बेबी बड़ा हो गया है, तो इन 5 तरीकों से छुड़वाएं स्तनपान 

Published on: 2 August 2022, 15:11 pm IST

स्तनपान नन्हें शिशु के पोषण के लिए अनिवार्य है। पर जब वह बड़ा होने लगता है और उसे ठोस आहार की जरूरत होती है, तब स्तनपान छुड़वाना भी जरूरी है। 

breastfeeding rokne ke tips
एक समय बाद ब्रेस्टफीडिंग बंद करना मां और बच्चा, दोनों के लिए जरूरी होता है। चित्र: शटरस्टॉक

हर मां के जीवन का एक अहम हिस्सा होता है ब्रेस्ट फीडिंग (Breastfeeding)। इससे न सिर्फ शिशु को जरूरी पोषण मिलता है, बल्कि यह मां के लिए भी फायदेमंद है। ब्रेस्टफीडिंग पोस्टपार्टम वेट लॉस में मदद करने के साथ ही हृदय रोगों से भी बचाव करती है। पर जब शिशु बड़ा होने लगता है, तो उसे अतिरिक्त पोषण के लिए ठोस आहार की जरूरत होती है। वहीं मां को भी ऑफिस लौटने के लिए इसे छुड़वाना जरूरी हो जाता है। बच्चे और मां दोनों के लिए यह एक जटिल प्रक्रिया है। इसे आसान बनाने के लिए हम यहां 5 टिप्स शेयर कर रहे हैं, जो मां को बच्चे को दूध छुड़वाने (How to stop breastfeeding) में मदद करेंगे। 

हालांकि एक बार में ब्रेस्ट फीडिंग बंद नहीं की जा सकती है। इसलिए इसे धीरे-धीरे कम करने की कोशिश करनी चाहिए।

क्यों जरूरी है ब्रेस्टफीडिंग बंद करवाना 

जब बच्चा 12 महीने से अधिक उम्र का हो जाता है, तो गाय के एक कप दूध से उसके फीडिंग की शुरुआत कराई जा सकती है। यदि आपके बच्चे को गाय के दूध से एलर्जी है या लैक्टोज से परेशानी होती है, तो चिकित्सक या आहार विशेषज्ञ से विकल्पों के बारे में बात करें। 12 महीने के बाद बच्चे को फॉर्मूला दूध की भी जरूरत नहीं रह जाती है।

 बच्चे का व्यक्तित्व विकास अच्छी तरह होता है

कुछ बच्चे अन्य बच्चों की तुलना में स्तनपान से अधिक जुड़े होते हैं। वे मां का दूध छोड़ना नहीं चाहते। यह उन्हें सुरक्षा और आराम का एहसास देता है। जिस तरह चलने, दौड़ने, भाषा सीखने, पॉटी करने और ब्रश करने का प्रशिक्षण बच्चे के लिए जरूरी है, उसी तरह ब्रेस्टफीडिंग की आदत छुड़ाना भी बच्चे के व्यक्तित्व विकास के लिए जरूरी है।

यहां हैं बच्चे को स्तनपान छुड़वाने के 5 टिप्स

जब मां अपने बच्चे को स्तनपान कराना बंद कर देती हैं, तो इस प्रक्रिया को वीनिंग (Weaning) कहा जाता है। वीनिंग के लिए यहां 5 टिप्स दिए जा रहे हैं।

1 बच्चे से बात करना

दूध छुड़ाना शुरू करने के कुछ हफ्ते या 1 महीना पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। इस बारे में बच्चे से जरूर बात करें। सबसे पहले दूध पिलाने के बीच गैप बढ़ाएं। सोने के समय या रात के समय का कोई भी आहार छोड़ दें। यह आपके बच्चे को अभ्यस्त होने का समय देगा। इससे वह परिवर्तन को स्वीकार कर पाने के लिए पर्याप्स समय मिल पाएगा।

 2 अचानक न रोकें ब्रेस्टफीडिंग 

अचानक दूध पिलाना बिल्कुल बंद न कर दें। 1 महीने तक लगातार गैप देकर स्तनपान कराती रहें। यह आपके स्तनों के लिए अच्छा रहेगा। एकाएक स्तनपान छोड़ने से स्तनों में दूध जमा होने और दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं होने का खतरा रहता है। इससे आपको स्तनों में दर्द भी हो सकता है। मौके-बेमौके अपने-आप दूध स्तनों से बाहर निकल भी सकता है।

3 कुछ नियम बनाएं 

जब भी आप बाहर हों या घूमने गई हों, तो स्तनपान न कराएं। यदि बच्चा जिद करता है, तो उसे बहलाने की कोशिश करें। उसका ध्यान बंटाने की कोशिश करें। गतिविधियों और सैर-सपाटे को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। ताकि आपका बच्चा स्तनपान के बारे में बहुत अधिक न सोच पाए। कभी-भी बच्चे के आगे भावनात्मक रूप से कमजोर न पड़ें।

4 ऐसे कपड़े पहनें, जिसमें स्तनपान संभव न हो

जब आपका बच्चा आसपास हो, तो उसके सामने कपड़े पहनने और कपड़े उतारने से बचें। ऐसे कपड़े पहनें, जिससे आपके बच्चे को आपके स्तनों तक पहुंचने में कठिनाई हो। टॉप या साड़ी-ब्लाउज की बजाय बंद गले वाले कुर्ते या कमीज पहनें।

5 पार्टनर की लें मदद

यदि आपका बच्चा स्तनपान के लिए रात में जागता है, तो पार्टनर या घर के किसी सदस्य को बच्चे को अपने साथ एंगेज करने कहें। वे उसे गले लगा सकते हैं या गुनगुना पानी पिला सकते हैं या उसके साथ कुछ समय तक खेल सकते हैं।

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स्तनपान छुड़ाने के लिए बच्चे को परिवार के सदस्यों के साथ एंगेज करें। चित्र: शटरस्टॉक

बच्चे को किसी ऐसे व्यक्ति के साथ छोड़ने की कोशिश करें, जिनके साथ वह सहज महसूस करता हो। आपके आसपास नहीं रहने पर ब्रेस्टफीडिंग की उसकी आदत छूट सकती है। 

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।