अनुसार, टाइप 2 डायबिटीज के उच्च रक्त शर्करा के स्तर वाली महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन की संभावना अधिक होती है। जब इंसुलिन बढ़ता है तो यह अंडाशय को टेस्टोस्टेरोन का उत्पादन करने के लिए उत्तेजित कर सकता है, खासकर पीसीओएस वाली महिलाओं में। इसलिए, अपने टेस्टोस्टेरोन के स्तर को स्वाभाविक रूप से कम करने के लिए, अपने रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखें।

3. थायराइड की समस्या

अध्ययन हाइपोथायरायडिज्म (एक अंडरएक्टिव थायरॉयड स्थिति) और टेस्टोस्टेरोन के स्तर के बीच संबंध का संकेत देते हैं। थामके कहती हैं, “हाइपोथायरायडिज्म सेक्स हार्मोन-बाइंडिंग ग्लोब्युलिन (SHBG) के उत्पादन को कम कर सकता है। यह किसी व्यक्ति के रक्त में सेक्स हार्मोन को संतुलित करने के लिए अभिन्न अंग है। यदि एसएचबीजी का स्तर बहुत कम हो जाता है, तो टेस्टोस्टेरोन का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में किसी को अनियमित पीरियड्स जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।”

4. कंजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया

कंजेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लासिया (CAH) जेनेटिक विकारों का एक समूह है जो एड्रेनलिन ग्लैंड को प्रभावित करता है और इसके परिणामस्वरूप टेस्टोस्टेरोन या एण्ड्रोजन का अत्यधिक उत्पादन हो सकता है।

Testosterone female ke low libidoka kaaran hai
टेस्टोस्टेरोन एक पुरुष सेक्स हार्मोन या एण्ड्रोजन जोमहिलाओं में लो लिबीडो का कारण होता है। चित्र:शटरस्टॉक

5. हिर्सुटिज़्म

इसका मतलब है चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बाल होना। महिलाओं में उच्च टेस्टोस्टेरोन कई बार साधारण हिर्सुटिज़्म से आगे निकल सकता है जिससे बाल झड़ना, स्तन के आकार में कमी और मुंहासे हो सकते हैं।

6. अधिक वजन होना

यदि आप अधिक वजन वाले हैं, तो आप हार्मोनल असंतुलन का अनुभव कर सकते हैं और इसके परिणामस्वरूप आपके शरीर में टेस्टोस्टेरोन का उच्च स्तर हो सकता है। स्वस्थ वजन बनाए रखने से आपको उच्च टेस्टोस्टेरोन के जोखिम को कम करने, अपने हार्मोन को संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

7. व्यायाम की कमी

नियमित व्यायाम इंसुलिन के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है और वजन प्रबंधन में मदद करता है। हालांकि, व्यायाम न करने से उच्च रक्त शर्करा का स्तर और वजन बढ़ सकता है जिससे शरीर में उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर हो सकता है।

यदि आप उच्च टेस्टोस्टेरोन के लक्षण देख रहे हैं तो बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर से मिलें!

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