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पैर के तलवे जलते रहते हैं, तो जानिए क्यों होता है ऐसा और इससे कैसे छुटकारा पाना है

गर्म हवाओं के चलते बर्निंग फीट का सामना करना पड़ता है। इसके चलते पैरों के तलवों पर जलन, खुजली और पसीना आने लगता है। अधिकतर लोगों को रात के समय इस समस्या का सामना करना पड़ता है। बर्निग फीट से राहत पाने के लिए इन टिप्स को करें फॉलो।
Updated On: 5 Apr 2025, 09:34 pm IST
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Burning feet ki samasya ke kaaran
स्मॉल सेंसरी नर्व फाइबर के क्षतिग्रस्त होने से पैरों में जलन और दर्द महसूस होने लगती है।। चित्र : अडोबी स्टॉक

गर्मी की शुरूआत के साथ ही शरीर में कई तरह के बदलाव दिखने लगते है। जहां चेहरे की त्वचा प्रभावित होती है, तो वहीं दिनभर जूतों में रहने वाले पैरों की त्वचा पर भी जलन का सामना करना पड़ता है। गर्म हवाओं के चलते से शरीर में हीट प्रोड्यूस होती है, जिससे बर्निंग फीट का सामना करना पड़ता है। इसके चलते पैरों के तलवों पर जलन, खुजली और पसीना आने लगता है। अधिकतर लोगों को रात के समय इस समस्या का सामना करना पड़ता है। जानते हैं बर्निंग फीट किसे कहते हैं और इससे राहत पाने के कुछ आसान उपाय (burning food soles)।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डायबिटीज एंड डाइजेस्टिव एंड किडनी डिजीज के अनुसार न्यूरोपैथी के चलते पैरों में जलन बढ़ने लगती है। रिसर्च के मुताबिक न्यूरोपैथी कई प्रकार की होती है, मगर पेरिफेरल न्यूरोपैथी पैरों और टांगों में जलन को बढ़ाती है। डायबिटीज़ से ग्रस्त लगभग एक तिहाई लोगों में पेरिफरल न्यूरोपैथी की समस्या पाई जाती है। इसके कारण जहां पैरों में जलन पैदा होती है, तो वहीं बाजूओं और हाथों को भी प्रभावित कर सकती है।

पैर के तलवे में जलन की समस्या का सामना क्यों करना पड़ता है (Causes of burning feet)

बर्निंग फीट को ग्रियर्सन गोपालन सिंड्रोम के रूप में भी भी जाना जाता है। इसके चलते पैरों में जलन बढ़ जाती हैं। रात में ये जलन अधिक तीव्र हो जाती है। इससे पैरों के तलवों के अलावा ऊपरी हिस्से और टखनों पर भी जलन बढ़ने लगती है। लक्षणों की गंभीरता बढ़ने से आपके पैरों या टांगों में सुन्नपन और चुभने वाला दर्द महसूस होने लगता है। इसके अलावा पैरों की त्वचा का लाल होने लगती है और अत्यधिक गर्माहट महसूस होती है।

इस बारे में कंसल्टेंट न्यूरोलॉजी डॉ मिर्जा मासूम अब्बास बताते हैं कि स्मॉल सेंसरी नर्व फाइबर के क्षतिग्रस्त होने से पैरों में जलन और दर्द महसूस होने लगती है। गर्मी के अलावा डायबिटीज़, किडनी से जुड़ी समस्या, ऑटोइम्यून डिज़ीज और किसी भी प्रकार का संक्रमण इस समस्या को बढ़ा सकता है। इसके अलावा विटामिन बी 12 की कमी बर्निंग फीट का कारण साबित होती है।

Burning feet ke karan
रात में ये जलन अधिक तीव्र हो जाती है। इससे पैरों के तलवों के अलावा ऊपरी हिस्से और टखनों पर भी जलन बढ़ने लगती है। चित्र- अडोबी स्टॉक

पैर के तलवे में जलन से राहत पाने के उपाय (Tips to deal with burning feet)

1. पैरों को पानी में भिगोकर रखें

पैरों की जलन को दूर करने के लिए कुछ मिनटों के लिए पैरों को ठंडे पानी में भिगोएँ। इसके लिए आधा बाल्टी पानी में दो बड़े चम्मच एप्सम सॉल्ट वाले डालें और 15 से 20 मिनट के लिए पानी को भिगोकर रखें। इससे मांसपेशियों में दर्द सहित स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मदद मिलती है।

2. फुट मसाज करें

जलन और लालिमा को दूर करने के लिए नारियल, तिल या जैतून के तेल से मसाज करें। इससे पैरों में ब्लड का सर्कुलेशन बढ़ने लगता है और मांसपशियों में बढ़ने वाले दर्द व ऐंठन से राहत मिल जाती है। इस दौरान पैरों पर बहुत अधिक दबाव बनाने से बचें।

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जलन और लालिमा को दूर करने के लिए नारियल, तिल या जैतून के तेल से मसाज करें। चित्र: शटरस्टॉक

3. व्यायाम करें

नियमित रूप से व्यायाम करने से पैरों की मूवमेंट में सुधार आने लगता है। इससे ऑक्सीजन का प्रवाह बढ़ जाता है, जो दर्द को दूर करने में मदद करता है। शरीर की क्षमता के मुताबिक सुबह उठकर और रात को सोने से पहले लाइट एक्सरसाइज़ करें। इससे नींद न आने की समस्या हल हो जाती है।

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4. हल्दी करें इस्तेमाल

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउड से शरीर को एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुणों की प्राप्ति होती हैं। इसे पानी में मिलाकर तलवों पर लगाने से जलन व दर्द से राहत मिलती है और मसल्स रिलैक्स होते हैं।

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हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउड से शरीर को एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट और एंटीमाइक्रोबियल गुणों की प्राप्ति होती हैं। चित्र ” अडॉबीस्टॉक

5. भरपूर मात्रा में पानी पीएं

पानी का सेवन करने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस मेंटेन रहता है। ऐसे में दिनभर में शरीर को निर्जलीकरण से बचाने के लिए हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन करें। इससे शरीर में पानी का स्तर बना रहता है, जिससे ऑक्सीजन का प्रवाह उचित बना रहता है।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

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लेखक के बारे में
ज्योति सोही
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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