योनि में खुजली : जानिए क्‍या है इसका कारण और बचने के 9 एक्‍सपर्ट टिप्‍स

योनि में होने वाली खुजली सबसे ज्‍यादा खराब और शर्मिंदा करने वाली होती है। यहां हम एक एक्‍सपर्ट को लेकर आए हैं, जो बता रहीं हैं इससे बचने के कुछ खास उपाय।
गलत तरह से धोने से वेजाइना में संक्रमण हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
गलत तरह से धोने से वेजाइना में संक्रमण हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated: 23 Nov 2023, 03:20 pm IST
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गर्मियां आ गई हैं और गर्मियों के साथ ही आ गईं हैं वे सारी परेशानियां जि‍नसे आप हमेशा बचना चाहेंगी। इनमें सबसे ज्यादा परेशान करता है पसीना। वो भी कुछ ऐसी जगहों पर जहां आप हेल्पलेस होती हैं। जिसकी वजह से खुजली और इरिटेशन होने लगती है। जी हां हम बात कर रहे हैं वेजाइना की। गर्मी और पसीने के कारण होने वाली वेजाइनल इचिंग सबसे ज्यादा शर्मिंदा करने वाली समस्याओं में से एक है। इसकी वजह चाहें जो भी हो पर यह शुक्र है कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है।

वेजाइना में होने वाली खुजली की असल वजह क्या है और इसे कैसे रोका जा सकता है इसके लिए हमने डॉ. स्वाति गायकवाड़ से बात की। डॉ. स्वाति मदरहुड हॉस्पिटल पुणे में कंसल्टेंट ऑब्‍स्‍टेट्रिशियन और गाइनीकोलॉजिस्ट हैं। आइए जानते हैं वे क्या कहती हैं इस संदर्भ में :

डॉ. गायकवाड़ के अनुसार वेजाइना में खुजली होने के कई कारण हो सकते हैं :

“यौन संचरित रोग, बैक्टीरियल इंफेक्शान और फंगल इंफेेक्शन वेजाइनल इचिंग के मुख्य कारण हो सकते हैं।”

1 नॉन इंफेक्शियस इचिंग :

वे कहती हैं, “यह असल में वेजाइनल एरिया में ड्रायनेस के कारण हो सकती है। हमें अपनी योनि की त्वचा का भी उसी तरह ख्याल रखना चाहिए जैसे हम अपने होंठों का ख्याल रखते हैं। हमें इसे हर रोज मॉइश्चाराइज करना चाहिए।“

2 हॉर्मोन की कमी से होने वाली खुजली:

डॉ. गायकवाड़ कहती हैं, “कभी-कभी हॉर्मोन की कमी से भी योनि में खुजली होने लगती है। जैस रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं में योनि में सूखापन आने लगता है। इस स्थिति को एट्रोफि‍क वेजीनिटिस (atrophic vaginitis) कहा जाता है। यह हॉर्मोन में कमी के कारण होती है।“

यहां हम आपको वे 9 उपाय बता रहे हैं, जिनसे आप इस समस्या को नियंत्रित कर सकती हैं :

1 वेजाइना का पीएच लेवल संतुलित रखें

वह स्पष्ट करती हैं, “वेजाइना में इचिनेस से बचने के लिए यह बहुत जरूरी है कि वेजाइना का पीएच लेवल संतुलित रहे। यह एसिडिक होना चाहिए। असल में लेक्टिक एसिड इचिनेस से बचाने में मदद कर सकता है। आपकी योनि का आदर्श पीएच लेवल 4.5 से 5.5 के दरमियान होना चाहिए।“

2 डोचिंग से बचें

यदि आप योनि में होने वाली खुजली से बचने के लिए डोचिंग का इस्‍तेमाल करने वाली हैं, तो इसके लिए हमारी बिग नो है। “आपको नियमित आधार पर डचिंग से बचना चाहिए। वास्तव में, आप यह केवल तभी कर सकती हैं, जब आपको अपने इंटीमेट एरिया में किसी तरह की गंदगी महसूस हो रही है।”, वह कहती है।

3 साबुन के प्रयोग से बचें 

“यद्यपि, मैं किसी भी क्‍लींजर का उपयोग करने की सिफारिश नहीं करती, क्योंकि योनि का अपना एक क्‍लींजिंग सिस्‍टम है। लेकिन यदि आप खुद को साफ रखने के लिए किसी भी तरह के प्रोडक्‍ट का इस्‍तेमाल कर रहीं हैं, तो आपको उन्‍हें खरीदने से पहले यह ध्‍यान देना चाहिए कि वे साबुन मुक्‍त हों और उनका पीएच लेवल भी संतुलित हो।

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योनि को साफ करने के लिए आपको किसी तरह के क्‍लींजर की जरूरत नहीं होती। चित्र : शटरस्टॉक

4 अपनी योनि को मॉइस्चराइज करें

यह अजीब लग सकता है लेकिन आपको नियमित रूप से अपनी योनि को मॉइस्चराइज करने की आवश्यकता है। “योनि का क्षेत्र बहुत नाजुक होता है और वहां सूखेपन से बचने के लिए आप नारियल तेल या बिना खुशबू वाले किसी भी मॉइश्‍चराइजर का इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

5 गर्मियों में न पहनें सिंथेटिक जांघिया

सिंथेटिक जाँघिया पहनना कभी भी अच्छा नहीं माना जाता। हमारी विशेषज्ञ भी इस बात का समर्थन करती हैं। इसके अलावा, वह यह भी सिफारिश करती है कि गर्मियों में एक ही पैंटी को पूरे दिन नहीं पहने रहना चाहिए, खासकर तब, जब आपको ज्‍यादा पसीना आता हो। वह सिंथेटिक के बजाय सूती पैंटी पहनने की सलाह देती है।

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गर्मियों में फैंसी नहीं कॉटन की पैंटी को प्राथमिकता दें। चित्र : शटरस्टॉक

6 जरूरी है मासिक धर्म स्‍वच्‍छता

डॉ. गायकवाड़ सुझाव देती हैं, “हम हमेशा मासिक धर्म स्वच्छता की ओर कम ध्‍यान दे पाते हैं। यदि आपकी मासिक धर्म स्वच्छता अच्छी नहीं है तो आपकी योनि में खुजली और अन्‍य समस्‍याएं होने की संभावनाएं ज्‍यादा बढ़ जाती हैं। आपको हर 4 से 6 घंटे के बाद अपना सैनिटरी नैपकिन बदलना चाहिए। और यदि आप एक टैम्पोन या मेंस्‍ट्रुअल कप पहनती हैं, तो आपको हर 5 से 6 घंटे के बाद इसे बदलना चाहिए।”

 7 हाथों की स्वच्छता बहुत जरूरी है

“हमारे नाखून संक्रमण का सबसे बड़ा स्रोत हैं। यही कारण है कि हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि हमारे हाथ भी पूरी तरह साफ और स्‍वच्‍छ होने चाहिए।”

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यौन स्‍वच्‍छता के लिए आपके हाथों की स्‍वच्‍छता पर भी ध्‍यान देना जरूरी है। चित्र : शटरस्टॉक

8 रेजर का उपयोग न करें

वह कहती हैं, “आपको कभी भी अपनी  योनि की त्वचा पर रेजर का उपयोग नहीं करना चाहिए। “अपने बालों को 1 या 2 मिमी तक ट्रिम करना हमेशा बेहतर होता है। अन्यथा, त्वचा के फॉलिकुलिटिस नामक बाल संक्रमण होने की संभावना बढ़ जाती है।”

9 आहार भी मायने रखता है

“आपको हाइड्रेटेड रहना चाहिए, छाछ, दही आदि जैसे प्रोबायोटिक्स का सेवन करना भी जरूरी है। बेहतर प्रतिरक्षा के लिए विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट को अपने आहार में शामिल करें।”

डॉ. गायकवाड ने यह भी सुझाव देती हैं कि यदि आप सोरायसिस जैसे त्वचा संक्रमण की शिकार हैं, तो आपको इसके लिए उचित उपचार करवाना चाहिए। क्योंकि इससे आपकी योनि में खुजली हो सकती है। “ योनि खुजली को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। यदि आप इसे अक्सर अनुभव करती हैं, तो मैं सुझाव दूंगी कि आप जितनी जल्दी हो सके अपने डॉक्टर से मिलें।”

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तो लेडीज, हमने वे उपाय बता दिए हैं, जिन्‍हें फॉलो करके आप योनि में होने वाली खुजली से बच सकती हैं। पर अगर आपको बार-बार योनि में खुजली का अनुभव हो रहा है तो आपको किसी डॉक्‍टर से जरूर परामर्श करना चाहिए। यह आपके शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्‍सा है। इसके प्रति आपको बिल्‍कुल भी लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए।

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