फॉलो
वैलनेस
स्टोर

क्‍या अंडरवियर से समस्‍या हो रही है? यहां बात करते हैं कि कब इसे छोड़ना है सेफ

Published on:14 October 2020, 11:00am IST
अंडरवियर या पैंटी पहनना हर महिला के लिए जरूरी है। पर कभी-कभी इससे काफी समस्‍या होने लगती है, तब क्‍या इसे उतार देना सेफ है! आइए पता करते हैं।
विदुषी शुक्‍ला
  • 80 Likes
बिना अंडर वियर जिमींग नहीं है इतना भी बैड आइडिया। चित्र: शटरस्टॉक

जिम जाना हो या दिन भर काम करना हो, अंडरवियर पहनना कितना जरूरी है, हम सभी जानते हैं। पर लंबे समय तक अंडरवियर पहने रहने से कई बार वेजाइना में इचिंग, पसीना और स्किन के छिलने की समस्‍या भी होने लगती है। तब मन करता है कि काश इसे उतार पाते। आइए आज इसी सवाल की आपकी इंटीमेट हेल्‍थ के हिसाब से पड़ताल करते हैं। आखिर कब अंडरवियर या पैंटी न पहनना है सेफ।

जिम जाना पसन्द करती हों या योग की क्लासेज लेती हों, व्यायाम से प्यार है लेकिन यह समझ नहीं आता कि जिम में अंडरवियर पहनना जरूरी है या नहीं? आइये बात करते हैं।

पाएं अपनी तंदुरुस्‍ती की दैनिक खुराकन्‍यूजलैटर को सब्‍स्‍क्राइब करें

किसी भी महिला के लिए उसकी वेजाइना का स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है। वेजाइना से आने वाली गन्ध से लेकर डिस्चार्ज तक, हर बात का ख्याल रखती हैं, तो यह भी ध्यान रखें कि वर्कआउट करते वक्त आपकी वेजाइना के स्वास्थ्य के लिए क्या बेहतर है।

बिना अंडर वियर आप मन लगा कर जिम भी नही कर पाएगे । चित्र: शटरस्‍टॉक

क्यों जिम में अंडरवियर पहनने से बचतीं हैं कुछ महिलाएं

फिटनेस फ्रीक हैं, तो आपके पास फिटनेस वियर यानी जिम के लिए अलग कपड़े भी होंगे। चूंकि आप जिम के कपड़े पहनती हैं, आप जानती होंगी कैसे अक्सर आपके लेग्गिंग या टाइट्स में से आपकी अंडरवियर की आउट लाइन नजर आती है।

यह आउट लाइन शर्मिंदगी का विषय बन सकती है, खासकर अगर आपका जिम यूनिसेक्स (महिला और पुरुष दोनों के लिए) हो।
लेकिन इसका यह समाधान नहीं कि आप अपनी अंडर वियर का साथ ही छोड़ दें। लेकिन क्यों जिम में अंडरवियर पहनना चाहिए?

क्या बिना अंडर वियर पहने वर्कआउट करना सुरक्षित है। चित्र: शटरस्‍टॉक

वर्क आउट करते वक्त अंडरवियर पहनने के फायदे

न्यूयॉर्क की जानी मानी ऑब्सेटेट्रिशन और गाइनो डॉ एलिसा डवेक कहती हैं, “आपकी वेजाइना बैक्टीरिया और यीस्ट इन्फेक्शन के प्रति बहुत संवेदनशील होती है। खासकर अगर प्यूबिक एरिया में मॉइस्चर और गर्मी बनी रहे।”
एक्सरसाइज करते वक्त हमारे शरीर से गर्मी बाहर निकलती है और बहुत अधिक पसीना आता है। एक्सरसाइज के वक्त आप टाइट लेगिंग या लोअर पहनती हैं, जिसके कारण यह पसीना प्यूबिक एरिया में ही ट्रैप हो जाता है। हवा का बहाव न होने के कारण इस हिस्से में नमी और गर्माहट फंगस और यीस्ट इन्फेक्शन को जन्म देती हैं।

अपने अंडरगारमेंट्स की हाइजीन पर सबसे ज्यादा ध्यान दें ताकि ये बैक्टीरियाज का घर न बनने पाए। चित्र : शटरस्टॉक

डॉ एलिसा बताती हैं, “सूती अंडरवियर इस पसीने को सोख लेती है और आपकी वेजाइना को बहुत हद तक सुखा कर रखती है। यही नहीं, अंडरवियर पहनने से आप वेजाइना की दुर्गंध को भी कम कर सकती हैं।”
पसीने की कोई गंध नहीं होती

, यह तो आपको पता ही होगा। उसमें आने वाली गंध के लिए जिम्मेदार होते हैं बैक्टीरिया। आपकी वेजाइना और आसपास के हिस्से में बहुत बैक्टीरिया होते हैं। जब यह पसीने से मिलते हैं, तो बदबू आने लगती है। अंडरवियर ना पहनने पर यह बदबू आपकी लेगिंग से आने लगेगी और तब आपके साथ साथ दूसरों को भी यह बदबू आएगी। इसलिए अंडरवियर पहनना ही बेहतर विकल्प है।

यह भी पढ़ें-  हर भारतीय महिला को अपनी सहेलियों से करनी चाहिए वेजाइना के विषय में ये 5 जरूरी बातें

कब नहीं पहननी चाहिए अंडरवियर?

1. अगर आप किक बॉक्सिंग या HIIT वर्कआउट करती हैं और आपको अंडरवियर के कारण मूवमेंट में समस्या आ रही है, तो आप अंडरवियर को अवॉयड कर सकती हैं। लेकिन ध्यान रहे, एक्सरसाइज के तुरन्त बाद आपको अपना लोअर बदलना है और एक ही लोअर दो बार नहीं पहनना है। वर्कआउट के बाद जितनी देर आप उन कपड़ों में रहेंगी, इन्फेक्शन की सम्भावना उतनी ही बढ़ जाएगी।

कब अंडरवियर या पैंटी न पहनना है सेफ। चित्र : शटरस्‍टॉक

2. अगर अंडरवियर पहनने से रैशेस हो रहे हैं, तो भी आप अंडर वियर न पहनें। लेकिन ध्यान रखें कि बहुत टाइट लेगिंग से भी रगड़ लगने की समस्या हो सकती है।

3. अंडरवियर पहनी है, तो इसका यह मतलब नहीं कि आपकी वेजाइना पूरी तरह सुरक्षित है। अब भी आपको वर्कआउट के बाद अंडरवियर बदलना आवश्यक है।

4. साइकिलिंग या घुड़सवारी करती हैं, तो पैडेड शॉर्ट्स पहनें ताकि आपकी वेजाइना में कोई चोट न आये।

लेडीज, वर्कआउट करना आपकी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। लेकिन उस दौरान अपनी इंटिमेट हेल्थ का भी ख्याल रखें।

0 कमेंट्स

कृपया अपना कमेंट पोस्ट करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।