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क्या सैनिटरी पैड्स बन सकते हैं कैंसर का कारण? टॉप गायनेकोलॉजिस्ट बता रहीं हैं इस बारे में सब कुछ 

Published on:8 February 2021, 10:47am IST
हम में से ज्यादातर महिलाएं पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड्स का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन क्या होगा अगर ये पैड्स कैंसर का कारण बन जाए? एक शीर्ष स्त्री रोग विशेषज्ञ इस बारे में  विस्‍तार से बता रहीं हैं। 
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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क्या वाकई सैनिटरी पैड्स कैंसर का कारण बन सकते हैं? चित्र-शटरस्टॉक।

पीरियड्स के दौरान सैनिटरी पैड हमेशा आपकी सबसे पहली जरूरत है। वे इतने आवश्यक हो गए हैं, कि आप उन्हें हर महीने बिना कुछ सोचे-समझे उपयोग करती हैं। हालांकि, मेंस्ट्रुअल कप या टैम्पोन जैसे कई अन्य विकल्प हैं जो आसानी से उपलब्ध हैं, लेकिन एक सैनिटरी पैड हमेशा पहली पसंद है। यही कारण है कि यह जानना महत्वपूर्ण हो गया है कि सैनिटरी पैड का उपयोग करने से कैंसर हो सकता है या नहीं।

जब आप इसे गूगल करेंगी, तो आपके सामने दो तरह की सूचनाएं आएंगी। एक, जो कहते हैं कि सैनिटरी पैड्स पूरी तरह से सुरक्षित हैं और ऐसे किसी भी अध्ययन का कोई मतलब नहीं है। वहीं दूसरा इसके विपरीत, विचारों का एक समूह ऐसा है, जो सैनिटरी पैड के कैंसर के सिद्धांतों से सहमत है। अब इसने आपको फिर से दुविधा में डाल दिया है, है ना?

तो इस भ्रम को साफ करने के लिए यह पता करें कि क्या पैड कैंसर का कारण बन सकते हैं या नहीं। इसका पता लगाने के लिए हमने गुरुग्राम के सीके बिड़ला अस्पताल की प्रसिद्ध स्त्री रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ डॉ. अरुणा कालरा से बातचीत की। जानिए इसके बारे में उनका क्या कहना है।

सैनिटरी पैड्स से हो सकती है जननांग कैंसर की संभावना

डॉ. कालरा का कहना है कि अगर आप सिंथेटिक पैड्स का इस्तेमाल करती हैं तो जननांग कैंसर (Genital cancer) की संभावना हो सकती है।

वह कहती हैं, ज्यादातर, सैनिटरी पैड्स का उपयोग करना सुरक्षित होता है, हालांकि, कुछ ऐसे अध्ययन हैं जो सैनिटरी पैड के उपयोग के साथ जननांग कैंसर की घटनाओं की सूचना देते हैं। जो डाइऑक्सिन और अधिक अवशोषक पॉलिमर जैसे अवशोषक एजेंटों का उपयोग करते हैं। असल में डाइऑक्सिन की प्रकृति (सैनिटरी पैड में मौजूद) शरीर में जमा हो सकती है, और हमारे प्रजनन अंगों को प्रभावित कर सकती है, जिससे सर्वाइकल कैंसर या ओवेरियन कैंसर हो सकता है।

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डॉ. अरुणा कालरा कहती हैं, “मूल ​​रूप से, डाइऑक्सिन एक कार्सिनोजेन है, जिसका अर्थ है कि यह आपके शरीर में कैंसर पैदा करने वाली कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है। सेनेटरी पैड्स की रक्त को अवशोषित करने की क्षमता में सुधार करने के लिए ब्लीच किया जाता है, और इस ब्लीच में डाइऑक्सिन होता है।”

डाइऑक्सिन के साथ दूसरी समस्या यह है कि यह शरीर की प्रतिरक्षा को दबा देता है। यह हमारी योनि को संक्रमणों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाता है। साथ ही, यह एस्ट्रोजन जैसे प्रजनन हार्मोन के उत्पादन को प्रभावित करता है जो लंबे समय में समस्याग्रस्त हो सकते है।

बेशक, आपको अभी कैंसर नहीं हुआ है, लेकिन समय के साथ इसकी एक संभावना है।

अब समय आ गया है कि आप पैड्स खरीदते समय उनके इंग्रीडियंट्स को भी चेक करें। चित्र: शटरस्टॉक

यहां कुछ सावधानियां बताई गई हैं, जिनका आपको सैनिटरी पैड्स इस्तेमाल करते समय ध्यान रखना चाहिए:

  1. सैनिटरी पैड्स को अक्सर बदलें। डॉ. कालरा कहती हैं, “सैनिटरी पैड को हर 3-4 घंटे में बदलना चाहिए, भले ही वह पीरीयड्स के रक्त से न भरें हों।”
  2. उचित पेरिनेल हाइजीन को बनाए रखें
  3. यूटीआई (UTI) से बचने के लिए पीरियड्स के दौरान हाइड्रेटेड रहें
  4. हमेशा साफ और सूखे अंडरवियर पहनें

डॉ. कालरा कुछ हाइजीन टिप्स सुझाती हैं जो पीरियड्स के दौरान कैंसर से बचाव कर सकती हैं

  • बार-बार पैड बदलना
  • ऑर्गैनिक पैड्स का इस्तेमाल करें
  • खुशबू वाले सेनेटरी पैड्स का इस्तेमाल न करें
  • उचित स्वच्छता बनाए रखें और अपने योनि क्षेत्र को साफ रखें
  • पब्लिक वॉशरूम के इस्तेमाल से बचें
  • अपने योनि क्षेत्र के आसपास किसी भी तरह चकत्ते या खुजली का ध्यान रखें
  • पुन: प्रयोज्य पैड को अच्छी तरह से साफ करें
  • एक आरामदायक और साफ अंडरवियर पहनें
  • अपने सैनिटरी पैड को ठीक से त्यागें, नहीं तो यह संक्रमण के लिए प्रजनन स्थल बन सकता है।

तो लेडीज, अपने सैनिटरी पैड्स को बुद्धिमानी से चुनें, क्योंकि यह आपकी योनि पर कहर बरपा सकता है।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।