रिश्ते को बोझ बनने से बचाना है, तो इन तरीकों से तय करें भाई-बहनों के बीच सीमाएं

कभी-कभी कुछ बहुत प्यारे रिश्ते तब बिगड़ जाते हैं, जब हम अपनी सीमाएं भूलकर सामने वाले ज्यादा अपेक्षाएं रखने लगते हैं। यह भाई-बहन के रिश्ते में भी हो सकता है। 

har rishte me boundary set karna behtar hota hai
हर रिश्ते में सीमाएं निर्धारित करना आपको अनावश्यक तनाव से बचाता है। चित्र: शटरस्टॉक
निशा कपूर Updated on: 12 August 2022, 10:29 am IST
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बचपन में भाई-बहनों के लिए कुछ सीमाओं को लांघना, एक-दूसरे से लड़ना और धक्का देना बहुत सामान्य बात है। लेकिन जब भाई-बहन एक बार वयस्कता की दहलीज को पार कर जाते हैं, तो सीमाओं को पार करने के नतीजे कुछ अलग भी हो सकते हैं। कुछ बड़े भाई-बहन बार-बार अपने भाइयों या बहनों से पैसे मांग सकते हैं, उनसे ज्यादा समय और ध्यान देने का अनुरोध कर सकते हैं, या उनकी गोपनीयता का हनन कर सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि हर रिश्ते में कुछ सीमाएं निर्धारित कर दी जाएं। ये सीमाएं आपको अनावश्यक तनाव और रिश्ते को बोझ बनने से बचाएंगी। यहां कुछ स्टेप्स (How to set boundaries with siblings) दिए गए हैं, जो भाई-बहन के रिश्ते में सीमाएं निर्धारित करने में आपकी मदद करेंगे। 

यदि आपके भाई-बहन लगातार ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जो आपको असहज करता है, तो एक अच्छा रिश्ता विकसित करने और बनाए रखने के लिए अपनी समस्या को बताना और अपने लिए एक निश्चित दायरा निर्धारित करना बेहद जरूरी है।

स्टेप-1: 

अपने भाई-बहन से बात करने से पहले परेशानी के बारे में लिखें। एक सामान्य जांच शुरू करके अपनी समस्या की वजह का पता करें कि आपका भाई-बहन ऐसा क्या करता है, जो आपको परेशान करता है, और आप ऐसा क्यों महसूस करते हैं। फिर कोई ऐसा समाधान चुनें, जो आपके लिए सरल और सुविधाजनक हो। नकारात्मक भावनाओं के बजाय सकारात्मक समाधानों पर ध्यान केंद्रित करना आपके रिश्ते के स्वास्थ्य को बनाए रखने का पहला कदम होगा।

pata karen ki samasya ki vajah kya hai
पता करें कि समस्या की असल वजह क्या है। चित्र: शटरस्टॉक।

स्टेप-2: 

अपने भाई-बहन से बात करने के लिए एक अच्छा वक़्त और स्थान निश्चित करें। यह आप दोनों के लिए एक आरामदायक मीटिंग होनी चाहिए। एक कॉफी शॉप में मिलने या पार्क में टहलने पर विचार करें ताकि आपकी बातचीत सरल हो और आप में से कोई भी फंसा हुआ महसूस न करे। सीमा निर्धारित करना पहली बार में अजीब होने की संभावना है, इसलिए सुनिश्चित करें कि परिवेश आप दोनों को बातचीत को संसाधित करने के लिए कुछ स्थान देता है।

स्टेप-3: 

आप जो कहने जा रहे हैं, उसकी प्लानिंग करें। अपने आप को शांत रहने के लिए याद दिलाएं, और यह मान लें कि आपके भाई-बहन के इरादे अच्छे हैं। यदि आप दोनों एक-दूसरे की फ़िक्र करते हैं, तो शायद उसका मतलब आपको आहत करना नहीं था। अपने अनुरोध को उसके व्यवहार के बारे में किसी बुरी या नकारात्मक बात के साथ शुरू करने के स्थान पर, अपने रिश्ते के बारे में कोई अच्छी या सकारात्मक बात से शुरू करें। 

स्टेप-4: 

अपने दायरों साफ़तौर पर बताएं, उन्हें अपने भाई-बहनों के व्यवहार के बजाय अपनी जरूरतों के मुताबिक तैयार करें। एक स्पष्ट समाधान प्रस्तुत करें जो आप दोनों के लिए काम कर सकता है। आपके भाई-बहन की भावनाएं शुरू में आहत हो सकती हैं, लेकिन याद रखें कि यदि आप दोनों रिश्ते को महत्व देते हैं, तो एक ईमानदार बातचीत लंबे वक़्त में आपके बंधन को मजबूत करेगी।

Positive hokar cheezo ko samajhne ki koshish karen
पॉजिटिव होकर चीजों को समझने की कोशिश करें। चित्र: शटरस्टॉक

अपने भाई-बहन से पूछें कि वह आपके द्वारा प्रस्तुत समाधान के बारे में क्या सोचता है। अपने भाई-बहन की बात सुनना याद रखें और उनकी बातों पर विचार करें।

स्टेप-5: 

आपके भाई-बहन को अपने रिश्ते के लिए आपके द्वारा प्रस्तावित नए नियमों पर चर्चा करने में कुछ वक़्त लग सकता है। जब आपका भाई-बहन कुछ ऐसा कहता या करता है जिससे आपको अच्छा लगता है, तो उसे बताएं। लेकिन यदि आपका भाई-बहन फिर से दायरे को पार करता है, तो उसे शांति से याद दिलाएं कि उसके द्वारा किये जा रहे काम आपको आहत कर रहे हैं, और उसने इस बात का अनुरोध करें कि वह वहीं रुक जाए। वक़्त के साथ, वयस्क तरीके से दायरे निर्धारित करने से आप और आपके भाई-बहनों दोनों के लिए ज्यादा सकारात्मक व्यवहार पैदा होगा।

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लेखक के बारे में
निशा कपूर निशा कपूर

देसी फूड, देसी स्टाइल, प्रोग्रेसिव सोच, खूब घूमना और सफर में कुछ अच्छी किताबें पढ़ना, यही है निशा का स्वैग।

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