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क्या एनल सेक्स से बढ़ जाता है कोलन कैंसर का खतरा? जानिए क्‍या है सच्‍चाई

Published on:4 February 2021, 13:11pm IST
एनल सेक्स के दौरान संक्रमित होने का काफी ज्यादा खतरा रहता है। पर क्या एनल सेक्स करने से कोलन कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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कोलन या गुदा जिसे कोलोरेक्टल या बाउल कैंसर के नाम से भी जाना जाता है। मलाशय के अंत में एक छोटी सी नालिका होती है जिससे मल बाहर निकलता है। इस नली के कैंसर को गुदा कैंसर यानि कोलन कैंसर( Colon Cancer) कहते हैं।

यह कैंसर पुरुष और महिला दोनों में व्यापक रूप से आम है। जिसके परिणामस्वरूप एक वर्ष में लगभग 655,000 से अधिक मौतें होती हैं। आमतौर पर, 40 से ऊपर के लोग कोलन कैंसर की चपेट में होते हैं। ये रोग वास्तव में जानलेवा है, यदि अंतिम अवस्था में इसका पता चलता है तो बचने की संभावना कम से कम होती है।

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एनल सेक्स के दौरान संक्रमित होने का काफी ज्यादा खतरा रहता है। पर क्या एनल सेक्स करने से कोलन कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है?

जानिये एनल सेक्स और कोलन कैंसर से जुड़े अध्ययन में क्या पाया गया?

राष्ट्रीय स्वास्थ्य और पोषण परीक्षा सर्वेक्षण National Health and Nutrition Examination Survey (NHANES) द्वारा कुछ लोगों पर परीक्षण किया गया जो अपनी जिंदगी में ज्यादा यौन सक्रिय रहे। उन्हें एक प्रश्नावली (SXQ) हल करने को दी गयी जिसमें एनल सेक्स और कोलन कैंसर से जुड़े कई सवाल थे।

एनल सेक्स करने वाले लोगो में कोलन कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है, बजाए उनके जो एनल सेक्स नहीं करते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
एनल सेक्स करने वाले लोगो में कोलन कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है, बजाए उनके जो एनल सेक्स नहीं करते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

कुल 2,203 लोगों (28.3%) ने कहा कि उन्होंने एक बार एनल सेक्स किया है। जिसमें से कुल 19% को अपनी जिंदगी में कभी न कभी कोलन कैंसर के लक्षण दिखाई पड़े। साथ ही 5 लोग ऐसे भी थे, जिन्होंने एनल सेक्स कभी न कभी किया था और वो कोलन कैंसर से जूझ रहे थे। इस शोध में ऐसी किसी भी बात की पुष्टि नहीं हुई कि एनल सेक्स करने वाले लोगो में कोलन कैंसर का जोखिम ज्यादा होता है, बजाए उनके जो एनल सेक्स नहीं करते हैं।

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गुदा (anal) में उन कोशिकाओं की कमी होती है जो योनि में प्राकृतिक चिकनाई पैदा करती हैं। योनि की तुलना में मलाशय की परत भी पतली होती है।

एनल सेक्स के दौरान संक्रमित होने का काफी ज्यादा खतरा रहता है।। चित्र: शटरस्‍टॉक
एनल सेक्स के दौरान संक्रमित होने का काफी ज्यादा खतरा रहता है।। चित्र: शटरस्‍टॉक

स्नेहन (lubrication) और पतले ऊतकों (tissue) की कमी से गुदा और मलाशय में घर्षण का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि मल में स्वाभाविक रूप से बैक्टीरिया होते हैं, शरीर से बाहर निकलते समय मलाशय और गुदा से होकर गुजरता है। इसलिए जीवाणु त्वचा पर आक्रमण कर सकते हैं।

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संक्रमित होने का खतरा कैसे कम करें

इन जोखिमों को कम करने के लिए या व्यक्ति की त्वचा को फटने से बचाने के लिए कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं:

ज्यादा घर्षण से बचने के लिए लुब्रिकेशन का उपयोग करें।
गुदा से योनि में सेक्स करते समय कंडोम बदलें।
यदि कोई व्यक्ति दर्द या परेशानी का अनुभव करता है, तो तुरंत इसे रोकें

ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।