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आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए खतरनाक हो सकती है सेक्सटिंग, मनोचिकित्‍सक बता रहे हैं कैसे

Published on:12 March 2021, 20:00pm IST
सेक्‍सटिंग करने से पहले आपको ध्यान रखना चाहिए कि आप क्या करने वाले हैं क्योंकि नॉन-कॉन सेंसुअल सेक्सटिंग आपको जेल भी पहुंचा सकती है।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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सेक्‍सटिंग आपके मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को नुकसान पहुंचा सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या आपने कभी अपने पार्टनर के साथ सेक्सटिंग करने की कोशिश की है? आपमें से जो इस शब्द से वाकिफ नहीं हैं, हम आपको बताना चाहेंगे कि सेक्सटिंग मूल रूप से आपने साथी को ऐसे मैसेज या कंटेंट भेजना है, जो उन्हें कामोत्तेजित करें। यह सेक्सुअली कम्फर्टेबल होने का एक तरीका है और इससे आपको अपने साथी के साथ घनिष्ठता बढ़ाने में भी मदद मिलती है।

सेक्सटिंग आपको उत्तेजित महसूस करने में मदद कर सकती है और आपको अपने बारे में भी बेहतर महसूस करवा सकती है। हालांकि, इस तरह के कंटेंट या तस्वीरों को बाहर भेजने के दौरान पूरी तरह से सावधान और सचेत रहें, क्योंकि ये डिजिटल स्पेस कभी-कभी हानिकारक साबित हो सकता है। सेक्सटिंग मज़ेदार हो सकती है, लेकिन इसके कई डाउनसाइड भी हो सकते हैं।

आपको सेक्सटिंग क्यों करनी चाहिए?

मुंबई के वॉकहार्ट अस्पताल के एक प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. राहुल खेमानी के अनुसार, सेक्सटिंग निश्चित रूप से उन जोड़ों के लिए सेक्स लाइफ को बेहतर बनाने का एक तरीका हो सकता है, जो लंबे समय तक साथ रहे हैं। सेक्सटिंग से सेक्स के बारे में बात करने से आसानी होती है और यह उत्साह को बढ़ा सकता है।

पहले जान लें सहमति 

सेक्स्टिंग दो-तरफा होनी चाहिए, क्योंकि सेक्सटिंग में लोग अपनी भावनाओं को लेकर ज्यादा संवेदनशील होते हैं, और अपनी कल्पनाओं को साझा करते हैं। लॉन्ग डिस्टेंस रिश्तों में जोड़ों के लिए सेक्सटिंग आराम और उत्साह का स्रोत बन सकती है।

सेक्‍सटिंग कभी-कभी आपके लिए परेशानी का भी सबब बन सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
सेक्‍सटिंग कभी-कभी आपके लिए परेशानी का भी सबब बन सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

डॉ. खेमानी ने सेक्सटिंग के दुष्परिणाम के बारे में भी चेतावनी दी

द जर्नल ऑफ साइकोलॉजी: इंटरडिसिप्लिनरी और एप्लाइड में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, सेक्सटिंग अवसाद को भी जन्म दे सकती है।

डॉ. खेमानी का कहना हैं कि सेक्सटिंग, पेचीदा हो सकती है, क्योंकि डिजिटल दुनिया में लोग इसका फायदा उठा सकते हैं। जिससे एक-दूसरे के साथ सेक्स करने वाले लोगों की गोपनीयता खतरे में पड़ सकती है। वे सुझाव देते हैं कि आपको उस व्यक्ति के बारे में बिल्कुल निश्चित होना चाहिए। जिसके साथ आप सेक्स कर रहे हैं और वह व्यक्ति भरोसेमंद होना चाहिए और साझा की गई बातचीत / चित्र आदि केवल आप दोनों के बीच रहने चाहिए।

डॉ. खेमानी ने कहा “इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि सेक्सटिंग की गलत होने की बहुत संभावना है। ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया ने फ्लर्टिंग को सुलभ बना दिया है। तस्वीरें गलत व्यक्ति को क्षण भर में गलती से भेजी जा सकती हैं, और किसी के भी साथ साझा हो सकती हैं। जो भरोसेमंद न हो, या उन्हें किसी को चोट पहुंचाने या शर्मिंदा करने के लिए दोस्तों के साथ साझा किया जा सकता है या ऑनलाइन पोस्ट किया जा सकता है। जब सहमति के बिना सेक्स्टिंग को आगे बढ़ाया जाता है, तो यह निश्चित रूप से आपके मानसिक स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर सकता है।”

क्‍या हो सकता है दुष्‍परिणाम

उन्होंने कहा कि व्यक्ति विश्वासघात, शर्मिंदगी, सदमा, अकेलापन, अवसाद, एंग्जायटी और सोशल आइसोलेशन की तरफ रुख कर सकता है। सेक्सटिंग लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है जैसे- लोग बाइपोलर डिसऑर्डर से ग्रस्त हो जाते हैं कि वो सेक्सटिंग के बाद दुनिया का कैसे सामना करेंगे।

इसके बारे में जान लेना ज्‍यादा जरूरी है। चित्र-शटरस्टॉक।
इसके बारे में जान लेना ज्‍यादा जरूरी है। चित्र-शटरस्टॉक।

जबकि सेक्सटिंग एक आम और लोकप्रिय तरीका बन गया है, इसमें आपका निर्णय होना चाहिए। सेक्सटिंग को कभी भी किसी पर मजबूर नहीं किया जाना चाहिए और आपका सामने वाले का कम्फर्ट लेवल मालूम होना बहुत ज़रूरी है, इससे पहले कि आप ‘सेंड’ का बटन दबाएं।

सेक्सटिंग करना एक मजेदार बात हो सकती है, लेकिन अगर गलत हुआ तो यह एक बहुत बड़ी मुसीबत बन सकती है। इसलिए, यदि आप इसमें लिप्त हैं, तो इसके लिए जिम्मेदार बनें और अपने मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव के बारे में सावधान रहें।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।