लैवेंडर ऑयल स्किन प्रॉब्लम्स दूर करता है, यहां हैं इसके कई और भी फायदे

लैवेंडर ऑयल स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करने के साथ-साथ एंग्जाइटी, इनसोमनिया को दूर कर  नींद लाने में भी मदद करता है।
लैवेंडर ऑयल का प्रयोग करें। चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published on: 31 July 2022, 18:30 pm IST
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अरोमाथेरेपी में सबसे अधिक प्रयोग लैवेंडर एसेंशियल ऑयल का ही किया जाता है। अरोमाथेरेपी अल्टरनेटिव मेडिसिन का एक रूप है, जो इलाज के लिए पौधों के एक्सट्रैक्ट का उपयोग करता है। एसेंशियल ऑयल पौधों से निकाले गए कंपाउंड हैं।

ऑयल पौधे की गंध और स्वाद या “सत्व” को कैप्चर करते हैं।

एसेंशियल ऑयल डिस्टिलेशन (स्टीम और पानी के माध्यम से) या मैकेनिकल तरीकों जैसे कोल्ड प्रेसिंग से प्राप्त किए जाते हैं। एक बार एरोमैटिक केमिकल्स को निकालने के बाद उन्हें करियर ऑयल के साथ मिलाकर प्रोडक्ट तैयार किया जाता है।

एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला लैवेंडर ऑयल

लैवेंडर ऑयल को प्रमुख एसेंशियल ऑयल माना जाता है। इसके कई फायदे हैं। लैवेंडर ऑयल एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों वाला होता है, जो जलन और बग के काटने को ठीक करने में मदद कर सकता है। स्टडी के अनुसार यह स्किन के अलावा, एंग्जाइटी, अनिद्रा, अवसाद और रेस्टलेसनेस के इलाज के लिए उपयोगी हो सकता है। 

स्किन प्रॉब्लम्स होते हैं दूर

लैवेंडर ऑयल को करियर ऑयल के साथ मिलाकर इसके प्रयोग से स्किन प्रॉब्लम्स ठीक हो जाते हैं।

कैसे करें प्रयोग

जोजोबा या अल्मंड ऑयल करियर ऑयल के साथ मिलाकर इसे स्किन पर मालिश की जा सकती है। स्नान के दौरान भी इसका प्रयोग किया जा सकता है।

कपड़े या टिश्यू पर लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदों की सुगंध ली जा सकती है। तेल को अरोमाथेरेपी डिफ्यूजर या वेपोराइज़र में मिला कर भी प्रयोग किया जा सकता है।

स्किन एलर्जी का इलाज

एलर्जी के लक्षणों से छुटकारा पाने के लिए लैवेंडर ऑयल के प्रयोग करने की बात कही जाती है। लैवेंडर एक प्राकृतिक एंटीहिस्टामाइन है।

कैसे करें प्रयोग

लैवेंडर, नींबू और पेपरमिंट ऑयल की बराबर मात्रा मिलाकर एफेक्टेड एरिया में लगाएं।

एंग्जाइटी पर कारगर

इसका प्रयोग प्रेगनेंट महिलाओं की प्रसव की एंग्जायटी को शांत करने में किया जाता है। इस पर एक स्टडी भी की गई है। इसमें 28 महिलाओं को शामिल किया गया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सप्ताह में दो बार 15 मिनट लंबे अरोमाथेरेपी सत्रों का प्रयोग किया गया। इससे एंजायटी लेवल कम होने के साथ-साथ अवसाद को भी कम करने में मदद मिली। इसे अमेरिकी जर्नल क्लिनिकल प्रैक्टिस में प्रकाशित किया गया।

कैसे करें प्रयोग

कपड़े या टिश्यू पर लैवेंडर एसेंशियल ऑयल की कुछ बूंदें छिड़क लें।

उसे कुछ मिनटों तक सूंघती रहें।

इनसोमनिया दूर होता है

कई अध्ययनों से पता चला है कि लैवेंडर एसेंशियल आॅयल नींद को बढ़ावा देता है और इनसोमनिया से लड़ने में मदद करता है।

कॉम्प्लिमेंटरी एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित 2015 के एक अध्ययन में नींद की हाइजीन टेक्निक और लैवेंडर एसेंशियल ऑयल चिकित्सा के संयोजन से कॉलेज के छात्रों को रात में बेहतर नींद लेने में मदद मिली। नींद की समस्याओं वाले 79 छात्रों के अध्ययन में यह भी पाया गया कि सोते समय लैवेंडर को सांस लेने से दिन की ऊर्जा और जीवंतता में सुधार हुआ।

कैसे करें प्रयोग

सोने से पहले हाथ या कपड़ों पर लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदों को लगाकर सूंघा।

पलकें होंगी घनी

काजल में लैवेंडर ऑयल मिलाने से पलकों को घना और तेजी से बढ़ने में मदद मिलती है। इसके पीछे सिद्धांत यह है कि पलकों पर माइट्स रहते हैं, जो विकास को रोकते हैं। माइट्स को मारने के लिए लैवेंडर का उपयोग करने से पलकें तेजी से बढ़ती हैं।

लैवेंडर आॅयल से पलकें घनी होती हैं। चित्र: शटरस्टॉक

कैसे करें प्रयोग

रात में सोने से पहले उंगलियों की पोरों में यह ऑयल लगा लें।

इसे पलकों पर हल्के हाथों से घुमाएं।

गंजेपन का इलाज

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल बालों के झड़ने को रोकता है। चूहों पर 2016 के एक अध्ययन के माध्यम से देखा गया कि लैवेंडर आॅयल ने बालों के डेवलपमेंट में मदद की।

कैसे करें प्रयोग

करियर ऑयल के साथ लैवेंडर ऑयल की कुछ बूंदें मिक्स कर को रात में सोने से पहले स्कैल्प और बालों की जड़ों में लगाया जा सकता है।

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल से एलर्जी

लैवेंडर एसेंशियल ऑयल कुछ व्यक्तियों में त्वचा में जलन या एलर्जी की प्रतिक्रिया पैदा कर सकता है। यदि आप लैवेंडर का उपयोग करने के बाद मतली, उल्टी या सिरदर्द का अनुभव करती हैं, तो तुरंत उपयोग बंद कर दें।

लैवेंडर आॅयल से  एलर्जी भी हो सकती है। चित्र:शटरस्टॉक

एसेंशियल ऑयल लैवेंडर के सेवन से टॉक्सिक प्रभाव पड़ सकते हैं। 

इसलिए किसी प्रोफेशनल की देखरेख में ही लैवेंडर ऑयल का प्रयोग करें।

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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