इस भाग दौड़ भरी जिंदगी, बदलते वातावरण और पॉल्यूशन के बीच इनफर्टिलिटी की समस्या आमतौर पर बढ़ती जा रही है। साथ ही खानपान की गलत आदत भी फर्टिलिटी को बुरी तरह प्रभावित कर रही हैं। वहीं लड़कियों में अनियमित पीरियड्स और पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं, जो फीमेल इनफर्टिलिटी का एक सबसे बड़ा कारण है। साथ ही नशे करने की आदत फीमेल और मेल फर्टिलिटी दोनों को ही प्रभावित कर सकती है।
इनफर्टिलिटी की समस्या में लोग तरह-तरह के नुस्खे आजमाते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए शुरुआत से ही एहतियात बरतना जरूरी है। फैमिली प्लानिंग करने से 8-10 महीने पहले ही अपनी डाइट चार्ट प्रजनन क्षमता बूस्ट करने वाले इन फूड्स को शामिल करें। ये फूड्स आपकी कंसीविंग पावर को बढ़ाने के साथ ही आपके पार्टनर के स्पर्म काउंटस और क्वालिटी को भी बना सकते हैं।
सनफ्लावर सीड्स फर्टिलिटी बूस्ट करने के लिए काफी कारगर माना जाता है। यह स्पर्म लेवल को संतुलित रखता है। रोस्टेड अनसाल्टेड सनफ्लावर सीड्स में पर्याप्त मात्रा में विटामिन ई पाया जाता है। पब मेड द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार विटामिन ई स्पर्म काउंट को बढ़ाने के लिए बहुत जरूरी होता है। साथ ही इसमें जिंक, फोलिक एसिड और सेलेनियम मौजूद होते हैं, जो कि फर्टिलिटी बूस्ट करने के लिए जाने जाते हैं।
किनुआ कार्ब फ्री होने के साथ ही फर्टिलिटी बूस्ट करने के लिए आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर है। इसमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, जिंक और फोलिक एसिड मौजूद होते हैं। साथ ही यह प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे की हेल्दी ग्रोथ के लिए भी जाना जाता है। क्विनोआ एमिनो एसिड्स का भी एक अच्छा स्रोत है, जो बिना हानि पहुंचाए, आपके शरीर की जरूरतों को पूरा करता है। यह मेल और फीमेल दोनों में फर्टिलिटी को बनाये रखने में मदद करता है।
अमेरिकन जर्नल ऑफ ऑब्सटेट्रिक्स गाइनेकोलॉजी की डाटा के अनुसार बींस और दाल फाइबर और प्रोटीन के सबसे अच्छे स्रोत माने जाते हैं। जो कि महिलाओं में ओव्यूलेशन को इंप्रूव करते हैं। कुछ अध्ययनों में देखा गया कि एनिमल प्रोटीन की जगह वेजिटेबल प्रोटीन लेने से इनफर्टिलिटी की समस्या होने की संभावना बहुत कम जाती है।
इन दोनों ही खाद्य पदार्थों में पर्याप्त मात्रा में फोलिक एसिड पाया जाता है, जो गर्भावस्था के दौरान बच्चे की हेल्दी ग्रोथ में काफी मददगार होती हैं।
अनार में पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट मौजूद होता हैं, जो स्पर्म की क्वालिटी को बनाए रखने में मदद कर सकता हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा किए गए शोध के अनुसार एंटीऑक्सीडेंट फीमेल फर्टिलिटी में ज्यादा कारगर नहीं होता, परंतु मेल फर्टिलिटी बढ़ाने में इसका जवाब नहीं।
एक स्टडी के अनुसार कई स्पर्म बैंक्स में हेल्दी स्पर्म प्रोड्यूस करवाने के लिए पोमेग्रेनेट फ्रूट एक्सट्रैक्ट और पाउडर का प्रयोग भी किया जाता है। इसे आप योगर्ट, क्विनोआ और ओट्स के साथ मिक्स करके स्नैक्स के तौर पर ले सकती हैं।
दालचीनी में पाए जाने वाले कंपाउंड्स में पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबॉयल जैसी प्रॉपर्टीज मौजूद होती हैं। दालचीनी का सेवन मेंस्ट्रुअल साइकिल को नियमित रखता है, साथ ही पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम कि समस्या में भी कारगर माना जाता है।
ये दो ऐसी समस्याएं हैं, जिनकी वजह से ज्यादातर महिलाओं में इनफर्टिलिटी देखने को मिलती है। एक अध्ययन में देखा गया है कि जो महिलाएं नियमित रूप से दालचीनी सप्लीमेंट्स लेती हैं, उनकी ओव्यूलेटरी साइकिल नियमित रहती है, और उन्हें कंसीव करने में भी किसी तरह की परेशानी नहीं आती।
इसे रोजाना सुबह ओटमील, योगर्ट, चाय और कॉफी के ऊपर स्प्रिंकल करके ले सकती हैं। साथ ही अपने खाने में मसाले की तरह इस्तेमाल करना भी उचित रहेगा।
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