टाइट ब्रा और पसीना बन रहे हैं अंडर बूब रैशेज का कारण, तो इन 5 घरेलू उपायों से पाएं राहत

दिन भर की थकान के साथ ही आपके शरीर के कुछ हिस्सों में असहजता भी बढ़ने लगती है। स्तन और उनके नीचे होने वाले रैशेज भी इसका कारण हो सकते हैं।

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अक्टूबर ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ है। चित्र:शटरस्टॉक
निशा कपूर Updated on: 10 October 2022, 10:40 am IST
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अंडरबूब में होने वाले रैशेज (Rashes under breast) एक आम समस्या है। बहुत ज्यादा पसीना आना, लंबे समय तक टाइट ब्रा या कसे हुए कपड़े पहनने और अधिक गर्मी की वजह से ब्रेस्ट के नीचे रैशेज हो सकते हैं। स्लिम महिलाओं की तुलना में मोटी महिलाओं को इनका सामना ज्यादा करना पड़ता है। आपके स्तनों के आसपास जहां-जहां भी स्किन फोल्ड होती है, वहां आपको ये ज्यादा परेशान कर सकते हैं। कारण तो हम में से ज्यादातर लोग जानते हैं, तो आइए जानें कि इनका उपचार (How to cure Underboob rashes) कैसे किया जा सकता है।

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स्तन के नीचे होने वाले रैशेज़ की वजह पसीना भी हो सकती है, चित्र: शटरस्टॉक

ब्रेस्ट के नीचे होने वाले रैशेज के सामान्य कारण

ब्रेस्ट के नीचे रैशेज (Underboob rashes) किसी प्रकार के फंगल इंफेक्शन के कारण हो सकते हैं, जिस कारण से कीटाणुओं की वृद्धि होने लगती है। कभी-कभी ब्रेस्टफीडिंग (Breastfeeding) के दौरान भी यह परेशानी हो जाती है। जिसमें लाल निशान, जलन और खुजली हो सकती है। साथ ही इससे स्किन भी ड्राई हो जाती है। खुजली करने से यह परेशानी काफी बढ़ जाती है। इसलिए जरूरी है कि आप स्तनों के आसपास होने वाले रैशेज से निपटने के लिए घरेलू उपाय (Home remedies for rashes under breast) अपनाएं।

प्रसिद्ध त्वचा विशेषज्ञ और दादू मेडिकल सेंटर की संस्थापक और अध्यक्ष डॉ निवेदिता दादू, ब्रेस्ट के नीचे होने वाले रैशेज के बारे में विस्तार से बता रहीं हैं। डॉक्टर दादू कहती हैं, “ब्रेस्ट के नीचे होने वाले रैशेज से खुजली, सूजन, ड्राईनेस और घाव भी हो सकते हैं। स्तनों के नीचे खुजली और रैशेज होने की कई वजह होती हैं, जिनमें एलर्जी, स्तन के नीचे फंगस और सूजन भी शामिल हैं।

अंडरबूब में होने रैशेज से बचने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय

1 नारियल ऑयल

नारियल के तेल में स्किन पर होने वाले रैशेज से आराम दिलाने वाले गुण शामिल होते हैं। इसमें ग्रिसी प्रकृति, एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण मौजूद होते हैं जो ब्रेस्ट के नीचे किसी भी प्रकार के इंफेक्शन होने से बचाते हैं। इसके लिए प्रभावित क्षेत्र पर नारियल का तेल लगाएं। ताकि स्किन इसे अवशोषित कर सकें। इस तरह से दिन में 2 से 3 बार करें। रैशेज दूर हो जाएंगे।

2 एलोवेरा

एलोवेरा में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होने की वजह से यह खुजली और जलन की परेशानी को दूर करने में फायदेमंद साबित होता है। इसके लिए एलोवेरा की पत्ती से जेल निकालकर उसे प्रभावित क्षेत्र पर 20 मिनट तक लगे रहने दें। आप चाहे तो एलोवेरा जेल के साथ हल्दी मिलाकर भी लगा सकते हैं। क्योंकि उसमें भी एंटीसेप्टिक गुण होते हैं। 20-30 मिनट तक इसे लगे रहने दें और उसके बाद सादा पानी से धो लें।

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3 लहसुन

लहसुन में मौजूद एंटीसेप्टिक गुण ब्रेस्ट के नीचे के रैशेज को हटाने में सहायता करते हैं। इसके लिए लहसुन की कुछ कलियों को रात को ऑलिव ऑयल में भिगोकर रख दें। अगले दिन इसे ब्रेस्ट के नीचे रैशेज पर लगाएं। कुछ घंटों तक इसे लगे रहने दें। उसके बाद इसे धो लें। इस तरह से दिन में 3-4 बार करें।

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लहसुन बहुत जल्दी खून रोक सकती है। चित्र: शटरकॉक

4 कॉटन

ब्रेस्ट के नीचे होने वाले रैशेज से आराम पाने का सबसे सरल उपाय कॉटन का प्रयोग करना है। इसके लिए ब्रेस्ट के निचले हिस्से और स्किन के बीच में थोड़ी सी कॉटन लगा लें। यह मॉइश्चर और स्किन के बीच में एक परत बना लेगी और सभी चीजे अवशोषित कर लेगी।

5 सूती ब्रा पहनें

हल्की व नमी को कम करने वाली सामग्री जैसे कॉटन से बनी ब्रा का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से पूरे दिन स्तनों के नीचे होने वाले रैशेज को सूखा रखेगा और एयरफ्लो को भी बढ़ाएगा।

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लेखक के बारे में
निशा कपूर निशा कपूर

देसी फूड, देसी स्टाइल, प्रोग्रेसिव सोच, खूब घूमना और सफर में कुछ अच्छी किताबें पढ़ना, यही है निशा का स्वैग।

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