डायबिटिक हैं, तो जानिए कैसे रखना है अपनी स्किन का ख्याल 

Published on: 26 July 2022, 20:40 pm IST

डायबिटीज के कारण सबसे अधिक समस्या स्किन संबंधी होती हैं। यदि आपको डायबिटीज है, तो स्किन प्रॉब्लम से बचने के लिए 7 टिप्स अपना सकती हैं।

skin disease
लैवेंडर आॅयल से स्किन एलर्जी दूर हो जाती है। चित्र:शटरस्टॉक

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है, जो अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को भी बढ़ाती है। वास्तव में मधुमेह से संबंधित ब्लड शुगर असंतुलन न केवल शरीर के अन्य अंगों, बल्कि स्किन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यदि आपको डायबिटीज है, तो आपको ड्राय स्किन की समस्या हो सकती है। इसके कारण स्किन में खुजली हो सकती है और आसानी से संक्रमित भी हो सकती है। इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी स्किन का बेहतर तरीके से ख्याल रखें। आपकी मदद के लिए हम यहां 7 एक्सपर्ट टिप्स (how to treat diabetic dry skin) शेयर कर रहे हैं। 

ड्राय स्किन के अलावा, ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव से स्किन पर फफोले, लाल या काले धब्बे, बैक्टीरियल इंफेक्शन, डायबिटिक डर्मोपैथी (त्वचा पर हल्के भूरे रंग के पैच ) और एकैन्थोसिस नाइग्रिकन्स (आर्मपिट, कमर और गर्दन के पीछे के क्षेत्र में मोटी स्किन के काले बैंड के रूप में स्किन पर धब्बे हो सकते हैं) का कारण बन सकते हैं।

हेल्थ शॉट्स ने स्किन एक्सपर्ट और दादू मेडिकल सेंटर की फाउंडर और चेयरमैन डॉ. निवेदिता दादू से बात की। उन्होंने डायबिटीज होने पर स्किन प्राॅब्लम से बचने के सर्वोत्तम उपाय बताये। उन उपायों पर गौर करने से पहले आइए जान लेते हैं कि डायबिटीज के कारण त्वचा संबंधी समस्याएं क्यों होती हैं?

मधुमेह और त्वचा की समस्याएं

दादू कहती हैं, “मधुमेह या पूर्व मधुमेह की स्थिति वाले अधिकांश लोगों को कुछ आवर्ती त्वचा संबंधी समस्याएं दिखाई देती हैं या उनके जीवन में कभी न कभी त्वचा संबंधी विकार होते हैं। डायबिटीज हाई ब्लड ग्लूकोज का कारण बनता है, जिससे शरीर में पूअर ब्लड सर्कुलेशन हो सकता है। परिणामस्वरूप ब्लड वेसल्स और नसों को पर्याप्त रक्त और पोषक तत्व नहीं मिलते। इसलिए कम ब्लड सर्कुलेशन स्किन को ठीक करने की क्षमता को कम करता है और स्किन के कोलेजन को नुकसान पहुंचाता है। इसके कारण सफेद रक्त कोशिकाएं संक्रमण से लड़ने की क्षमता भी खो देती हैं। इसके कारण ही डायबेटिक फीट विकसित हो सकते हैं।

डायबिटीज पेशेंट को कौन सी त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं?

डैमेज स्किन सेल अच्छी तरह से काम करने की क्षमता खो देते हैं। स्किन टेम्प्रेचर और प्रेशर के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि का अनुभव करती है। मधुमेह के प्रारंभिक चरण के दौरान लोगों को त्वचा पर धब्बे का अनुभव होता है। गर्दन या आर्मपिट पर पैच बन सकते हैं। कुछ लोगों की त्वचा भी पीली हो जाती है। 

दादू कहती हैं, “खराब रक्त परिसंचरण के कारण, शरीर के विभिन्न हिस्सों में खासकर निचले पैरों पर खुजली हो सकती है।

डायबिटीज आपकी त्वचा को संवेदनशील बना देती है, जिससे कटने और चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है। यदि इन चोटों को नजरअंदाज कर दिया जाता है, तो गंभीर संक्रमण विकसित हो सकता है, क्योंकि मधुमेह इम्युनिटी सिस्टम की सक्रियता में हस्तक्षेप करके उपचार प्रक्रिया को धीमा कर देता है।

दादू के अनुसार, यदि आपको मधुमेह है, तो स्किन प्रॉब्लम से बचने के लिए यहां 7 टिप्स दिए जा रहे हैं:

  1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं: 

जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज की हिस्ट्री रही है, उन्हें विटिलिगो और सोरायसिस के लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए। मधुमेह को नियंत्रण में रखने के लिए नियमित दवा, व्यायाम और नियंत्रित आहार स्किन समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।

  1. त्वचा की स्वच्छता बनाए रखें: 

अपनी त्वचा को साफ और सूखा रखें, खासकर अंडरआर्म्स, स्तनों के नीचे, पैर की उंगलियों के बीच और कमर के आसपास की समस्या वाले क्षेत्रों में।

  1. गर्म स्नान न करें: 

बहुत गर्म स्नान और वर्षा से बचें। पसीना कम करने के लिए हॉट या ह्यूमिड वेदर में दो बार स्नान करें, जिससे संक्रमण की संभावना कम हो जाती है।

  1. अपनी त्वचा को नमीयुक्त रखें: 

अपनी त्वचा को दिन में दो बार मॉइस्चराइज करें। अगर आपकी त्वचा रूखी है तो पूरे शरीर पर मॉइस्चराइजर लगाएं, क्योंकि रूखेपन से एलर्जी हो सकती है।

skin lotion
स्किन को मॉयश्चराइज करना जरूरी है।चित्र: शटरस्‍टॉक
  1. अपने पैरों और हाथों की अच्छी देखभाल करें: 

मधुमेह रोगियों को त्वचा और हाथ-पांव से संबंधित अन्य बीमारियां होने की संभावना अधिक होती है। घावों से बचने के लिए हर दिन उनकी जांच करें। चौड़े, सपाट जूते पहनें जो अच्छी तरह फिट हों।

  1. घाव का तुरंत इलाज करें: 

घाव पर तुरंत एंटीबायोटिक मरहम लगाएं।

  1. हमेशा सनस्क्रीन लगाएं:

हर दिन एसपीएफ 40 वाला सनस्क्रीन लगाएं। सनस्क्रीन आपकी त्वचा को सूरज से होने वाले हानिकारक प्रभावों से बचाएगा।

अंत में, अपने आप को हाइड्रेटेड रखने के लिए ढेर सारा पानी पिएं और अपने आहार में दालचीनी, जामुन, एलोवेरा, जामुन, टमाटर, आंवला, दही, लेमनग्रास आदि जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल करें।

यह भी पढ़ें:-इन 5 कारणों से अचानक बढ़ सकता है आपका वजन, कंट्रोल करना है जरूरी  

टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।