बढ़ती उम्र के साथ पीरियड्स वाला पेन बढ़ रहा है तो जानें इसपर एक्सपर्ट की राय  

पीरियड क्रैम्प किसी के लिए भी एक बुरा सपना है, चलिए जानें कई बार यह दर्द बढ़ती उम्र के साथ ही क्यों बढ़ता चला जाता है

Periods bloating
जानिए बढ़ती उम्र के साथ पीरियड्स का दर्द बढ़ता क्यों जाता है । चित्र: शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated on: 13 September 2022, 10:07 am IST
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पीरियड क्रैम्प किसी के लिए भी एक बुरा सपना है, लेकिन उनसे बचाव के लिए बहुत कुछ नहीं किया जा सकता। कई महिलाओं को उम्र बढ़ने के साथ कम दर्द होता है। पर कई बार यह दर्द बढ़ती उम्र के साथ ही बढ़ता चला जाता है(reasons of periods cramp worsen with age)

दुर्भाग्य से, महिलाओं के लिए इस दर्द का कोई इलाज नहीं खास करके तब जब वे अपने 30 या 40 के दशक से गुज़र रही हों। यह असहनीय दर्द कईअन्य लक्षणों के साथ महसूस हो सकता है जैसे अनियमित पीरियड्स, सेक्स के दौरान होने वाला दर्द और योनि से दुर्गंध आना। ऐसी कुछ स्थितियों में ध्यान देने और डॉक्टर की सलाह लेने की ज़रूरत पड़ सकती है। यदि आप पीरियड्स के असहनीय दर्द या इनमें से किसी भी लक्षण का अनुभव कर रही हैं, तो आपका अगला कदम निश्चित तौर पर अपने डॉक्टर से मिलना होना चाहिए, जहां आप अपनी स्थिति पर खुलकर बात कर सकती हैं और यदि ज़रूरी हो तो इसके लिए उचित उपचार भी प्राप्त कर सकती हैं।

पीरियड्स क्रैम्प का उम्र के साथ अचानक बढ़ने के कारण:

1 एडिनोमायोसिस

एडिनोमायोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें गर्भाशय की परत में मौजूद ऊतक(tissues) भी गर्भाशय की मांसपेशियों के साथ बढ़ता जाता है। यह ऊतक आगे जाकर मोटे हो जजाते हैं और और पीरियड्स के दौरानब्लड के साथ आ जाती हैं जिसके कारण भारी रक्तस्राव हो सकता है। परिणामस्वरूप सूजे हुए गर्भाशय और भारी रक्तस्राव हो सकता है। यह स्थिति आपको पीरियड्स के दौरान तेज दर्द का अनुभव भी करा सकती है।

2 फाइब्रॉएड

फाइब्रॉएड जो आगे चलकर कैंसर नहीं बनता एक ऐसी वृद्धि है जो एक महिला के प्रसव के दौरान गर्भाशय में या उसके आसपास विकसित होती है। यह आमतौर पर शरीर में उच्च एस्ट्रोजन के स्तर के कारण विकसित होते हैं।

स्वस्थ संतुलित आहार और व्यायाम  बढ़ती उम्र के साथ अधिक आवश्यक हो जाता है ,चित्र: शटरकॉक

फाइब्रॉएड अलग-अलग तीव्रता के साथ पेट या पीठ के निचले हिस्से में दर्द पैदा कर सकता है। इस वजह से भी आपको हैवी पीरियड्स हो सकते हैं। फाइब्रॉएड आमतौर पर रजोनिवृत्ति के बाद सिकुड़ जाते हैं साथ ही एस्ट्रोजन का स्तर भी कम हो जाता है।

3 एंडोमेट्रियोसिस

एंडोमेट्रियोसिस एक ऐसी स्थिति है जिसमें अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब  और गर्भाशय के बाहर ऊतक पाया जाता है। यह स्थिति ज्यादातर महिलाओं को उनकी प्रसव उम्र के दौरान प्रभावित करती है। एंडोमेट्रियोसिस से मासिक धर्म के दौरान पेट दर्द, पीठ दर्द, भारी रक्तस्राव, गर्भावस्था में जटिलताएं, शौचालय जाने पर दर्द जैसी और भी कई तकलीफें हो सकती हैं। इस स्थिति में भी डॉक्टर के पास ज़रूर जाना चाहिए।

4 पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID)

यह महिला प्रजनन अंगों (reproductive organ of body) का संक्रमण है जो आमतौर पर यौन संचारित संक्रमणों के कारण होता है। इस समस्या के होने पर गर्भाशय, फैलोपियन ट्यूब और अंडाशय प्रभावित अंग हो सकते हैं। जब आप पीआईडी ​​से पीड़ित होते हैं तो पीरियड्स क्रैम्प का दर्द असहनीय रूप से बढ़ जाता है और आपको पेट के निचले हिस्से में दर्द का अनुभव होता है

5 तनाव

तनाव हम सभी को होता ही है पर बहुत अधिक तनाव मासिक धर्म चक्र की अवधि को भी बाधित कर सकता है . आपका मिजाज और मासिक धर्म के दर्द जैसे लक्षणों को यह और भी बदतर बना सकता है। जब आपका शरीर तनाव में होता है, तो यह कभी-कभी इनफ्लेमेट्री रिएक्शन्स को मैनेज करने की क्षमता खो देता है। तनाव शरीर में इनफ्लेमेट्री केमिकल्स की मात्रा को बढ़ा सकता है जो पीरियड क्रैम्प्स का दर्द बढ़ा देता है।

6 वजन बढ़ना

उम्र बढ़ने के साथ हमारे वजन में उतार-चढ़ाव होना स्वाभाविक है। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, नियमित व्यायाम के साथ-साथ एक स्वस्थ संतुलित आहार और अधिक आवश्यक हो जाता है। वजन में उल्लेखनीय वृद्धि आपके मासिक धर्म के चक्र को भी प्रभावित कर सकती है। लेकिन सही वेट मैनेजमेंट से आप वजन बढ़ने के साथ होने वाली दिक्कतों से बच सकती हैं। नियमित व्यायाम, योग और स्वस्थ आहार आगे जाकर काफी लाभ दे सकते हैं।

7 पॉलीप्स

यूटेराइन पॉलीप्स भी एक माइल्ड बढ़ोत्तरी है जो गर्भाशय की इनर वॉल्स में विकसित होती हैं। यह इंटरनल ऑर्गन में आगे भी फैल सकता है। आमतौर पर यह गर्भाशय की परत में कोशिकाओं के बहुत ज़्यादा बढ़ने  कारण होता है।

Yoga-to-increase-height
योगा के साथ करें लाइफस्टाइल में बदलाव। चित्र शटरस्टॉक

पॉलीप्स आमतौर पर तब विकसित होते हैं जब एक महिला रजोनिवृत्ति के करीब होती है। अक्सर, पॉलीप्स के कोई लक्षण नहीं होते हैं लेकिन कुछ मामलों में इसकी वजह से मासिक धर्म के समय गंभीर दर्द होता है।

पीरियड्स के दर्द से बचने के उपाय

मासिक धर्म की ऐंठन यानी पीरिड्स क्रैम्प को सहना मुश्किल होता है ऐसे में आप जब भी चाहें ज़रूरी मेडिकल हेल्प ले सकती हैं। नियमित रूप से व्यायाम करना के साथ पीरियड्स के दर्द को दूर करने या कम करने में हो सकता है। पीरियड्स के दर्द को कम करने के लिए आप कुछ आयुर्वेदिक उपायों को भी अपना सकती हैं ।

इसके साथ ही अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। जीवन शैली में बदलाव कर अपने तनाव को नियंत्रित करने की ज़रूरत है। एंडोमेट्रियोसिस जैसी स्थितियां गंभीर हैं और अगर इनका समय पर निदान न किया जाए तो यह और भी खराब हो सकती है। यदि आप इन लक्षणों का अनुभव कर रही हैं, तो फ़ौरन डॉक्टर की सलाह लें।

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