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मलाई बनाने के लिए दूध में मिलाया जा रहा है यूरिया, जानिए आप घर पर कैसे कर सकती हैं दूध की शुद्धता की जांच

दूध में मलाई दिखाने या उसे गाढ़ा करने के लिए इन दिनों कुछ लोग दूध में यूरिया की मिलावट कर रहे हैं। जबकि ऐसा मिलावटी दूध सेहत के लिए जहर हो सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप दूध की शुद्धता की जांच स्वयं करें।
घर में दूध की मिलावटी है की नहीं इसकी जांच हो सकती है, एफएसएसएआई दी जानकारी। चित्र- शटर स्टॉक
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दूध संपूर्ण आहार है और हर व्यक्ति के लिए यह जरूरी है। अगर आप वीगन नहीं हैं, ताे यकीनन आप भी अपनी नजदीकी डेयरी से हर रोज़ दूध लेती होंगी। हालांकि आजकल दूध के पैकेट्स की सप्लाई ऑनलाइन भी की जा रही है। मार्केटिंग के मद्देनजर दूध निर्माता इसकी मोटी मलाई दिखाकर इसे ज्यादा पौष्टिक साबित करने की कोशिश करते हैं। पर कई मामले ऐसे भी सामने आए हैं जहां दूध में खतरनाक रसायन यूरिया की मिलावट की जाती है। आपके घर जो दूध आ रहा है वह शुद्ध है या नहीं, इसे जांचने (how to check purity of Milk) के लिए हम यहां कुछ तरीके बताने जा रहे हैं।

दूध में की जा रही है खतरनाक सामग्रियों की मिलावट

देश की जनसंख्या को देखते हुए जितनी दूध की मांग है, उतनी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यह कमी हमेशा बनी रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए ही दूध बेचने वाले लोग दूध में मिलावट करते हैं।
दूध में शुगर, यूरिया, सॉल्ट, फॉर्मेलिन, डिटर्जेंट जैसे कैमिकल सब्सटेंस को यूज़ करके इसकी मात्रा को बढ़ाया जा रहा है। इस बात का पता प्रयोग करने वाले शख्स को नहीं चल पाता है। भूलवश कहीं मिलावटी दूध का सेवन तो कर लिया जाता है।

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यहां हैं मिलावटी दूध से होने वाले स्वास्थ्य खतरे

स्टार्च- दूध में स्टार्च को मिलाया जाता है, इससे मधुमेह की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है।

फॉर्मेलिन- इसे दूध में शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है। इसके मिलाने से स्किन और कैंसर का खतरा होता है।

मेलामाइन- इससे किडनी से संबंधित समस्याएं होती हैं।

हाइड्रोजन पेरोक्साइड- यह हमारे डाइजेशन सिस्टम को फेल कर सकता है।

डिटर्जेंट– लिवर और किडनी की प्रॉब्लम बढ़ाता है।

मिलावटी दूध का सेवन सेहत के लिए हानिकारक। चित्र- शटर स्टॉक

उम्र घटाता है मिलावटी दूध का सेवन

मिलावटी दूध का सेवन आपकी उम्र घटा रहा है और बीमारियों का जोखिम बढ़ा रहा है। उपरोक्त तमाम हानिकारक तत्व सबसे ज्यादा नुकसान आपके पाचन तंत्र को पहुंचाते हैं। इसके अलावा ये टाइप 2 डायबिटीज और लिवर कैंसर का भी जोखिम बढ़ा सकते हैं।
यदि आप इन समस्याओं से बचना और अपने परिवार को बचाना चाहती हैं, तो आपको स्वयं दूध की शुद्धता की जांच करनी आनी चाहिए। इसके लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कुछ टि्क्स बताई हैं। जिन्हें जानकर आप दूध की शुद्धता की जांच घर पर ही कर सकते हैं। जिससे बॉडी को खतरनाक कैमिकल्स के प्रभाव से बचाया जा सके।

दूध को गाढ़ा करने और मलाई बनाने के लिए मिलाया जा रहा है यूरिया

यूरिया के बारे में सभी ने सुना होगा, यह एक कार्बनिक यौगिक है। सफेद कलर की यूरिया का प्रयोग अधिकतर किसान फसलों पर करते हैं। यूरिया जहरीला, स्वाद को समाप्त करने वाला और गंधहीन कैमिकल है। इसका प्रयोग दूध में करने से दूध का रंग नहीं बदलता, ब्लकि दूध और ज्यादा गाढ़ा हो जाता है। इसकी जांच आप खुद अपने घर पर सकते हैं, कि दूध में कैमिकल मिला है या शुद्ध है।
इसका सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। कैमिकल वाले दूध का सेवन करने से डाइजेस्टिव सिस्टम डैमेज हो सकता है। जिससे पेट की कई गंभीर समस्या जन्म ले सकती हैं। कैमिकल वाले दूध से आखों की रोशनी कम हो जाती है। साथ ही किडनी, बॉडी पार्ट डैमेज, हर्ट डिजीज के साथ कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। इससे आपकी मौत भी होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके सेवन से बचें।

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पोष्टिकता खत्म करता है यूरिया

दूध का सेवन करने से शरीर को विटामिन डी, कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन ए और डी प्रर्याप्त मात्रा मिलता है। हर रोज़ दूध का सेवन करने से कई बीमारियों से राहत मिल जाती है। मधुमेह, हर्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर जैसी समस्यों से राहत मिलती है। दूध में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूती देने में हेल्प करता है। वहीं यूरिया वाले मिलावटी दूध पीने से दूध की पोष्टिकता समाप्त हो जाती है।

आपकी स्किन के लिए हो सकता है खतरनाक। चित्र शटरस्टॉक।

ऐसे करें दूध में यूरिया की मिलावट की जांच

1 एफएसएसएआई ने बताया है कि सबसे पहले टेस्ट ट्यूब लें, उसमें एक चम्मच दूध डालें।

2 दूध की शुद्धता की जांच के लिए आप आधा चम्मच सोयाबीन या फिर अरहर दाल का पाउडर का प्रयोग कर सकते हैं।

3 सभी को अच्छी तरह मिला लें। पांच मिनट बाद टेस्ट टि्यूब में लिटमस पेपर डालें और एक दूध में डुबोए रखने के बाद निकाल लें।

4 अगर लिटमस पेपर का रंग ब्लू हो जाए, तो समझ लीजिए दूध में यूरिया मिला हुआ है। यह आपके लिवर, त्वचा, पाचन तंत्र सभी को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसका इस्तेमाल हरगिज न करें।

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सुमित कुमार द्विवेदी

कानपुर के नारायणा कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करने के बाद से सुमित कुमार द्विवेदी हेल्थ, वेलनेस और पोषण संबंधी विषयों पर काम कर रहे हैं। ...और पढ़ें

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