जामुन के बीज की तरह ये 4 चीजें भी कर सकती हैं डायबिटीज कंट्रोल, जानिए इस्तेमाल का तरीका 

Published on: 23 July 2022, 09:30 am IST

अपने खानपान में बदलाव करने के साथ ही कुछ प्राकृतिक चीजों के इस्तेमाल से भी मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। 

diabetes ko control karein
डायबिटीज की दवा के साथ-साथ प्राकृतिक चीजों का सेवन करके भी डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है। चित्र:शटरस्टॉक

स्ट्रेस, फिजिकल और मेंटल परेशानियों के साथ-साथ खराब लाइफस्टाइल भी डायबिटीज के कारण हैं। इसमें ब्लड ग्लूकोज को प्रोसेस करने की शरीर की क्षमता कम हो जाती है, जिससे ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। यदि मरीज की ठीक तरह से देखभाल नहीं की जाए, तो ब्लड शुगर से स्ट्रोक और हार्ट डिजीज का खतरा भी बनने लगता है। खराब लाइफस्टाइल के साथ-साथ जेनेटिक वजहों से भी डायबिटीज हो सकती है। पर क्या इसके लिए आजीवन दवाओं पर निर्भर रहना पड़ेगा? नहीं, बिल्कुल नहीं! क्योंकि आयुर्वेद में कुछ ऐसे उपायों के बारे में बताया गया है जो समय रहते शुगर लेवल को कंट्रोल (How to control diabetes naturally) कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही 5 प्राकृतिक चीजों के बारे में। 

बढ़ते जा रहे हैं भारत में डायबिटीज के मामले 

भारत में डायबिटीज से पीड़ित लोगों की संख्या 5 करोड़ से अधिक हो चुकी है। यदि आप भी डायबिटीज की मरीज हैं, तो जरूरी दवा के साथ-साथ कुछ प्राकृतिक तरीकों से भी शुगर लेवल को कम कर सकती हैं। 

पांच प्राकृतिक चीजें जो डायबिटीज को कंट्रोल कर सकती हैं 

अंजीर के पत्ते, जामुन के बीज, अमरूद के पत्ते, सहजन के पत्ते का पानी, एलोवेरा जूस से भी डायबिटीज को कंट्रोल किया जा सकता है।  

 1 अंजीर के पत्ते 

अंजीर और अंजीर के पत्ते में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं। इसकी वजह से इंसुलिन सीक्रेशन बढ़ जाता है। जिन लोगों को डायबिटीज है, उनमें अंजीर के पत्तों के सप्लीमेंट ब्लड शुगर को घटाने में मदद करते हैं। 

डायबिटीज की दवाओं के साथ अंजीर के पत्तों का सेवन किया जा सकता है। साथ ही ब्लड शुगर को मॉनिटर करना भी जरूरी है।

कैसे करें प्रयोग

अंजीर के 4-5 पत्तों को 5-10 मिनट तक उबाल लें।

इससे तैयार लिक्विड को चाय की तरह पिएं।

अंजीर की सूखी पत्तियों को भी उबालकर पिया जा सकता है।

2 जामुन के बीज

जामुन के बीज में फ्लेवोनोइड और फेनोलिक जैसे कंपाउंड पाए जाते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट होते हैं। इनसे हमारे शरीर की इम्‍यूनिटी बढ़ती है। जामुन के बीज में जोम्बोलिन और जम्बोसिन कंपाउंड भी पाया जाता है। यह शरीर में इंसुलिन की मात्रा को बढ़ा देता है और ब्लड शुगर लेवल को घटाता है।

कैसे करें प्रयोग

बीज को अच्छी तरह धोकर धूप में खूब सूखने दें।

सूखने पर ऊपर के छिल्के हटा लें।

बीज को पीसकर पाउडर बना लें।

रोज सुबह खाली पेट 1 टेबलस्पून पाडडर 1 गिलास पानी के साथ लें।

3 अमरूद के पत्ते

क्या आप जानती हैं कि अमरूद के साथ-साथ अमरूद का पत्ता भी डायबिटीज में फायदेमंद होता है। अमरूद की पत्तियों में फ्लेवोनोइड, एंटीऑक्सीडेंट और क्वेरसेटिक कंपाउंड पाए जाते हैं। ये कॉलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ-साथ डायबिटीज में भी फायदेमंद हैं। 

 कैसे करें प्रयोग

अमरूद के पत्तों की चाय पिएं।

इसके साथ ही अमरूद के 2-3 पत्तों को खाली पेट चबाएं।

 4 सहजन की पत्तियां

सहजन में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। ये सभी पोटैशियम, जिंक, मैग्नीशियम, आयरन, कॉपर, फास्फोरस से भरपूर होते हैं। इसकी पत्तियों में मौजूद क्वेरेसेटिन नामक एंटीऑक्सीडेंट ब्लड प्रेशर, तो क्लोरोजेनिक एसिड ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है।

कैसे करें प्रयोग

डायबिटीज के मरीज पत्तियों को अच्छी तरह पानी से धोकर कच्चा भी खा सकते हैं।

पत्तियों को सुखाकर पाउडर बनाकर 1 गिलास पानी के साथ लिया जा सकता है।

drumstick ko diet mein add kare aur fayde le
सहजन और सहजन की पत्तियां ब्लड शुगर को कंट्रोल करती हैं। चित्र:शटरस्टॉक

आप चाहें तो पत्तियों को उबालकर इसके पानी को भी पी सकती हैं। यह भी डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है।

5 एलोवेरा जूस

एलोवेरा में ऐसमैनन पाया जाता है, जिसमें ब्लड शुगर लेवल को कम करने की प्रवृत्ति देखी गई है। एलोवेरा में मौजूद हाइड्रोफिलिक फाइबर, ग्लूकोमानन और फाइटोस्टेरॉल ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं।  

कैसे करें प्रयोग

खाली पेट 2 चम्मच पानी के साथ 2 चम्मच एलोवेरा जूस को मिलाकर नियमित तौर पर सेवन करें।

 नोट : ध्यान रहे कि इन नेचुरल चीजों के सेवन के साथ-साथ दवा लेना भी जारी रखें। शुगर लेवल की जांच भी लगातार कराती रहें।

स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।