अपनी वेजाइनल हेल्थ का ख्याल रखने के लिए आहार में शामिल करें ये चीज़ें

हम सब यह जानते हैं कि खानपान का स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ता है। इतना ही नहीं, हमारी वेजाइनल हेल्थ भी इसपर निर्भर करती है। तो जानिए वेजाइनल हेल्थ के लिए बेस्ट फूड्स।
वेजाइनल हाइजीन के लिए खाएं ये फूड्स। चित्र:शटरस्टॉक
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बरसात के मौसम में किसी भी प्रकार का संक्रमण होना बहुत आम है। यह सब वातावरण में नमी और हयूमिडिटी के कारण होता है। ऐसे में वेजाइनल इन्फेक्शन (Vaginal Infection) होना भी बहुत आम है। यह असामान्य योनि स्राव, खुजली, जलन और बेचैनी के कारण हो सकता है।

योनि में मुख्य रूप से स्वस्थ माइक्रोबायोटा होता है, जब अस्वस्थ माइक्रोबायोटा की कंसिस्टेंसी स्वस्थ बैक्टीरिया से अधिक होती है, तो महिलाओं को योनि संक्रमण हो जाता है क्योंकि इसका सुरक्षात्मक प्रभाव खो जाता है। मूत्रमार्ग और गुदा से योनि की निकटता से इसे और बढ़ाया जाता है। इसके अलावा, खराब वेजाइनक हेल्थ आपकी लो इम्यूनिटी (Immunity) को दर्शाती है।

योनि संक्रमण का इलाज करना मुश्किल हो सकता है क्योंकि यह बार-बार होता है। इसलिए, सबसे ज़रूरी है कि खानपान में थोड़े बदलाव किए जाएं, जिससे आप योनि संक्रमण को दूर रख सकें। इस बारे में अधिक जानने के लिए हमने मसीना हॉस्पिटल, मुंबई की सलाहकार प्रसूति रोग और प्रजनन विशेषज्ञ, डॉ. मन्ज़र अल्तमश शेख से बात की।

जानिए खानपान की मदद से कैसे रख सकती हैं आप अपनी वेजाइनल हेल्थ का ख्याल

इन पोषक तत्वों को करें अपने आहार में शामिल

डॉ. मन्ज़र के अनुसार – फोलेट, बी, सी, ए, ई विटामिन, जिंक और बी कैरोटीन जैसे खनिज वेजाइनल हेल्थ के लिए बिल्कुल अनुकूल होते हैं। इनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं जिससे म्यूकोसल इम्युनिटी बढ़ती है। फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर एक संतुलित, स्वस्थ आहार,योनि के पीएच को बनाए रखने में मदद कर सकता है।

ज़्यादा फैट न खाएं

वसा से भरपूर आहार बीवी (Bacterial Vaginosis) के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है। आहार में वसा योनि के पीएच को बढ़ा सकती है और इस प्रकार बीवी की संभावना को बढ़ा सकती है। संतृप्त वसा गट की इम्युनिटी को कम करके भी कार्य कर सकता है। बिना वसा वाले डेयरी उत्पाद में शामिल है दही, पनीर, प्याज, लीक, शतावरी, लहसुन, सोयाबीन और जई आदि।

प्रोबायोटिक्स योनि स्वास्थ्य के लिए उत्कृष्ट हैं! चित्र : शटरस्टॉक

प्रोबायोटिक्स

प्रोबायोटिक्स गट हेल्थ के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। यह गट माइक्रोबायोटा को बनाए रखने में मदद करता है। यह बार – बार होने वाले संक्रमण के जोखिम को कम करता है। इसलिए अपने आहार में प्रोबायोटिक्स युक्त चीज़ें शामिल करें जैसे – दही, किमची, रसदार फल आदि।

कच्ची चीजों से दूर रहें

हरी पत्तेदार सब्जियों, ताजी सब्जियों का खूब सेवन करें। खूब सारे तरल पदार्थ लेकर अच्छी तरह से हाइड्रेटेड रहें। ऐसे फल और सब्जियां जिन्हें ठीक से धोया और साफ नहीं किया जाता है, से बचना चाहिए। कच्चा या अधपका मांस या मुर्गी खाने से बचें।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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