आपके निजी अंगों के लिए परेशानी बन रहा है पसीना? ये 3 तरीकें करेंगे स्किन फ्रिक्शन से बचाव

गर्मियों में आपकी त्वचा की एक-दूसरे से रगड़ परेशानी का कारण बन सकती है। खासतौर से जांघ के अंदरूनी हिस्से में। पर इनसे बचने का उपाय है।

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इन दिनों गर्मी के कारण जांघों और अंडरआर्म्स पर चब रब की समस्या हो रही है तो उपाय जानिए। चित्र: शतरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated on: 9 May 2022, 15:39 pm IST
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गर्मी में तेज धूप और पसीने केे कारण कई सारी स्किन प्रॉब्लम्स हो जाती हैं। इन्हें हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। ये समस्याएं हमें खूब परेशान करती हैं। कपड़ों की स्किन पर रगड़ के कारण रैशेज या दूसरी समस्या हो जाती है, इससे दर्द, चुभन और जलन भी होती है। आम तौर पर जांघों और अंडरआर्म्स पर ये समस्याएं होती हैं। कई बार इनकी वजह से चलने में भी असुविधा होती है। इसे चब रब (Chub rub) कहते हैं। आइए जानते हैं इससे बचने के उपाय (how to stop chub rub)।

स्किन संबंधी इन समस्याओं से बचने के लिए हेल्थ शॉट्स ने स्किन केयर एक्सपर्ट सुश्री महरुख टी रुस्तमजी से बातचीत की। वे बता रहीं हैं स्किन छिलने या चब रब के बारे में सब कुछ।

शरीर के इन अंगों पर सबसे ज्यादा छिलती है त्वचा

अंडरआर्म्स
जांघ
निप्पल एरिया
ग्रॉइन
कंधे
ब्रेस्ट के नीचे का एरिया

रुस्तमजी के अनुसार, स्किन पर रैशेज या दूसरी स्किन प्रॉब्लम्स से बचा जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि स्किन पर होने वाले फ्रिक्शन से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

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चब रब या स्किन फ्रिक्शन से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

1. रहें क्लीन और ड्राय

यदि आपकी स्किन गीली रहती है, तो आपको ज्यादा समस्या हो सकती है। अपने अंडर एरिया को हमेशा सूखा रखें। यदि आपको बहुत अधिक पसीना आता है, तो चारों ओर एक बढ़िया हल्का लोशन लगाना सबसे जरूरी उपाय है। ढीले-ढाले और हल्के कपड़े पहनें, जो गीले होने पर जल्दी सूखते भी हों।

garmi ke mausam me saaf safai behad jharuri hai
गर्मियों में शरीर की नियमित साफ-सफाई करना बेहद जरुरी है। चित्र : शटरस्टॉक

2. एंटी-चफिंग या रगड़ से बचाने वाली जेल या क्रीम का इस्तेमाल

एक अच्छी एंटी-चफिंग क्रीम या जेल का इस्तेमाल न केवल आपका इस समस्या से बचाव करता है, बल्कि घंटों तक स्किन को कपड़ों से होने वाले फ्रिक्शन की समस्या से बचाता है। यह जेल या क्रीम त्वचा और कपड़ों के बीच एक इनविजिबल बैरियर बनाता है।

3. सही ड्रेस का चुनाव

नेचुरल फाइबर से बने कपड़े पहनें, जो कम्फर्टेबल होने के साथ-साथ नमी को भी दूर रखते हों। वर्कआउट या खेल में भाग लेने के दौरान सूती कपड़े पहनने से बचें। क्योंकि वे पसीने को तो सोख लेते हैं, लेकिन बैक्टीरिया के ग्रो करने में मदद कर सकते हैं।

यदि आपकी जांघों में रैशेज हो गए हैं, तो शॉर्ट्स पहने। ऐसे शॉर्ट्स जो साइकिलिस्ट पहनते हैं। यदि ब्रेस्ट के लोअर पार्ट में स्किन प्रॉब्लम होने की संभावना हो, तो फ्रिक्शन से बचने के लिए एथलेटिक क्लॉद्स और स्मूद सीम वाली ब्रा पहनें। स्किन टाइट जींस और टाइट कपड़े पहनने से बचें।

यदि कुछ इस तरह की स्किन प्रॉब्लम हो गई हैं, तो उस स्थान को फ्रिक्शन से बचाएं। वरना समस्या और बढ़ सकती है। इस संबंध में कुछ मिथ्स भी हैं, जिनके बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।

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मिथ 1: मोटे लोगों को इस समस्या का खतरा अधिक होता है

तथ्य: जांघों या शरीर के अन्य अंगों में फ्रिक्शन के कारण किसी को भी रैशेज हो सकते हैं। अधिक पसीना निकलने, स्किन तक हवा न पहुंचने तथा ड्राय स्किन होने पर भी यह समस्या हो सकती है। रुस्तमजी के अनुसार, यदि आप पहले बताई गई किसी समस्या से पीड़ित नहीं हैं, उसके बावजूद स्किन पर फ्रिक्शन के कारण जांघ, अंडरआर्म्स पर रैशेज हो सकते हैं। इसलिए यह समस्या मोटे और पतले दोनों लोगों में हो सकती है।

मिथ 2: टेलकम पाउडर का इस्तेमाल है फायदेमंद

तथ्य: टेलकम पाउडर उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यह नमी को सोखता है। कई रिसर्च के अनुसार, टेल्कम पाउडर को ग्रॉइन क्षेत्र से दूर रखना चाहिए, क्योंकि ये इनर पार्ट्स को नुकसान पहुंचाते हैं। रुस्तमजी के अनुसार, टेलकम पाउडर गीले एरिया को ड्राय कर सकता है, लेकिन यह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से सही नहीं है।

मिथ 3: जांघों पर छाले पड़ने से अधिक आता है पसीना

तथ्य: ऐसा नहीं होता है। पसीना बॉडी को नमीयुक्त बनाने के लिए आता है। जांघों पर यदि छाले या रैशेज हो गए हैं, तो इससे स्किन काली पड़ सकती है, लेकिन अधिक पसीना नहीं आ सकता है।

मिथ 4: केवल एथलीट को ही यह समस्या होती है

तथ्य: यह सच है कि बहुत अधिक एक्टिविटीज करने के कारण एथलीट की स्किन पर लगातार फ्रिक्शन होता रहता है। इससे पसीना अधिक आ सकता है और स्किन पर रगड़ भी पड़ सकती है। लेकिन सामान्य लोग भी एथलीट की तरह इस समस्या से बराबर जूझ सकता है।

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मिथ 5: यह सिर्फ जांघ में होता है

तथ्य: यह गलत है। महिलाओं की बॉडी के निचले हिस्सों में इस समस्या के कारण खुजली हो सकती है। योनि के आसपास के क्षेत्र में अक्सर बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाता है। ऐसा पसीने और स्किन पर रगड़ के कारण हो जाता है। यह शरीर के किसी भाग में हो सकता है, लेकिन इसके कारण अंडरआर्म्स, जांघों, निप्पल एरिया और ग्रॉइन विशेष रूप से प्रभावित होते हैं। आप केवल इतना कर सकती हैं कि अपनी स्किन को रगड़ से बचायें।

यदि आप किसी खेल या अन्य शारीरिक गतिविधियों में शामिल होती हैं, तो इस समस्या से प्रभावित होने की अधिक संभावना होती है। इससे बचाव के उपाय करने के साथ-साथ आप सिलिकॉन आधारित एंटी-चफिंग प्रोडक्ट और बैरियर जेल का जरूर इस्तेमाल करें।

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