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हेल्दी ओव्यूलेशन बनाता है प्रेगनेंसी को आसान, इसमें आपकी मदद करेंगे ये 6 सुपरफूड्स

बेबी प्लान कर रही हैं तो इन 6 सुपरफूड्स के माध्यम से ओव्यूलेशन पीरियड को बनाएं हेल्दी। कंसीव करने में आसानी होने के साथ ही प्रेगनेंसी पीरियड भी रहेगा हेल्दी।
ओव्यूलेशन के दौरान हो सकता है दर्द। चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 5 Jun 2023, 09:00 pm IST
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ओव्यूलेशन फीमेल मेंस्ट्रूअल साइकिल की एक अवधि है, जिसमें ओवरी से एग रिलीज होना शुरू होता है। यह मेंस्ट्रुअल पीरियड के लगभग 2 हफ्ते पहले शुरू हो जाता है। ओव्यूलेशन शुरू होने के बाद ही स्पर्म एग के साथ फर्टाइल होकर यूटरिन लाइनिंग में इम्प्लांट होता है और आप कंसीव कर पाती हैं।

कंसीव करने के लिए हेल्दी ओव्यूलेशन होना जरूरी है। यदि आपके ओव्यूलेशन में परेशानी आती है, तो इससे फर्टिलिटी पर प्रभाव पड़ता है। हेल्दी ओव्यूलेशन के लिए कुछ चीजों पर ध्यान देने की आवश्यकता है खासकर खानपान पर।

यदि आप भी कंसीव करना चाहती हैं तो चिंता न करें, आज इस लेख के माध्यम से हेल्थ शॉट्स लेकर आया है ऐसे कुछ खास खाद्य पदार्थों के नाम जिनसे आपका ओव्यूलेशन पीरियड जल्दी रहेगा और आपकी फर्टिलिटी इंप्रूव होगी साथ ही आप आसानी से कंसीव कर सकती हैं (foods for healthy ovulation)।

हेल्दी ओव्यूलेशन के लिए डाइट में शामिल करें ये 6 खाद्य पदार्थ (foods for healthy ovulation)

1. बीन्स और दाल

बीन्स और दाल फाइबर और प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है जो ओव्यूलेशन में सुधार करने में मदद कर सकती हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित स्टडी की माने तो एनिमल प्रोटीन की जगह प्लांट बेस्ड प्रोटीन से सेवन से ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी का खतरा कम हो सकता है।

ये दोनों फलियां फोलिक एसिड का एक उत्कृष्ट स्रोत हैं। फोलिक एसिड एक महत्वपूर्ण कंपोनेंट है जो कंसीव करने में मदद करता है, साथ ही एंब्रियो डेवलपमेंट को भी स्वस्थ रखता है।

बेहद फायदेमंद हैं बीन्स। चित्र : एडॉबीस्टॉक

2. सनफ्लावर सीड्स

सनफ्लावर सीड्स का सेवन आहार में बिना किसी बड़े बदलाव के स्पर्म काउंट बढ़ाने में मदद करता है। भुने हुए अनसाल्टेड सनफ्लावर सीड्स में विटामिन ई की पर्याप्त मात्रा मौजूद होती है। विटामिन ई स्पर्म काउंट एवम मोटिलिटी को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के रूप में जानी जाती है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन के अनुसार इसमें पर्याप्त मात्रा में जिंक, फोलिक एसिड और सेलेनियम पाया जाता है। यह सभी पोषक तत्व महिला एवं पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता को बढ़ावा देते हैं। साथ ही महिलाओं में हेल्दी ओव्यूलेश में भी मदद करते हैं। यदि आप कंसीव करने का सोच रही हैं तो इसका नियमित सेवन जरूरी है।

3. अखरोट

अखरोट ओमेगा-3s और ओमेगा-6s से भरपूर होते हैं, जो आपके शरीर को स्वस्थ, मस्तिष्क कार्यों को बनाए रखने और हार्मोन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। पब मेड सेंट्रल की माने तो जो पुरुष नियमित रूप से अखरोट खाते हैं उनके स्पर्म काउंट में बडक्क्त देखने को मिलती है। वहीं यह महिलाओं के ओव्यूलेटरी फैक्टर्स पर भी सकारात्मक प्रभाव डालते हैं।

4. फल

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल और बेरीज में विटामिन सी और फोलिक एसिड की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है जो कंसीव करने में मदद करने के साथ ही फल और सब्जियों का सेवन करने वाली महिलाओं की तुलना में फल और सब्जियां खाने वाली महिलाओं का प्रेगनेंसी पीरियड भी काफी हेल्दी होता है।

रास्पबेरी, ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी सभी में प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी फाइटोन्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं, ये दो ऐसे कंपोनेंट्स हैं जो पुरुष और महिला दोनों के प्रजनन क्षमता में सुधार करते हैं। अध्ययन से पता चला है कि अधिक फल खाने वाली महिलाओं में बांझपन की संभावना काफी कम होती है।

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5. एवोकाडो

एवोकाडो विटामिन के, पोटेशियम और फॉलेट से भरपूर होता है। यह सभी पोषक तत्व फर्टिलिटी इंप्रूव करने वाले कई फैक्टर्स में योगदान देते हैं। इसका सेवन विटामिन को अवशोषित होने में मदद करता है, साथ ही ब्लड प्रेशर को सही से रेगुलेट करता है।

इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट मौजूद होते हैं जो शरीर को फाइबर और फोलिक एसिड प्रदान करते हैं। यह सभी पोषक तत्व हेल्दी ओव्यूलेशन में मदद करते हैं और आपको कंसीव करने में आसानी होती है। साथ ही आपका प्रेगनेंसी पीरियड भी हेल्दी रहता है।

सभी महिलाओं को लेनी चाहिए ये 5 महत्वपूर्ण विटामिन्स। चित्र : शटरस्टॉक

6. डाइट में शामिल करें मल्टीविटामिन

पब मेड सेंट्रल के अनुसार यदि आप मल्टीविटामिंस लेती हैं, तो आपमें ओव्यूलेटरी इनफर्टिलिटी का खतरा काफी कम होता है। रिसर्च की माने तो हफ्ते में तीन और तीन से अधिक मल्टीविटामिंस लेने से ओव्यूलेटरी इनफर्टिलिटी को पूरी तरह से अवॉइड किया जा सकता है। विटामिंस में मौजूद माइक्रोन्यूट्रिएंट्स फर्टिलिटी को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।

हेल्दी ओव्यूलेशन के लिए कैफीन से बनाएं दूरी

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा किए गए अध्ययन के अनुसार जो महिला नियमित रूप से 500 मिलीग्राम से अधिक कैफीन लेती हैं, उन्हें कैफीन न लेने वाली महिलाओं की तुलना में कंसीव करने में परेशानी होती है। ऐसे में प्रेगनेंसी प्लान कर रही हैं तो एक सीमित मात्रा में कैफीन का सेवन करें।

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अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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