डियर लेडीज, मानसून आपको बट रैशेज भी दे सकता है, यहां हैं इंस्टेंट रिलीफ टिप्स 

Published on: 27 July 2022, 19:34 pm IST

कोई भी दाना, रैश या खुजली जब आपके बट पर होते हैं, तो ये और भी ज्यादा दर्दनाक हो सकते हैं। इसलिए इनका तुरंत उपचार जरूरी है। 

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बट रैशेज़ से यूं पाएं छुटकारा, चित्र: शटरस्टॉक

रैशेज या चकत्ते आपके शरीर के किसी भी हिस्से पर हो सकते हैं। हां, यहां तक कि आपके नितंबों (Butts) पर भी।  चकत्ते दर्दनाक या खुजलीदार हो सकते हैं और कुछ मामलों में फफोले और पेची स्किन का कारण बन सकते हैं। ज्यादातर लोग बट रैशेज (Butt rashes) को शिशुओं और बच्चों के साथ जोड़ते हैं, लेकिन वयस्कों को भी यह समस्या परेशान कर सकती है। खासतौर से मानसून में। तो आइए जानते हैं बट रैशेज के कारण और बचाव (how to get rid of rashes in buttocks) के उपाय।

हीट रैश से लेकर एलर्जी और यौन संचारित संक्रमणों तक कई चीजें बट रैशेज का कारण बन सकती हैं। कुछ घरेलू उपचार चकत्तों पर काम कर सकते हैं। जबकि कई बार इनके लिए चिकित्सकीय उपचार की भी जरूरत पड़ सकती है। इसीलिए इस बारे में ज़्यादा जानने के लिए हमने बात की स्किन मामलों की एक्सपर्ट फील गुड क्लीनिक लखनऊ की डॉक्टर ऋतु जोशी से।

स्किन पैचेज़, रैशेज़ और खुजली कष्टप्रद होते हैं, लेकिन जब वे आपके बट पर होते हैं, तो यह ज़्यादा दिक्कत और परेशानी की वजह बनते हैं। ICYMI के अनुसार  न केवल शिशुओं को, बल्कि वयस्कों को भी बट रैश हो सकते हैं। कभी-कभी यह एक मामूली गांठ या सिर्फ साधारण फुंसी के रूप में होते हैं। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो ये जलन, लालपन और गंभीर दर्द का भी कारण बन सकते हैं।

चलिए जानें बट रैशेज़ के प्रकार

  • हीट रैश: यह खुजली, लाल दाने अक्सर गर्म मौसम के दौरान फफोले या लाल धक्कों के रूप में दिखाई देते हैं।
  • एटोपिक स्वेलिंग: इसे एक्जिमा के रूप में भी जाना जाता है। यह शुष्क त्वचा का कारण बनता है, जो रात में खुजली वाली हो जाती है।

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    बट रैशेस के ये हैं कारण । चित्र : शटरस्टॉक
  • सोरायसिस: यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें त्वचा की कोशिकाओं का निर्माण होता है और खुजली वाले सूखे पैच बनते हैं। वैज्ञानिकों को लगता है कि सोरायसिस एक प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्या का परिणाम है।
  • इंटरट्रिगो: यह एक सूजन की स्थिति है, जो आमतौर पर त्वचा की परतों में पाई जाती है। यह संक्रमण के साथ और खराब हो सकता है।
  • मुंहासे: नितंबों पर बनने वाले मुंहासे अक्सर शरीर के बाकी हिस्सों पर पाए जाने वाले मुंहासों से अलग होते हैं। शेविंग या सामान्य घर्षण (फॉलिकुलिटिस) से बालों के रोम में संक्रमण से बट पर रैशेज़ होते हैं।
  • जननांग दाद: यह सामान्य यौन संचारित वायरस जननांगों और गुदा के आसपास दाने जैसे लक्षण पैदा करता है। यह वायरल संक्रमण से संबंधित है और शरीर के ये रैशेज़ गंभीर खुजली वाले दाने का कारण होते हैं। यह एक ऐसा कवक संक्रमण है जो कमर और बट क्षेत्र में लाल दानों  का कारण बनता है। इनमें अक्सर बहुत खुजली होती है।
  • कैंडिडा : कैंडिडा एक कवक है जो त्वचा पर रहता है और खमीर संक्रमण का कारण बनता है। खमीर संक्रमण से तीव्र खुजली और फैलने वाले दाने हो सकते हैं।

बट रैश के सामान्य लक्षणों में निम्नलिखित शामिल हैं:

गुदा के आसपास रैशेज़ और लाल त्वचा और इरीटेशन  

बट पर मुंहासे जैसे घाव

त्वचा पर छोटे, लाल थक्के या डॉट्स

खुजली जो खुजलाने से दूर नहीं होती

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एलोवेरा देगा राहत, चित्र: शटरस्टॉक

नितंबों के आसपास की त्वचा का दर्दनाक होना

गुदा के आसपास दर्दनाक या खुजली वाली त्वचा

 त्वचा पर पपड़ीदार धब्बे

क्रस्टी स्किन, फफोले या फुंसी

अगर बट रैशेज़ हो गए हैं, तो ये प्राकृतिक उपचार आ सकते हैं काम 

डॉक्टर ऋतु के अनुसार बट रैशेज़ का प्राथमिक इलाज इस तरह हो सकता है

नारियल का तेल

नारियल के तेल को एटोपिक स्किन स्वेलिंग पर लगाने से रैशेज़  और जलन कम हो जाती है।

ओटमील

ओटमील का पेस्ट लगाने से या ओटमील बाथ लेने से रैश सूखने और खुजली से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

विच हेज़ल

जर्नल ऑफ़ क्यूटेनियस मेडिसिन एंड सर्जरी में प्रकाशित शोध के अनुसार, विच हेज़ल नितंबों और जननांग पर रैशेज़ के इलाज में असरदार हैं।

शहद

 शहद को दाने पर मलने से ये ठीक हो जाते हैं। शहद में रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो त्वचा के उपचार और ऊतक की मरम्मत में मददगार हैं। 

कैमोमाइल टी कंप्रेस करती है

कैमोमाइल टी में भिगोए हुए कंप्रेस को रैशेज पर लगाने से परेशानी कम हो सकती है।

एलोवेरा

 एलोवेरा में एंटीसेप्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी एजेंट होते हैं, जो रगड़ने पर क्षतिग्रस्त त्वचा को राहत देने में मदद कर सकते हैं। यह ठंडक का एहसास भी देता है जो दर्द को कम करने में मदद कर सकता है और एक दर्दनाक बट रैश का दर्द कम कर सकता है। 

टी ट्री ऑयल

टी ट्री ऑयल में एंटीसेप्टिक और रोगाणुरोधी गुण होते हैं, जो इसे त्वचा रोगों के लिए एक बढ़िया उपचार बनाते हैं।

ये उत्पाद भी ऐसे रैश के उपचार में सहायक हो सकते हैं:

सॉफ्ट, सुगंध और ऑयल फ्री मॉइस्चराइज़र

ओरल एंटीथिस्टेमाइंस का इस्तेमाल अगर रैशेज़ एलर्जी  के कारण हैं 

खुजली से राहत के लिए सामयिक हाइड्रोकार्टिसोन क्रीम

दर्द और सूजन को दूर करने के लिए एंटी इंफ्लेमेटरी मौखिक दवाएं, जैसे कि इबुप्रोफेन,

ऐंटिफंगल क्रीम और स्प्रे

ध्यान रहे कि किसी भी तरह के उपचार से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

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शालिनी पाण्डेय शालिनी पाण्डेय