जानिए क्यों किसी भी नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड से ज्यादा भरोसेमंद हैं कंडोम

नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड्स को हार्मोनल विधियों से ज्यादा बेहतर माना जाता है। पर इनमें भी कंडोम पर सबसे ज्यादा लोग भरोसा करते हैं।

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फीमेल कंडोम का उपयोग कैसे करें। चित्र : शटरस्टॉक
अंजलि कुमारी Published on: 22 August 2022, 20:36 pm IST
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प्रेगनेंसी को अवॉइड करने के लिए तरह-तरह के बर्थ कंट्रोल मेथड का इस्तेमाल किया जाता है। ये दो तरह के होते हैं हार्मोनल मेथड और नॉन हार्मोनल मेथड। हालांकि, सभी बर्थ कंट्रोल मेथड्स के अपने कुछ अच्छे और बुरे प्रभाव होते हैं। पर एक्सपर्ट नाॅन हार्मोनल मेथड को अपनाने की ज्यादा सलाह देते हैं। अलग-अलग तरह के नाॅन हार्मोनल मेथड होने के बावजूद ज्यादातर लोग कंडोम पर ही भरोसा करते हैं। एक्सपर्ट भी मानते हैं कि ये अन्य विधियों से ज्यादा भरोसेमंद हैं। आइए जानते हैं इसे बारे में विस्तार से।

पहले जानिए क्या है नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल

नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड महिलाओं के हार्मोन्स को प्रभावित किए बिना प्रेगनेंसी को रोकने में मदद करते हैं। इसका एक सबसे सटीक उदाहरण है कंडोम। हालांकि, कंडोम से तो आप सभी वाकिफ होंगे परंतु कई और नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड हैं, जिसकी जानकारी होना भी बहुत जरूरी है।

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आखिर क्यों नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल ज्यादा सेफ हैं। चित्र : शटरस्टॉक

आखिर क्यों नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल ज्यादा सेफ हैं

बार-बार गर्भनिरोधक दवाइयों का सेवन महिलाओं के हार्मोन्स को असंतुलित कर देता है। इस वजह से आगे चलकर कंसीव करने में परेशानी होती है। ऐसे में सही समय पर सही चीज का चयन करना बहुत जरूरी है। नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड आपकी इस समस्या का एक उचित समाधान हैं।

हार्मोनल बर्थ कंट्रोल पिल्स हार्मोन्स को इंबैलेंस करने के साथ ही सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज से प्रोटेक्ट नहीं कर पातीं। परंतु नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल, न तो आपके शरीर के अंदरूनी हिस्सो को नुकसान पहुंचती हैं और साथ ही इंफेक्शन और एलर्जी ट्रांसफर होने की संभावना को भी बहुत हद तक कम कर देती हैं।

हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड का इस्तेमाल ब्लड क्लॉट्स और ब्रेस्ट कैंसर की संभावना को बढ़ा देता हैं। इसके साथ ही कई लोगों मे मूड स्विंग्स और वजन बढ़ने जैसे साइड इफेक्ट्स भी देखने को मिलते हैं।

यदि आप ब्रेस्ट फीडिंग करा रही हैं और साथ ही हार्मोनल पिल्स ले रही हैं, तो यह आपके बेबी तक भी ट्रांसफर हो सकता है।

यहां जानें अलग- अलग तरह के नॉन हार्मोनल बर्थ कंट्रोल मेथड्स और उनके जोखिम कारकों के बारे में

इन सभी विधियों को बैरियर मेथड कहा जाता है। इसमें महिलाओं के एग और पुरुषों के स्पर्म के बीच एक बैरियर बना दिया जाता है, जो दोनों को एक-दूसरे के साथ फर्टाइल नहीं होने देते।

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सेक्स के साथ सेहत का भी ध्यान रखें। चित्र:शटरस्टॉक

1. डायाफ्राम

डायाफ्राम एक सिलिकॉन कप होता है, जिसे वेजाइना के अंदर फिक्स कर दिया जाता है। यह स्पर्म को यूट्रस तक नहीं पहुंचने देता। डायाफ्राम का इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर्स की सलाह लेना जरुरी है।

रिसर्च की मानें तो यदि आप डायाफ्राम का इस्तेमाल कर रही हैं, तो प्रेगनेंसी की संभावना केवल 6% तक होती हैं। परंतु इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना भी जरूरी है, अन्यथा प्रेगनेंट होने के चांस बढ़ जाते हैं।

2. सर्वाइकल कैप

सर्वाइकल कैप सिलिकॉन का बना हुआ हैट शेप का एक मैटिरियल है, जो महिलाओं के सर्विक्स के ऊपर लगाया जाता है, ताकि स्पर्म यूट्रस तक न पहुंच पाए। रिसर्च की मानें तो इसे प्रयोग करने वाली 100 में से 20 महिलाएं हर साल प्रेगनेंट हो जाती हैं। इसका मतलब कि इसके फेल होने की संभावना 20% तक होती है।

हालांकि इसका इस्तेमाल डॉक्टर की निगरानी में ही करना उचित रहेगा। क्योंकि इससे ब्लैडर में इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं यदि आप फ्रिक्वेंट सेक्स नहीं करती हैं, तो इसे इस्तेमाल न करें। इसके साथ ही यदि आप अतीत में किसी प्रकार के पेल्विक डिजीज से पीड़ित रही हैं, तो भी इसे इस्तेमाल करने से बचें।

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सेफ सेक्स है जरुरी। चित्र: शटरस्‍टॉक

3. मेल कंडोम

कंडोम लेटेक्स का बना एक पतला बैलून जैसा होता है। जिसे पुरुष सेक्स के दौरान अपने पेनिस पर लगाते हैं, यह स्पर्म को होल्ड कर लेता है और एग्स तक पहुंचने से रोकता है। इसे प्रेगनेंसी प्रिवेंट करने के लिए काफी प्रभावी माना जाता है।

कंडोम नॉन हार्मोनल मेथड में सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाने वाला मेथड है। यह एसटीआई जैसी समस्याओं को भी रोकता है। इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको किसी तरह के मेडिकल प्रिसक्रिप्शन की जरूरत नहीं पड़ती। आप इसे केमिस्ट शॉप से खरीद कर खुद इस्तेमाल में ला सकते हैं। हालांकि, फ्लेवर कंडोम को इस्तेमाल करने से बचें।

4. फीमेल कंडोम

लेटेक्स का बना हुआ एक प्रकार का पतला ट्यूब होता है, जिसे वेजाइना के अंदर इंसर्ट करते हैं। इसके दोनों ओर फ्लैक्सिबल रिंग्स बने होते है। हालांकि, यह एक ओर से बंद होता है, ताकि स्पर्म को यूट्रस तक जाने से रोक सके। हालांकि, यह उतना ज्यादा प्रभावी नहीं होता, परंतु यदि इसका इस्तेमाल सही तरीके से किया जाए तो यह प्रेगनेंसी प्रिवेंट कर सकता है।

फीमेल कंडोम आपको आसानी से मेडिकल स्टोर पर मिल जाएंगे। वहीं यह सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिजीज को ट्रांसफर होने से रोकता है। यदि आप अभी काफी ज्यादा यंग है, और रेगुलर सेक्स कर रही हैं, तो इसके इस्तेमाल से बचें। क्योंकि फीमेल कॉन्डम का इस्तेमाल करने से प्रेग्नेंट होने की संभावना काफी ज्यादा होती है।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी- नई दिल्ली में जर्नलिज़्म की छात्रा अंजलि फूड, ब्लॉगिंग, ट्रैवल और आध्यात्मिक किताबों में रुचि रखती हैं।

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