अक्सर लोग ये सवाल पूछते हैं कि स्कैल्प पर बढ़ने वाले गंजेपन यानि बाल्ड स्पॉट्स पर फिर से बाल उगाए जा सकते हैं। तो इसका उत्तर है हां, लेकिन क्या ये चमत्कार रातों रात हो सकता है, तो इसका जवाब है नहीं। स्कैल्प पर बढ़ने वाले इन स्पॉट्स को एलोपेसिया एरीटा कहा जाता है, जो तनाव के चलते बढ़ने लगता है। इससे बालों का झड़ना, स्कैल्प संक्रमण और हेयर डैमेज का सामना करना पड़ता हैं। हालांकि कुछ बाल्ड स्पॉट्स को ठीक किया जा सकता है, जिससे जल्द ही गंजेपन की समस्या हल होने लगती है। हांलाकि इस प्रक्रिया में कुछ महीने का वक्त लग सकता हैं। अब गंजेपन को दूर करने के लिए इस बात को समझना ज़रूरी है कि हेयरलॉस का मुख्य कारण क्या है। इसके अलावा बालों को झड़ने से रोकने के लिए किन नुस्खों का अपना सकते है (Regrow hair on bald spots)।
गंजापन कई कारणों से बढ़ने लगता हैं, जिनमें सबसे आम कारण है एंड्रोजेनिक एलोपेसिया। ये एक मेडिकल कंडीशन है, जो हेयरलॉस का कारण बनती है। कई बार ये समस्या आनुवंशिक रूप से विरासत में मिलती है और हार्मोनल बदलाव के चलते बालों के रोम को प्रभावित करती है। इस बारे में स्किन और हेयर एक्सपर्ट डॉ प्रियंका कुरी बताती हैं कि एलोपेसिया एरीटा शामिल है एक ऑटोइम्यून स्थिति है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली बालों के रोम को डैमेज करती है। तनाव के अलावा स्कैल्प का संक्रमण और टाइट हेयर स्टाइल स्कैल्प को नुकसान पहुंचाते हैं।
इसमें कोई दोराय नहीं कि गंजे धब्बों पर बाल फिर से उगना संभव है। मगर ये उत्तर मुख्य रूप से गंजेपन के पीछे के कारण पर निर्भर करता है। एलोपेसिया एरीटा से प्रभावित लोग समय के साथ या सही उपचारों के माध्यम से हेयरग्रोथ में मदद करते हैं। गंजापन या एंड्रोजेनिक एलोपेसिया से पीड़ित लोगों के लिएए हेयर ट्रांसप्लांट जैसे विकल्प बालों के विकास को उत्तेजित करने में मददगार साबित होते हैं। साथ ही हेयरलॉस को भी धीमा कर सकते हैं। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एसोसिएशन के अनुसार एक बार जब हेयर फॉलिकल क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उस स्ट्रैंड का फिर से उगना संभव नहीं हो पाता है। ऐसे में सबसे पहले कारण को समझकर उसका उपचार शुरू करना महत्वपूर्ण है।

स्कैल्प मसाज से बालों के रोम को पोषण और ऑक्सीजन की प्राप्ति होती है। इससे हेयरग्रोथ बढ़ती है और तनाव भी कम होने लगता है। जर्नल एप्लास्टी में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार हेयर मसाज शुरू करने के 24 हफ़्तों के बाद बालों की थिकनेस बढ़ने लगती है।
हालांकि, मसाज से गंजेपन को दूर करने के लिए मसाज करने का तरीका अवश्य पता होना चाहिए। इसके लिए नारियल या अरंडी के प्राकृतिक तेल का इस्तेमाल करें। रोज़ाना 5 से 10 मिनट के लिए उँगलियों या स्कैल्प मसाजर से स्कैल्प की धीरे धीरे मसाज करें। इसे नियमित बनाए रखना ज़रूरी है।
बालों को झड़ने से बचाने के लिए हेयर उत्पादों में मौजूद तत्वों की जाँच करना आवश्यक है। कोलेजन बेस्ड प्रोडक्ट्स से प्रोटीन की प्राप्ति होती है, जिससे बेहतरीन नतीजे देखने को मिलेंगे। कोलेजन हेयर केयर उत्पाद जैसे शैंपू और कंडीशनर के अलावा हेयर सीरम में भी उपलब्ध हैं जो बालों के लिए कारगर साबित हो सकते हैं।
इन्हें नियमित रूप से अपने स्कैल्प पर लगाना फायदेमंद साबित होता है। जर्नल ऑफ फंक्शनल फूड्स की रिसर्च के अनुसार कोलेजन पेप्टाइड्स ओरल एप्लीमेंटस के रूप में भी मदद करता है। कोलेजन पेप्टाइड्स से बालों के विकास और स्वस्थ बालों का समर्थन करने की क्षमता में सुधार होता है।

बालों का विकास काफी हद तक संतुलित और पौष्टिक आहार पर निर्भर करता है। इसके लिए आहार में पोषक तत्वों को शामिल करना आवश्यक है। जर्नल डर्मेटोलॉजी प्रैक्टिकल एंड कॉन्सेप्चुअल की रिसर्च के अनुसार बालों के रोम शरीर में सबसे अधिक मेटाबॉलिकली एक्टिव होते हैं। कैलोरी और प्रोटीन की कमी के साथ बालों की ग्रोथ पर माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की कमी का भी असर होता है।
पत्तेदार सब्जियों और मेवों में पाया जाने वाला आयरन, मछली में पाया जाने वाला जिंक, बायोटिन, अंडे और जामुन में पाया जाने वाला विटामिन डी और ओमेगा 3 फैटी एसिड जैसे पोषक तत्वों का सेवन करने से बाल स्वस्थ और मजबूत बनते हैं।
बालों को दोबार से उगाने के लिए सही उत्पादों का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। रोज़मेरी तेल एक ऐसा उत्पाद है जो इस समस्या में आपकी मदद कर सकता है। इसमें सूजन रोधी गुण होते हैं जो स्कैल्प में में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। जर्नल क्लिनिकल कॉस्मेटिक और इन्वेस्टिगेशनल डर्मेटोलॉजी की रिपोर्ट के अनुसार कुछ बूंद रोज़मेरी ऑयल को बाल्ड स्पॉट्स पर लगाकर सो जाएं। उसके बाद अगले दिन रोज़मेरी शैंपू से हेयरवॉश करें।

अधिक तनाव के कारण हेयरग्रोथ साइकिल में रुकावट आने लगती है। योग, ध्यान और गहरी साँस लेने या नियमित रूप से व्यायाम करने से तनाव का स्तर कम होता है। अधो मुख श्वानासन का अभ्यास करने से मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह बढ़ने लगता और शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है। इससे बालों की वृद्धि में सहायता मिलती है। साथ ही नींद न आने की समस्या हल हो जाती है।
बालों को धोने के लिए माइल्ड शैम्पू का इस्तेमाल करें। इससे स्कैल्प पर बढ़ने वाली डेड स्किन सेल्स की समस्रू हल हो जाती है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजिकल एसोसिएशन के अुनसार हेयरग्रोथ के लिए बालों की पूरी लंबाई के बजाय अपने स्कैल्प पर शैम्पू लगाना चाहिए। इससे स्कैल्प पर जमा गंदी और प्रोडक्टस से राहत मिलती है और स्कैल्प को रूखेपन से भी बचाया जा सकता है।
मिनोक्सिडिल एक मेडिसिन है जिसका उपयोग हाई ब्लड प्रेशर के साथ बालों को झड़ने से रोकने के लिए भी किया जाता है। इसे शैम्पू में मिलाकर लगाने से गंजेपन से राहत मिलती है। दरअसल, ये बालों के झड़ने के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले उपचारों में से एक है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ डर्मेटोलॉजी जर्नल के अुनसार मिनोक्सिडिल हेयरग्रोथ में मददगार साबित होती है। मगर सही मात्रा में इस्तेमाल न करने से अनचाहे बाल उगने लगते हैं।
बालों को ग्रोथ के लिए दैनिक व्यायाम बेहद ज़रूरी है। इससे शरीर में रक्त का प्रवाह बढ़ने लगता है। इससे पोषक तत्व बालों के रोम तक पहुँचने में मदद करते हैं। शारीरिक गतिविधि से शरीर एक्टिव रहता है और बेहतर नींद आती है। साथ ही शरीर हेल्दी, एक्टिव और हाइड्रेट रहता है।
प्रिवेंटिव न्यूट्रिशन एंड फ़ूड साइंस जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार रेड जिनसेंग एक्सट्रैक्ट से बालों के विकास और हेयर हॉफिकल्स की मज़बूती को बढ़ाया जा सकता है। इसे अप्लाई करने के लिए नारियल के तेल में जिनसेंग पाउडर मिलाएं और हेयर मास्क बना सकते हैं। इस मिश्रण को स्कैल्प और बालों पर लगाएँ और 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें। उसके बाद बालों को धो दें।
कॉम्प्लिमेंट्री मेडिसिन एंड थेरपीज के रिसर्च के अनुसार गेरियम तेल बालों के विकास के लिए एक बेहतरीन घरेलू उपाय है। इससे बालों को झड़ने से रोका जा सकता है। इसके लिए दो बड़े चम्मच एवोकैडो तेल लेकर उसमें आर्गन तेल मिलाएं और 8 से 10 बूँद विटामिन ई एड कर दें। इस मिश्रण में कुछ बूँद जेरेनियम तेल और लैवेंडर तेल को मिलाकर स्कैल्प पर अपलाई करें।

कई कारणों से हेयरलॉस का सामना करना पड़ता है। ऐसे में घरेलू उपचार और तेल मालिश आपकी मदद कर सकते हैं। इसके लिए कुछ चिकित्सा उपचारों की मदद ली जा सकती है।
कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स: ये दर्द और सूजन का इलाज करने वाली दवा है। कनाडा के कॉलेज ऑफ फैमिली फिजिशियन के रिसर्च के अनुसार 32 प्रतिभागियों के एक रिसर्च में पाया गया कि प्रेडनिसोन, जो एक ओरल कॉर्टिकोस्टेरॉइड है। 6 सप्ताह के कोर्स से 47 फीसदी रोगियों में 25 फीसदी बाल फिर से उग आए और एक चौथाई यानि 25 फीसदी रोगियों में 75 फीसदी बाल फिर से उग आए।
एंथ्रालिन: वहीं एंथ्रालिन एक टॉपिकल क्रीम है। जर्नल ऑफ क्यूटेनियस मेडिसिन एंड सर्जरी में छपे रिसर्च के अनुसार ये बच्चों के लिए फायदेमंद है।
कुछ सर्जिकल उपचार? बाल फिर से उगाने में मदद करते हैं। इन प्रक्रियाओं में सर्जन स्वस्थ बालों के रोम को निकालता है और उन्हें बाल्ड स्पॉटस पर लगाता है। ये बालों के झड़ने का एक स्थायी समाधान है। इसके दो तरीके हैं
फॉलिक्युलर यूनिट ट्रांसप्लांटेशन: इसमें डॉक्टर बालों के रोम वाली त्वचा की एक लेयर निकालता है। इसके बाद रोम को निकालकर बाल्ड स्पॉट पर प्रत्यारोपित किया जाता है।
फॉलिक्युलर यूनिट एक्सट्रैक्शन: इसमें अलग.अलग बालों के रोमों को निकाल कर आपके स्कैल्प में छोटे छोटे चीर यानि इनसीज़न्स में डाला जाता है।
लेजर थेरेपी बालों के झड़ने को रोकने के लिए कारगर साबित हुई है। लेजर उन फॉलिकल्स में रक्त संचार और बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है, जहां प्रोडक्ट्स प्रभावी साबित नहीं होते हैं।
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