कैसे आपकी फर्टिलिटी को बढ़ाने में प्रोटीन रिच फूड है मददगार

हर एक पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए जरूरी है। आज हम बात करेंगे प्रोटीन की और आपको बताएंगे कि किस तरह से प्रोटीन के ज़रिए महिलाओं में फर्टिलिटी को बढ़ाया जा सकता है।

protine fertility ko kaise badhata hai
जानिए प्रोटीन से भरपूर खाना आपकी फर्टिलिटी को कैसे बढ़ाता है। चित्र : अडोबी स्टोक
संध्या सिंह Updated on: 2 January 2023, 21:05 pm IST
  • 134

गर्भवती महिला जो भी खा ती है, उसका प्रभाव, गर्भावस्था के समय और स्तनपान के दौरान बच्चे के विकास और उसके स्वास्थ्य पर पड़ता है। आहार के साथ प्रोटीन का सेवन वास्तव में गर्भ में बच्चे के जीन या डीएनए को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए हर चरण में एक महिला के लिए प्रोटीन बहुत महत्वपूर्ण है। प्रोटीन में अमीनो एसिड होते हैं और ये न्यूरोट्रांसमीटर, हार्मोन, मेटाबॉलिक प्रतिक्रियाओं के लिए एंजाइम और अन्य सेल-सिग्नलिंग मॉड्यूलस बनाने के लिए आवश्यक हैं। हम जानते हैं कि प्रोटीन गर्भावस्था से पहले और गर्भावस्था के दौरान होने वाली माताओं के लिए महत्वपूर्ण है।

प्रोटीन मूल रूप से अमीनो एसिड नामक बिल्डिंग ब्लॉक्स से बने होते हैं। हमारे पूरे जीवनकाल में कोशिका वृद्धि (cell growth) और विकास के लिए अमीनो एसिड आवश्यक हैं। प्रोटीन न केवल हमारे अंगों, बल्कि हमारी त्वचा, बाल और हमारे शरीर के कई अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों की मूल संरचना का निर्माण करते हैं। अगर हम कम मात्रा में प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो हम मांसपेशियों की ताकत को खो सकते हैं और कमजोर हो सकते हैं।

फर्टिलिटी के लिए प्रोटीन कितना जरूरी है ये हमें बताया न्यूट्रिशनिस्ट और वेलनेस एक्सपर्ट करिश्मा शाह ने “एक महिला का सही मात्रा में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट्स लेना बहुत जरूरी है। इससे आपके शरीर में एक संतुलन बना रहता है और आप जंक फूड व अपौष्टिक आहार (Unhealthy Food) से बचे रहते है। जो आपके इंसुलिन को भी संतुलित करने में मदद करता है। क्योंकि बेहतर फर्टिलिटी के लिए इंसुलिन का बेहतर होना जरूरी है। इंसुलिन के असंतुलन की वजह से इनफर्टीलिटी, PCOS, हार्मोन इन बैलेंस, थायराइड की समस्या हो सकती है।

हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जो महिलाएं अधिक प्रोटीन खाती हैं उनमें कम प्रोटीन खाने वालों की तुलना में ओव्यूलेटरी इनफर्टिलिटी का काफी अधिक खतरा होता है, जो लोग प्रति दिन औसतन 115 ग्राम प्रोटीन खाते थे, उनमें ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी की संभावना उन लोगों की तुलना में 41% अधिक थी, जो प्रति दिन केवल 77 ग्राम प्रोटीन खाते थे।

Nurses’ Health Study का विश्लेषण हार्वर्ड के शोधकर्ताओं के एक समूह द्वारा किया गया है। इस अध्ययन में, पशु प्रोटीन की बढ़ती खपत – साथ ही कुल प्रोटीन का सेवन – ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी के बढ़ते जोखिम से जुड़ा था।

ओव्यूलेटरी इनफर्टिलिटी के बढ़ते जोखिम के लिए ज्यादातर रेड मीट और चिकन को जिम्मेदार ठहराया गया था। दिलचस्प बात यह है, कि मछली का सेवन ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी के लिए जोखिम नहीं था, और प्लांट प्रोटीन भी इसकी तुलना में सुरक्षित थे।

प्लांट प्रोटीन की बात करते हुए, हार्वर्ड के शोधकर्ताओं ने कैलोरी को स्थिर रखते हुए पशु प्रोटीन के बजाय प्लांट प्रोटीन खाने के प्रभाव को भी देखा। 25 ग्राम पशु प्रोटीन को 25 ग्राम प्लांट प्रोटीन के साथ बदलने से ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी के जोखिम को 50% कम देखा गया।

नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिसिन के अनुसार व्यस्कों को प्रतिदिन शरीर के वजन के प्रत्येक किलोग्राम के लिए कम से कम 0.8 ग्राम प्रोटीन या शरीर के वजन के प्रत्येक 20 पाउंड के लिए 7 ग्राम से अधिक प्रोटीन चाहिए होता है। 140 पौंड व्यक्ति के लिए प्रत्येक दिन लगभग 50 ग्राम प्रोटीन, और 200 पौंड व्यक्ति के लिए प्रत्येक दिन लगभग 70 ग्राम प्रोटीन चाहिए होता है।

protein kaise fertility ko badhata hai
प्रोटीन का सेवन गर्भ में बच्चे के जीन या डीएनए को प्रभावित कर सकता हैं। चित्र : अडोबी स्टॉक

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसन के अनुसार प्रोटीन युक्त आहार बताए गए है:

मसूर की दाल
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसन के अनुसार दाल भारत में रोजमर्रा के भोजन के लिए एक लोकप्रिय आहार है। मसूर के प्रत्येक कप में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन होता है जो इसे शाकाहारी प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत बनाता है। दाल को सूप के रूप में या रोटी या चावल के साथ भी खाया जा सकता है।

protein ke liye kare daal ka sewan
मसूर के प्रत्येक कप में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन होता है। चित्र : शटरस्टॉक

फलियां
फलियों में बीन्स की किस्में शामिल हैं जैसे किडनी बीन्स, ब्लैक बीन्स, छोले और इसी तरह की अन्य किस्में जिन्हें व्यापक रूप से प्रोटीन का पावरहाउस माना जाता है। चने में प्रति सर्विंग लगभग 15 ग्राम प्रोटीन होता है और इसमें कई अन्य तत्व और खनिज भी होते हैं जो आपको स्वस्थ, मजबूत और फिट रख सकते हैं।

beans me hota hai fiber
हरी बीन्स फाइबर से भरपूर होते हैं, व्यापक रूप से प्रोटीन का पावरहाउस माना जाता है चित्र: शटरस्‍टॉक

हरी सब्जियां
हरी सब्जियां विटामिन, खनिज (कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, मैग्नीशियम, आयरन), आहार फाइबर और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं।

green vegetable baalo ko banaenge strong
हरी सब्जियों से हमें भरपूर पोषक तत्व मिलते हैं, यह प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
चित्र शटरस्टॉक।

डेयरी उत्पाद
कैल्शियम प्रजातियों से भरपूर डेयरी उत्पाद हड्डियों के विकास के लिए अच्छे हो सकते हैं। और बड़ी संख्या में उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन आपके मेटाबॉल्ज़िम को बढ़ाने में मददगार होते हैं, इसलिए आप ज्यादा कैलोरी बर्न कर सकते है।

dairy products ke fayade
डेरी प्रोडक्ट्स से जिंक की कमी भी पूरी हो जाती है। चित्र : शटरस्टॉक

अंडा
अंडे उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, शरीर के लिए आवश्यक अमीनो एसिड, विटामिन और अन्य ट्रेस तत्वों पोटेशियम, सोडियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस से भरपूर होते हैं।

corona patient ke liye breakfast
अंडे में 22% सेलेनियम, विटामिन ए, विटामिन बी जैसे कोर विटामिन होते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

ये भी पढ़े- लिवर और किडनी को भी खराब कर सकता है ब्लैडर इनफेक्शन, ब्लैडर को स्वस्थ रखने में मदद करेंगे ये खास टिप्स

Infertility mythbuster : बेफिक्र रहें, बर्थ कंट्रोल प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करता

प्रोटीन पाउडर, फैट बर्नर से लेकर हार्ट अटैक तक, एक्सपर्ट से जानिए वेट लॉस के बारे में कुछ जरूरी बातें

  • 134
लेखक के बारे में
संध्या सिंह संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं।

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
nextstory

हेल्थशॉट्स पीरियड ट्रैकर का उपयोग करके अपने
मासिक धर्म के स्वास्थ्य को ट्रैक करें

ट्रैक करें