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एक्सपर्ट बता रहे हैं क्यों जरूरी है अपनी पेशाब के रंग और गंध पर ध्यान देना

Published on:22 November 2021, 16:23pm IST
यूरिन पास करना एक सामान्य क्रिया है, मगर इसका बदलता रंग और गंध आपकी सेहत के बदलाव की ओर इशारा करते हैं।
Dr. S.S. Moudgil
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Urine apki health ke bare me important sanket deta hai
पेशाब का रंग और गंध आपकी सेहत के बारे में जरूरी संकेत देता है। चित्र: शटरस्टॉक

आम जन अनेक बार अपने मूत्र के रंग (Urine colour) या गंध (Urine smell) से चिंतित हो जाते हैं। यकीनन मूत्र का रंग ही नहीं, उसकी गंध और मात्रा भी हमारी सेहत के बारे में बहुत जरूरी संकेत देते हैं। इससे भी आगे बढ़कर पेशाब की जांच यानि यूरिनलिसिस (Urinalysis) कई स्वास्थ्य स्थितियों के निदान या नज़र रखने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं उन स्थितियों के बारे में जब आपका यूरिन अपना रंग या गंध (Why urine change colour and smell) बदल लेता है।

यहां हैं पेशाब के जरिए सेहत के बारे में जरूरी संकेत 

पेशाब के रंग का बदलना  (Change colour of urine)

रंग का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। इंद्रधनुष से शुरू होकर इसे फूल, बादल, कपड़े की दौड़ में देखा जा सकता है, अर्थात पृथ्वी पर जीवन के हर क्षेत्र में | आम स्वस्थ व्यक्ति के मूत्र का रंग अक्सर पानी जैसा होना चाहिए , लेकिन कई स्थितियों में रंग बदल सकता है यथा

खाद्य पदार्थ (Some foods effect)

कुछ खाद्य पदार्थ और दवाएं पेशाब का रंग बदल सकती हैं। उदाहरण के लिए, चुकंदर इसे लाल या गहरा भूरा बना सकता है, शतावरी इसे हरा बना सकती है और गाजर इसे नारंगी बना सकती है।

दवाएं (Medicines)

कुछ एंटासिड पेशाब को नीले रंग में बदल सकते हैं और कुछ कीमोथेरेपी दवाएं इसे नारंगी बना सकती हैं। कभी-कभी असामान्य रंग पीलिया जैसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। जो संक्रामक या प्रतिरोधी हेपेटाइटिस , सिरोसिस या यहां तक कि कैंसर के कारण भी हो सकता है। यदि पेशाब का रंग अचानक बदलता है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

Kuchh davao ke karan bhi urine ka rang badal jata hai
कुछ दवाओं के कारण भी यूरिन का रंग बदल जाता है। चित्र : शटरस्टॉक

जिगर या पित्ताशय की थैली की समस्याएं 

यदि पेशाब का रंग बहुत गहरा है, तो इनमें से किसी एक अंग के साथ कुछ समस्या हो सकती है। एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) जैसी कुछ दवाओं का बहुत अधिक सेवन समस्या पैदा कर सकता है।

कैंसर, पित्ताशय की थैली के रास्ते को अवरुद्ध करने वाली पत्थरी, हेपेटाइटिस सी जैसे वायरस और अन्य बीमारियां भी इसका कारण हो सकती हैं। ये समस्याएं शरीर को बिलीरुबिन नामक एक पीले तरल पदार्थ का उच्च स्तर बनाने का कारण बन सकती हैं। जो पेशाब को बहुत गहरा कर देती है और त्वचा और आंखों को पीला कर देती है।

इसे पीलिया भी कहा जाता है। यह मल में सामान्य उत्सर्जन में रुकावट का संकेत देता है। रक्त और मूत्र परीक्षण से बिलीरुबिन के स्तर को मापा जा सकता है।

2 झागदार व मटमैला मूत्र (Foamy and cloudy urine)

ग्लोमेरोनेफ्रिटिस : 

खूनी या झागदार पेशाब इस बीमारी का संकेत हो सकता है। यह चेहरे या टखनों पर सूजन भी ला सकती है। साथ ही मांसपेशियों में ऐंठन और खुजली वाली त्वचा का कारण बन सकती है।

यह तब होता है जब एक किडनी में मौजूद छोटे फिल्टर में सूजन आ जाती है। यह शरीर में द्रव और अपशिष्ट का निर्माण कर सकता है और उच्च रक्तचाप या गुर्दे की विफलता जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस संक्रमण या ऑटोइम्यून बीमारी सहित कई स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हो सकता है।

3 चाय जैसा मूत्र रंग (Urine like tea)

वासकुलाइटिस

वाहिकाशोथ यदि गुर्दे की वाहिकाओं को प्रभावित करता है, तो पेशाब चाय के रंग का हो सकता है। इसमें व्यक्ति को बुखार और शरीर में दर्द हो सकता है। यह तब होता है जब शरीर स्वयं के एंटीबॉडी – जिसे आपका शरीर कीटाणुओं से लड़ने के लिए बनाता है, के बजाय किसी एक अंग की छोटी रक्त वाहिकाओं पर हमला करता है। इससे मूत्र में रक्त और प्रोटीन हो सकता है और आपके गुर्दे काम करना बंद कर सकते हैं।

ल्यूपस नेफ्रैटिस 

यह बीमारी तब होती है जब आपका इम्यून सिस्टम गलती से शरीर के किसी खास हिस्से पर हमला कर देता है। यदि यह गुर्दे (ल्यूपस नेफ्रैटिस) को प्रभावित करता है, तो खूनी या झागदार मूत्र पैदा कर सकता है। उपचार हैं, लेकिन कोई इलाज नहीं है, और डॉक्टरों को यकीन नहीं है कि इस स्थिति का कारण क्या है जो ज्यादातर महिलाओं को प्रभावित करता है।

2 गंध (Urine Smell)

खाद्य पदार्थ, विटामिन और दवाएं पेशाब की गंध को बदल सकती हैं। उदाहरण के लिए, शतावरी कुछ लोगों के लिए अमोनिया जैसी गंध का कारण बनता है। यदि पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं या विटामिन बी -6 लेते हैं, तो पेशाब से तेज गंध आ सकती है।

जानिए आपकी पेशाब आपको अपने स्वास्थ्य के बारे में क्या संकेत देती है. चित्र : शटरस्टॉक
जानिए आपकी पेशाब आपको अपने स्वास्थ्य के बारे में क्या संकेत देती है. चित्र : शटरस्टॉक

लेकिन कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में भी ऐसा हो सकता है। मधुमेह, मूत्राशय में संक्रमण, गुर्दे में संक्रमण और जिगर की विफलता सभी में पेशाब की गंध बदल सकती है। अपने चिकित्सक से बात करें यदि अचानक परिवर्तन होता है और यह दूर नहीं होता है।

1 यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (UTI)

पेशाब लाल या भूरा हो सकता है या उसमें लाल रंग के धब्बे हो सकते हैं। यह हरा या बादलदार हो सकता है और इसमें तेज गंध हो सकती है। यूटीआई आमतौर पर इसलिए होता है, क्योंकि बैक्टीरिया मूत्राशय या मूत्रमार्ग में प्रवेश कर जाते हैं, वह ट्यूब जो कि शरीर से पेशाब को बाहर निकालती है।

यदि को पेशाब करते समय जलन हो रही है, तो डॉक्टर यह पता लगाने के लिए के मूत्र के नमूने का परीक्षण कर सकता है। इसका एंटीबायोटिक दवाओं के साथ इलाज किया जा सकता है।

3 मूत्र में रक्त (Blood in Urine)

अगर पेशाब में खून नजर आता है, तो यह काफी हद तक हानिरहित है। अत्यधिक व्यायाम या दवा के कारण ऐसा हो सकता है।

इसके अलावा चिंताजनक स्थिति में यह किडनी की बीमारी, बढ़े हुए प्रोस्टेट, मूत्राशय के कैंसर, या मूत्र पथ के संक्रमण और/या एसटीडी जैसी किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

चलते-चलते 

यह जरूरी है कि मूत्र के रंग और गंध का ध्यान रखें और जरूरी होने पर डॉक्टर द्वारा बताए टेस्ट करवाएं। यह कई समस्याओं को उनके प्रारंभिक चरण में ही समझ लेने का बेहतरीन तरीका हो सकता है।

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Dr. S.S. Moudgil Dr. S.S. Moudgil

Dr. S.S. Moudgil is senior physician M.B;B.S. FCGP. DTD. Former president Indian Medical Association Haryana State.