योनि में खुजली और इंफेक्शन से बचने के लिए मॉनसून में फॉलो करें ये वेजाइनल हाइजीन 6 टिप्स

ह्यूमिडिटी की वजह से वेजाइनल एरिया में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगी का ग्रोथ बढ़ जाता है। ऐसे में खुजली होती है, और ईस्ट इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वेजाइनोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।
Vaginal boil se kaise deal karein
मसाला खाने के बाद वेजाइनल बर्निंग को कैसे कम करना है. चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Updated: 2 Jul 2024, 07:05 pm IST
  • 123

मॉनसून कई लोगों का पसंदीदा मौसम है। पर बारिश की बूंदें ठंडक के साथ साथ वातावरण में ह्यूमिडिटी को बढ़ा देती हैं। जिसका प्रभाव बाल एवं त्वचा के साथ ही आपकी वेजाइनल हेल्थ पर भी नजर आता है। ह्यूमिडिटी के कारण महिलाओं को वेजाइना में फ्राइक्वेंटली इचिंग महसूस होता है, वहीं कई महिलाओं को बार बार संक्रमण हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ह्यूमिडिटी की वजह से वेजाइनल एरिया में लंबे समय तक नमी बनी रहती है, जिससे बैक्टीरिया और फंगी का ग्रोथ बढ़ जाता है। ऐसे में खुजली होती है, और ईस्ट इन्फेक्शन और बैक्टीरियल वेजाइनोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है।

मॉनसून में वेजाइनल इरिटेशन, इचिंग और इन्फेक्शन को अवॉइड करने के लिए इंटिमेट हाइजीन के प्रति अधिक सचेत रहने के साथ ही कुछ जरूरी बातों को याद रखना बेहद महत्वपूर्ण है। मदरहुड हॉस्पिटल, खराड़ी, पुणे की कंसल्टेंट ऑब्सटेट्रिशियन डॉक्टर, सुश्रुता मोकादम ने मॉनसून वेजाइनल केयर से जुड़ी कुछ जरूरी टिप्स शेयर की हैं। तो चलिए जानते हैं, योनि स्वास्थ्य को बनाए रखने के कुछ जरूरी टिप्स (Vaginal care in monsoon)।

जानें मॉनसून में कैसे रखना है वेजाइना का ध्यान (Vaginal care in monsoon)

1. वेजाइना को ड्राई करें

ह्यूमिडिटी के कारण वेजाइनल एरिया में पहले से नमी बनी रहती है, इसलिए वेजाइना को वॉश करने के बाद या बाथरूम का इस्तेमाल करने के बाद, टिश्यू या कॉटन के कपड़े से योनि को अच्छी तरह ड्राई करना न भूलें। इससे कीटाणुओं के पनपना का खतरा कम हो जाता है। हालांकि, ड्राई करते वक्त इसे जोर से न रगड़ें, अन्यथा जलन और इरिटेशन का सामना करना पड़ सकता है।

vaginal odour
कॉटन के कपड़े से योनि को अच्छी तरह ड्राई करना न भूलें। चित्र : शटरस्टॉक

2. तुरंत बदलें अपने गीले कपड़े

बारिश के मौसम में अक्सर कपड़े गीले हो जाते हैं, जिसे फौरन बदलने का प्रयास करें। वहीं हमेशा बारिश से बचने की कोशिश करें। इसके अलावा बरसात में आम तौर पर कपड़े जल्दी नहीं सूखते हैं, उनमें कहीं न कहीं नमी रह जाती है। इसलिए ऐसे कपड़े खास करके अंडरगारमेंट्स पहनने से बचें, इन्हें अच्छी तरह ड्राई किए बगैर न पहने। मानसून में इमरजेंसी के लिए दो जोड़ी नए अंडरगारमेंट्स तैयार रखें।

3. कॉटन के अंडरगारमेंट्स पहनें

कॉटन के हल्के अंडर गारमेंट्स चुने, जिससे कि एयर सर्कुलेशन हो पाए। बरसात में इंटिमेट एरिया में नमी बनी रहती है, वहीं यदि आप सिंथेटिक के अंडरगारमेंट्स पहनती हैं, तो नमी पूरी तरह से ट्रैप हो जाती है और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कॉटन के अंडरगारमेंट्स एक्स्ट्रा मॉइश्चर को अब्जॉर्ब करते हैं, साथ ही एयर पासेज में मदद करते हैं, जिससे की नमी कम होती है।

यह भी पढ़ें: क्या आप भी रेगुलर सेक्स के लिए यूज करते हैं फ्लेवर्ड कंडोम? तो जान लीजिए इसके जोखिम

4. इम्यूनिटी बूस्टिंग टिप्स पर ध्यान दें

हेल्दी डाइट, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट के साथ इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। एक मजबूत इम्यूनिटी बॉडी को तमाम प्रकार के संक्रमण से प्रोटेक्ट करती है। कमजोर इम्यूनिटी आपकी वेजाइना को भी संक्रमित कर सकती है, इसलिए इस पर ध्यान दें।

jaane vaginal lightening cream ke side effects.
जानें वेजाइनल सिस्ट के कई कारण हो सकते हैं. चित्र :एडॉबीस्टॉक

5. सेफ सेक्स प्रैक्टिस है जरूरी

बरसात के मौसम में इंटिमेट एरिया अधिक संवेदनशील होती है, ऐसे में अनप्रोटेक्टेड सेक्स आपको संक्रमण का शिकार बन सकता है। इसलिए हमेशा प्रोटेक्टेड सेक्स करें। इंटरकोर्स के दौरान मेल और फीमेल कंडोम का इस्तेमाल करें, जिससे कि तमाम तरह के इन्फेक्शन का खतरा कम हो जाता है। साथ ही साथ इससे वेजाइनल फ्लोरा को मेंटेन रखने में भी मदद मिलती है।

6. पीरियड हाइजीन पर दें विशेष ध्यान

बारिश के मौसम में पीरियड्स के दौरान अधिक सचेत रहने की आवश्यकता होती है, क्योंकि वेजाइना पहले से ही नमी युक्त होती है। वहीं पीरियड्स में लंबे समय तक नमी बने रहने की वजह से आप संक्रमित हो सकती हैं। ऐसे में पैड के गीला होने का इंतजार न करें, इन्हें 4 से 5 घंटे पर जरूर बदले। इस दौरान सैनिटरी पैड्स की जगह मेंस्ट्रूअल कप और टैंपन का इस्तेमाल करें।

यह भी पढ़ें: Fertility Myth : डियर कपल्स प्रेगनेंसी प्लान कर रहे हैं, तो पहले जान लें फर्टिलिटी से जुड़े इन 5 मिथ की सच्चाई

  • 123
लेखक के बारे में

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
अगला लेख