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आयुर्वेद के अनुसार इन 5 चीजों में छुपा है लंबे और स्वस्थ जीवन का राज़, मुश्किल नहीं है इन्हें फॉलो करना

आपका शरीर भी प्रकृति का ही हिस्सा है। आयुर्वेद के अनुसार नेचुरल क्लॉक ओर नेचुरल फूड की मदद से आप हेल्दी और लंबी जिंदगी जी सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार नेचुरल क्लॉक ओर नेचुरल फूड की मदद से आप हेल्दी और लंबी जिंदगी जी सकते हैं। चित्र अडोबी स्टॉक
ज्योति सोही Updated: 1 Feb 2023, 02:07 pm IST
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आयुर्वेद में वात, पित्त और कफ बॉडी बिल्डिंग ब्लॉक्स (Body building blocks) माने जाते है। इन्हीं पर पूरा शरीर निर्भर करता है। अगर ये तीनों ब्लॉक्स हमारी बॉडी में सही प्रोपोर्शन (right proportion)  में रहते हैं, तो व्यक्ति हेल्दी रहता है। हांलाकि दूसरी तरफ अगर ये तीनों दोष के तौर पर शरीर को परिवर्तित करने लगते हैं, तो वे उम्र घटाने का भी काम करते हैं। अगर आप दीर्घायु और स्वस्थ जिंदगी चाहते हैं, तो अपने लाइफस्टाइल में ये प्रभावशाली बदलाव जरूर करें (how to increase life expectancy) ।

जानते हैं कि वो कौन सी ऐसी चीजें है, जिनके दम पर आम लंबी उम्र जी सकते हैं।

नेचर और बॉडी क्लॉक को समझना है जरूरी

स्वस्थ और हेल्दी रहने के लिए शरीर की क्लॉक को नेचर की क्लॉक से मैच करके चलें। इसका अर्थ है कि इस बात को समझें कि दिन है, तो आप हैल्दी और हैवी मील ले। क्यों की इस दौरान पाचन शक्ति बढ़ जाती है। मगर शाम ढ़लते ही हल्का खाना खाएं। रात के वक्त पाचन तंत्र धीमा हो जाता है। रात को जल्द सो जाएं। दरअसल, रात में मेलाटैनिन हार्मोन रिलीज होता है और आप स्लीपिंग डिसआर्डर से बच सकते हैं। इस बारे में हमारी एक्सपर्ट टोनऑप से डॉ रूचि सोनी बता रही है कि दीर्घायु के लिए किस तरह करें आयुर्वेद का पालन।

यहां हैं आयुर्वेद के वे सीक्रेट जो आपकी उम्र बढ़ा सकते हैं

1 आहार ही आधार है

डॉ रूचि सोनी बताती हैं कि अक्सर फ्राइड और जंक फूड खाने से शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती है। इससे बचने के लिए मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करनें। इनसे हमें उच्च मात्रा में फाइबर, जिंक, विटामिन्स और मिनरल्स की प्राप्ति होती है। इससे शरीर स्वस्थ रहता है और हम बीमारियों से भी दूर हो जाते हैं।

खाना खाने के दौरान कोल ड्रिंक्स पीने से परहेज करें। इससे मेटाबाल्ज्मि कमज़ोर होता है। डाइजेशन को सुधारने के लिए रूम टेम्परेचर में जूस और पानी पिएं। इससे शरीर को चमत्कारी लाभ मिलता है।

पौष्टिक आहार को डाइट का हिस्सा बनाएं। इससे शरीर में रस धातु का संचार हेता है, जो हमारे इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने का काम करता है। इसके अलावा खाने का धीरे-धीरे पूरी तरह से चबाकर खाएं, ताकि वो आसानी से डाइजेस्ट हो पाए।

डॉ रूचि सोनी के मुताबिक फास्टिंग हेल्दी रहने की एक सुप्रीम रेमेडी है, जो हमारी गट हेल्थ को मज़बूत करने में मदद करती है।

अपनी डाइट फ्रेश और बैलेंस बनाए रखने की कोशिश करें। चित्र : शटरस्टॉक

2 सोने और जागने का समय

ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा कि अच्छी आदतें ही किसी इंसान को स्वस्थ, अमीर और बुद्धिमान बना सकती है। देर रात तक जागना और सुबह देर से उठना शरीर को कमज़ोर बनाता है। खुद को फिट रखने के लिए सुबह 4 बजे उठना और रात 10 बजे तक बिस्तर पर जाना बेहद ज़रूरी है। अगर आप दिनभर बंद कमरे या ऑफिस में अपनार समय बिताते हैं, तो सुबह उठने के बाद मार्निंग वॉक या योग को अपने रूटीन में ज़रूर शामिल करें। इससे आपके शरीर में एनर्जी लेवल बढ़ता है। साथ ही खुली हवा में सास लेने में रेसपिरेटरी संबधी परेशानियां अपने आप दूर होने लगती हैं।

आयुर्वेद के हिसाब से हमें सुबह सुर्योदय से दो घंटे पहले यानि 4 बजे तक उठना अनिवार्य है। इस समय में शरीर के सभी हार्मोंस एक्टिव होने लगते हैं। इस समय में उठने से शरीर में भारीपन और सुस्ती का एहसास होता है। ऐसे में योग और मेडिटेशन के ज़रिए शरीर को एक्टिवेट किया जा सकता है।

3 ज्यादा खाना यानी कम आयु

फास्टिंग हेल्दी रहने की एक सुप्रीम रेमेडी है, जो हमारी गट हेल्थ को मज़बूत करने में मदद करती है। इसके अलावा दैनिक आहार में अत्यधिक खाने से बचें। इससे आप स्वस्थ और लंबा जीवन व्यतीत कर सकते हैं। सेंट लुइस विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं की ओर से 2008 में एक रिसर्च किया गया था। इसके हिसाब से यदि आप अपनी भूख का 80 प्रतिशत खाना खा लेते है, तो इसका अर्थ है कि आपकी उम्र अब कम हो रही है।

इसके अलावा कैलोरी को घटाने से टी 3 नामक थायराइड हार्मोन के उत्पादन को कम करने में मदद मिलती है। यह आपके मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और एजिंग प्रोसेस को कम करता है।

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4 तेल मालिश है बहुत खास

डॉ रूचि सोनी बता रही है कि शरीर को संतुलित करने में मसाज एक अहम रोल अदा करती है। सुबह स्नान करने से पहले कुछ मिनटों की तेल मालिश से शरीर के सभी दोष शांत होने लगते है। इससे स्टेमिना बढ़ने लगता है, त्वचा में निखार आता है और रातभर में शरीर के अंदर रिलीज़ होने वाले टॉक्सिंस बाहर आ जाते हैं। इतना ही नहीं, स्किन कई तरह के बैक्टिरियल इंफे्क्शन से भी दूर रहती है। अगर आप नियमित मसाज करते हैं, तो किसी प्रकार का संक्रमण आपको आसानी से अपने चंगुल में नहीं लेता है।

कुछ मिनटों की तेल मालिश से शरीर के सभी दोष शांत होने लगते है। इससे स्टेमिना बढ़ने लगता है, त्वचा में निखार आता है। चित्र : शटरस्टॉक

5 जीभ का भी रखें ख्याल

आयुर्वेद के हिसाब से बहुत सी बीमारियों का अंदाजा आपकी जीभ को देखकर लगाया जा सकता है। आमतौर पर जीवा हल्की गुलाबी नज़र आती है। कई बार बिना पचा हुआ खाना और क्लाग्ड आर्गन्स आपकी जीभ पर सफेद परत बना लेते हैं। इससे शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। ऐसे में रोज़ाना ब्रश करने के अलावा टंग क्लीनिंग का भी ख्याल रखें।

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ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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