गर्भवती होने का कर रही हैं प्रयास, तो शरीर में ये बदलाव देते हैं ओव्यूलेशन का संकेत

ओव्यूलेशन आपके मैंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान का वह समय होता है जब आप फर्टाइल होती हैं, या आपके गर्भवती होने की संभावना अधिक होती हैं।
ovulation period hormone ke karan hota hai.
ओव्यूलेशन आपके मैंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान का वह समय होता है जब आप फर्टाइल होती हैं। चित्र- अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Published: 5 Jun 2024, 20:00 pm IST
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महिला शरीर कई चीजों का एक जटिल चक्रव्युह है, जिसमें कई ऐसी चीजें होती है जो असंभव सी लगती है। इसके कई उतार-चढ़ाव यह समझना मुश्किल बना सकते हैं कि अंदर क्या चल रहा है, खासकर जब बात आपके प्रजनन स्वास्थ्य की हो।

लेकिन यह जटिल नहीं होना चाहिए। आज हम महिला प्रजनन प्रणाली पर कुछ बात करने की कोशिश करेंगे जो आपको जानना बहुत जरूरी है। ताकि आप अपने स्वास्थ्य के बारे में अच्छे निर्णय ले सकें। पीरियड और प्रेगनेंसी में मूड स्विंंग के बारे में तो लोगों को पता ही होगा। लेकिन जब ओव्यूलेशन की बात आती है, तो लोगों के मन में बहुत सारे सवाल और अज्ञात बातें होती हैं। ओव्यूलेशन के दौरान भी शरीर में कुछ ऐसी चीजें होती है जिसका पता महिलाओं को नहीं लग पाता है। चलिए ऐसी ही कुछ अजीबो गरीब चीजों के बारे में बात करते है।

इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए हमने बात की गायनेकोलॉजिस्ट डॉ रितु सेठी से।

ओव्यूलेशन क्या होता है (What is ovulation)

सरल शब्दों में कहें तो, ओव्यूलेशन आपके मैंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान का वह समय होता है जब आप फर्टाइल होती हैं, या आपके गर्भवती होने की संभावना अधिक होती हैं।

डॉ रितु सेठी बताती है कि ओव्यूलेशन आमतौर पर आपके अगले मैंस्ट्रुअल साइकिल से लगभग 14 दिन पहले होता है, औसतन 28-दिन के मैंस्ट्रुअल साइकिल के मामले में। अंडाणु या अंडे की कोशिकाएं अंडाशय में जमा होती हैं, जो गर्भाशय के प्रत्येक तरफ फैली हुई फैलोपियन ट्यूब से फैलती हैं।

लगभग 40% मैस्ट्रुएशन वाले लोगों को हर महीने ओवुलेशन के दौरान पेट दर्द का अनुभव होता है।

ओव्यूलेशन के दौरान, आपके अंडों में से एक आपके फैलोपियन ट्यूब में छोड़ा जाता है, जहां यह फर्टिलाइजड होने की प्रतीक्षा करता है। यदि शुक्राणु द्वारा अंडा फर्टिलाइज होता है, तो आप गर्भवती हो जाती हैं, यदि ऐसा नहीं होता है तो आपका शरीर इसे फिर अवशोषित कर लेता है और आपको पीरियड शुरू हो जाता है।

जब आप ओव्यूलेट करती हैं तो क्या होता है

1 आपके शरीर का तापमान बदलता है

ओव्यूलेशन के दौरान, आपके शरीर का तापमान थोड़ा बढ़ जाता है, लगभग 0.5 से 1 डिग्री। ओव्यूलेशन के बाद, शरीर प्रोजेस्टेरोन नामक हॉरमोन छोड़ता है, जो तापमान में इस बदलाव का कारण बनता है।

यह बदलाव आम तौर पर सामान्य तापमान से पता लगाने के लिए बहुत कम होता है, यही वजह है कि लोग ओव्यूलेशन और प्रजनन क्षमता को ट्रैक करने में मदद के लिए बेसल थर्मामीटर का इस्तेमाल करते हैं। आपका बेसल बॉडी तापमान आपके शरीर का आराम के समय का तापमान होता है, और ये खास थर्मामीटर थोड़े बदलावों का पता लगा सकते हैं जो ओव्यूलेशन होने का संकेत दे सकते हैं।

2 आपके सर्विक्स में बदलाव होता है

रितु सेठी बताती है कि आपका सर्विक्स डोनट के आकार का अंग है जो आपकी योनि को आपके गर्भाशय से अलग करता है। यह न केवल वेजाइनल बर्थ के दौरान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, बल्कि यह ओव्यूलेशन के दौरान भी परिवर्तनों का अनुभव करता है।

शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर आमतौर पर ओव्यूलेशन के दौरान बढ़ जाता है। ये उच्च हार्मोन स्तर सर्विक्स को शरीर में और अधिक ऊपर खींच सकते हैं, जिससे उंगली, पीनस या टोय से उस तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। यह अधिक नरम और नम भी हो जाता है, जिससे स्पर्म के लिए गर्भाशय में प्रवेश करना आसान हो जाता है।

ovulation ke dauraan ho sakta hai dard
ओव्यूलेशन के दौरान हो सकता है दर्द। चित्र : एडॉबीस्टॉक

3 आपको दर्द का अनुभव हो सकता है

क्या आपको कभी ओवुलेशन के समय पेट में दर्द का अनुभव हुआ है? तो हो सकता है कि आपको मिटेलशमेरज़ या ओवुलेशन दर्द का अनुभव हो रहा हो।

लगभग 40% मैस्ट्रुएशन वाले लोगों को हर महीने ओवुलेशन के दौरान इस दर्द का अनुभव होता है। हालांकि यह चिंताजनक या असुविधाजनक लग सकता है, लेकिन यह सौम्य दर्द ओवुलेशन के दौरान फॉलिकल के फैलने या अंडे के फॉलिकल से बाहर निकलने के कारण हो सकता है।

4 आपकी आवाज़ बदल सकती है

सेक्स हार्मोन आपके मैंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान होने वाले बदलावों को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। यह हार्मोनल परिवर्तनों और आपकी आवाज़ में उतार-चढ़ाव के बीच एक संबंध का सुझाव देता है। मासिक धर्म वाले लोग जो हार्मोनल बर्थ कंट्रोल पर नहीं हैं, उन्होंने अपने चक्र के अंतिम चरण के दौरान अपनी आवाज़ में एक उच्च न्यूनतम पिच दिखती है, जो ओव्यूलेशन के साथ खत्म हो जाती है।

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लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

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