बैक टू नॉर्मल में वेजाइनल इंफेक्शन से बचना है, तो इन टॉयलेट हाइजीन टिप्स को फिर से याद करें

Published on: 23 February 2022, 21:00 pm IST

कोविड 19 महामारी नियंत्रण में लग रही है। सब इस लॉकडाउन फेज के बाद वेकेशन प्लांस बना रहें हैं। अगर आप भी बाहर जाने का सोच रहीं हैं, तो टॉयलेट हाइजीन टिप्स का पालन जरूर करें।

Infection se bachne ke liye toilet hygiene tips
इन्फेक्शन से बचने के लिए जरूरी है टॉयलेट हाइजीन । चित्र:शटरस्टॉक

लेडीज, केवल स्क्वॉट करके पब्लिक टॉयलेट सीट का इस्तेमाल करना काफी नहीं है। अगर आपको इंफेक्शन से बचना है, तो बहुत सारी बातों का ध्यान रखना होगा। अगर महिलाओं को पीरियड्स और लेबर पेन के अलावा किसी चीज में परेशानी होती है, तो वह है पब्लिक वॉशरूम में टॉयलेट करना।

अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार, लगभग 77000 अलग-अलग प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस सार्वजनिक शौचालयों के टॉयलेट सीट और साबुन डिस्पेंसर पर पाए जा सकते हैं। इसमें ई.कोली, साल्मोनेला, कोलीफॉर्म और रोटावायरस जैसे कीटाणु शामिल हैं।

यह अध्ययन अमेरिका में किया गया था, तो ये आंकड़े सामने आए थे। पर जब स्वच्छता की बात आती है, तो भारतीय शौचालय और भी बदतर हैं।

Toilet seat ko tissue se pochkar baithe
टॉयलेट सीट को टिशू से पोंछकर बैठे। चित्र:शटरस्टॉक

सार्वजनिक शौचालयों की ऐसी स्थिति को देखते हुए महिलाओं को गंभीर बीमारी होने का खतरा रहता है। इनमें डिसेंट्री, टायफाइड, यूटीआई और वेजाइनल इंफेक्शन शामिल है। लेडीज, आप हर बार घर पर ही पेशाब नहीं कर सकतीं। यदि आप यूरीन को कंट्रोल कर रहीं हैं, तो यह भी इंफेक्शन का कारण बन सकता है। इसलिए आप सावधानियों के साथ पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करके अपनी हाइजीन का ख्याल रख सकती हैं।

यहां हैं गंदे पब्लिक टॉयलेट के इस्तेमाल से होने वाले इंफेक्शन

1. यौन संचारित रोग या एसटीडी (STD)

अगर आपको लगता है कि यह बीमारी केवल यौन संबंध के समय आपको प्रभावित कर सकता है, तो आप गलत है। शौचालय सीटों से एसटीडी कीटाणु आपको चिंतित कर सकते हैं। वॉशरूम के विभिन्न सतहों पर वायरस, बैक्टीरिया और अन्य जीवाणु जिंदा रह सकते हैं। आप अनजाने में उन कीटाणुओं को अपने साथ लाकर एसटीडी का शिकार बन सकते हैं।

जब आप सोचते हैं कि आप टॉयलेट में से कौन सी बीमारियों को पकड़ सकते हैं, तो एसटीआई या एसटीडी आपकी सबसे बड़ी चिंताओं में से एक हो सकता है।

2. बैक्टीरियल एसटीडी

इन बीमारियों में क्लैमाइडिया, गोनोरिया और सिफलिस शामिल हैं। एसटीडी पैदा करने वाले बैक्टीरिया आपके लिंग, योनि, एनस और मुंह के आसपास की मेमब्रेन में रहते हैं। लेकिन वे इसके बाहर लंबे समय तक जीवित नहीं रह सकते हैं।

3. वायरल एसटीडी

यदि एक एसटीडी वायरल है, तो यह आपके मेमब्रेन के बाहर और अन्य त्वचा कोशिकाओं में फैल सकता है। एसटीडी का कारण बनने वाले वायरस दूर तक नहीं फैलते हैं। लेकिन आपके मेमब्रेन के पास वाली त्वचा पर जीवित रह सकते हैं। वायरल एसटीडी में शामिल हैं:

  1. हेपेटाइटिस बी
  2. हर्पीज सिंप्लेक्स
  3. एचआईवी
Infection dard naak ho sakta hai
इन्फेक्शन दर्दनाक हो सकता है। चित्र:शटरस्टॉक

4. पैरासाइटिक एसटीडी

कुछ एसटीडी ट्राइकोमोनिएसिस और प्यूबिक एरिया में जूं जैसे जीवित परजीवियों के कारण होते हैं। पैरासाइटिक एसटीडी सतहों पर हो सकते हैं जिनमें शामिल हैं:

  1. शौचालय की सीटें
  2. तौलिए
  3. कपड़े
  4. चादरें
  5. कम्बल

5. यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI)

ये संक्रमण आमतौर पर तब होते हैं जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के माध्यम से यूरिनरी ट्रैक्ट में प्रवेश करते हैं और मूत्राशय में बढ़ना शुरू कर देते हैं। हालांकि, यूरिनरी सिस्टम को ऐसे सूक्ष्म जीवों को बाहर रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। लेकिन ये बचाव कभी-कभी विफल हो जाते हैं। जब ऐसा होता है, तो बैक्टीरिया जोर पकड़ सकते हैं और यूरिनरी ट्रैक्ट में एक पूर्ण विकसित संक्रमण में का कारण बन सकता है।

यूटीआई के लक्षणों में शामिल है:

  1. पेशाब करने के लिए एक मजबूत और लगातार जरूरत महसूस होना
  2. यूरीनेट करते समय जलन महसूस होना
  3. बार-बार और थोड़ी मात्रा में पेशाब आना
  4. जब पेशाब साफ न हो
  5. जब आपका पेशाब लाल, गुलाबी या कोला रंग का दिखाई देता हैं, तो यह मूत्र में रक्त का संकेत
  6. तेज महक वाला पेशाब
  7. महिलाओं में पैल्विक दर्द, विशेष रूप से पेल्विस में और प्यूबिक बोन के आसपास का क्षेत्र

इन बीमारियों से बचने के लिए टॉयलेट हाइजीन टिप्स का पालन करें

अगर आप इन इंफेक्शन से पीड़ित नहीं होना चाहती हैं, तो इन जरूरी बातों का ध्यान रखें:

1. शौचालय के नॉब्स को टिश्यू से पकड़े

सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण, शौचालय के दरवाज़े या कुंडी को नंगे हाथों से छूने से बचें। डोर नॉब्स कई स्रोतों से कीटाणुओं को ले जाते हैं और संक्रमण का कारण बन सकते हैं। बाहर जाने या अंदर जाने से पहले कुंडी को पकड़ने के लिए टिशू पेपर का उपयोग करने का प्रयास करें।

2. अपने निजी सामान का ध्यान रखें

आपके हाथों को छूने वाले कीटाणु आसानी से धोए जा सकते हैं, लेकिन एक बार जब वे आपके सामान जैसे फोन, हैंडबैग आदि में पहुंच जाते हैं, तो वे आपको संक्रमित कर सकते हैं। अपने हैंडबैग को फर्श पर रखने से बचें और इसे दरवाजे के पीछे के हुक पर लटका दें।

Washroom use karne ke baad hand wash kare
वॉश रूम इस्तेमाल करने के बाद हआठोंको अच्छे से धोएं। चित्र:शटरस्टॉक

3. वेस्टर्न टॉयलेट के बजाए इंडियन टॉयलेट का इस्तेमाल करें

शौचालय की सतहों के सीधे संपर्क से बचने के लिए हमेशा पश्चिमी शैली के बजाय भारतीय सीट वाले शौचालय को प्राथमिकता दें। यदि आपको सीट नहीं मिलती है, तो बिना त्वचा के संपर्क के सीट पर होवर करें या सुनिश्चित करें कि आप उस पर बैठने से पहले टॉयलेट सीट को पोंछ लें। इसके अलावा आप टॉयलेट सीट सैनिटाइज का उपयोग करके भी कीटाणुओं को मार सकती हैं।

4. टॉयलेट को फ्लश करें, घूमें और शौचालय से बाहर निकलें

फ्लशिंग के दौरान हवा में रहने वाले कीटाणुओं और बैक्टीरिया से संक्रमित होने की संभावना बहुत अधिक होती है। फ्लश करने से पहले हमेशा ढक्कन बंद करें। फ्लश बटन को दबाने के लिए एक छोटा टिश्यू लें और उस जगह से जल्दी से बाहर निकलें।

5. हैंड ड्रायर के उपयोग से बचें

यह आपको जल्दी सुखाने के लिए आकर्षित कर सकता है। गर्म हवा देने वाले ब्लो ड्रायर में आसपास की हवा में मौजूद कीटाणुओं को फैलाने की क्षमता होती है। अच्छी तरह से हाथ धोने के बाद भी संक्रमित होने से बचने के लिए, हाथों को एक कागज़ के तौलिये से पोंछे। यात्रा के दौरान एक छोटा सा रूमाल साथ रखें।

अंत में, हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें और आप संक्रमण से सुरक्षित हैं!

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अदिति तिवारी अदिति तिवारी

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