मानसून में सबसे ज्यादा रहता है योनि संक्रमण का डर, तो जानिए इससे बचने के 7 जरूरी उपाय

Published on: 6 July 2021, 14:00 pm IST

तापमान में उतार-चढ़ाव और बढ़ी हुई ह्यूमिडिटी, दोनों ऐसे कारक हैं जो फंगल और बैक्टीरिया के विकास में योगदान करते हैं, जिनकी वजह से मानसून के दौरान योनि संक्रमण होने का जोखिम ज्यादा रहता है।

Periods mein apni vaginal health ka khyaal rakhe
पीरियड्स में आपनी वैजाइनल हेल्थ का रखें ख़ास ख्याल। चित्र : शटरस्टॉक

मानसून के दौरान, ह्यूमिडिटी का स्तर काफी अधिक होता है। इस वजह से, यह मौसम उलझे बालों और तैलीय त्वचा जैसी समस्याओं से जुड़ा हुआ है। लेकिन, बात यहीं खत्म नहीं होती! पर्यावरण में उच्च नमी और तंग अंडरवियर के साथ पसीने में वृद्धि अक्सर बैक्टीरिया को पनपने का मौका देती है।

बरसात का मौसम अपने साथ वायरल, फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन लाता है। इस प्रकार, योनि संक्रमण को रोकने के लिए कुछ करना महत्वपूर्ण है। यदि आप इस पर ध्यान नहीं देती हैं, तो आपको मानसून को बहुत दर्द और परेशानी में बिताना पड़ सकता है।

बरसात के मौसम में योनि स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आप इन सरल टिप्स को अपना सकती हैं:

1. आराम दायक अंडरवियर पहनें

जब योनि को स्वस्थ रखने की बात आती है, तो हवादार सूती अंडरवियर पहनना सबसे अच्छा विकल्प है। तंग अंडरवियर हवा के प्रवाह को कम कर सकते हैं, जिससे चकत्ते और जलन होने का खतरा बढ़ जाता है। यह जीवाणु के बढ़ने के लिए सही वातावरण बना सकता है। इसलिए, हल्के अंडरवियर आपकी योनि को सूखा रखने में मदद करेंगे जिससे पसीना कम आयेगा!

आपको अपनी वेजाइनल हेल्‍थ पर और ज्‍यादा ध्‍यान देने की जरूरत है। चित्र: शटरस्‍टॉकआपको अपनी वेजाइनल हेल्‍थ पर और ज्‍यादा ध्‍यान देने की जरूरत है। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. अपनी योनि को साफ और सूखा रखें

मानसून के दौरान, बढ़ी हुई नमी के परिणामस्वरूप योनि का पीएच स्तर गिर जाता है जो महिलाओं को योनि संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है। अपने अंतरंग क्षेत्र को बार-बार साफ करने से यह बैक्टीरिया के संक्रमण और गंध से मुक्त रह सकता है।

3. डूशिंग को अलविदा कहें

डूशिंग यह हानिकारक है क्योंकि यह आपकी योनि के पीएच संतुलन को बिगाड़ती है और सामान्य योनि बैक्टीरिया संतुलन को बिगाड़ सकती है। इसलिए, डूशिंग योनि को संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकती है।

4. हाइड्रेटेड रहने के लिए पर्याप्त पानी पिएं

मानसून के कारण अत्यधिक पसीना आता है। व्यक्ति के शरीर का तरल पदार्थ और नमक तेजी से कम होने लगता है। यह संभावित रूप से अंतरंग क्षेत्रों के आसपास जलन पैदा कर सकता है। खुद को हाइड्रेट रखने से बैक्टीरिया का संतुलन और एक स्वस्थ पीएच स्तर बनाए रखने में मदद मिलती है, जिससे योनि संक्रमण का खतरा कम होता है।

5. प्यूबिक हेयर को बार-बार शेव न करें

प्यूबिक हेयर एक सुरक्षात्मक भूमिका निभाते हैं। यह संभोग जैसी गतिविधियों के दौरान घर्षण को कम करते हैं और बैक्टीरिया के संचरण को भी रोकते हैं। मानसून के दौरान, प्यूबिक हेयर बैक्टीरिया के प्रसार को रोक सकते हैं और संक्रमण के जोखिम को कम कर सकते हैं।

योनि में ज्यादा पसीना आने के होते हैं कई कारण. चित्र : शटरस्टॉकयोनि में ज्यादा पसीना आ सकता है. चित्र : शटरस्टॉक

6. आगे से पीछे की ओर पोंछें

जब भी आप अपनी योनि की सफाई कर रही हों, तो इसे आगे से पीछे की ओर साफ करना चाहिए। ऐसा करने से यह सुनिश्चित होगा कि गुदा क्षेत्र से बैक्टीरिया योनि क्षेत्र में स्थानांतरित न हों। इसके अलावा, पेशाब के बाद पोंछने से बदबू आ सकती है और योनि में संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए खुद को साफ करते समय सावधान रहें!

7. मसालेदार भोजन से बचें

मसालेदार भोजन से वहां जलन हो सकती है। वास्तव में, मसालेदार भोजन का अधिक सेवन योनि के पीएच स्तर को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, जिससे फंगल संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

8. संभोग के बाद योनि को साफ करें

संभोग के बाद अपनी योनि को साफ करना और पेशाब करना न भूलें। यह अभ्यास आपको बैक्टीरिया के विकास को कम करने और संक्रमण से दूर रहने में मदद करेगा।

तो लेडीज, मानसून के दौरान अपनी योनि की देखभाल करने के लिए इन टिप्स को अपनाएं।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

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