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Fasting in Pregnancy: प्रेगनेंसी में व्रत रख रहीं हैं, तो ये 6 टिप्स हैं आपके लिए

प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते है। अक्सर, अनियमित भूख और थकान की समस्या बनी रहती है। ऐसी स्थिति में अगर आप महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर व्रत रखना चाहती हैं, तो शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्रत के दौरान कुछ हेल्दी टिप्स का अवश्य ख्याल रखें।
Updated On: 25 Feb 2025, 02:36 pm IST
विश्व स्वास्थ्य दिवस का मकसद महिलाओं के स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देना है। चित्र – अडोबीस्टॉक

प्रेगनेंसी के दौरान अक्सर महिलाओं को जी मचलाने, थकान और डायबिटीज़ की समस्या बनी रहती है। ऐसे में फास्टिंग का ख्याल उनकी चिंताओं को बढ़ा सकता है। हांलाकि महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर व्रत करने से न केवल शरीर डिटॉक्स होता है बल्कि इससे मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट होने लगता है। इसके अलावा इम्यून सिस्टम को मज़बूती मिलती है। मगर ढ़रों फायदों के बाद भी गर्भवती महिलाओं को व्रत के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है। अगर आप भी प्रेगनेंसी के दौरान महाशिवरात्रि व्रत रखना चाहती हैं, तो एक्सपर्ट की बताई इन टिप्स को न करें इग्नोर (Fasting in pregnancy)।

प्रेगनेंसी में उपवास (Fasting in pregnancy)

अमेरिकन जर्नल ऑफ अब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी के अनुसार गर्भावस्था के दौरान उपवास बर्थवेट, प्रीटर्म डिलीवरी या जन्मजात समस्याओं का कारण साबित नहीं होता है। हालांकि व्रत करने से निर्जलीकरण और थकान जैसी चिंताएं बढ़ सकती हैं। गर्भावस्था के दौरान महाशिवरात्रि उपवास (Fasting in pregnancy) करने से पहले किसी डॉक्टर से परामर्श करें।

फर्टिलिटी क्लिनिक में क्लिनिकल डायरेक्‍टर डॉ. इला गुप्ता बताती हैं कि लगातार कई दिनों तक फास्ट रखने की जगह स्वस्थ गर्भवती महिलाओं को 1 से 2 दिन व्रत रखने की सलाह दी जाती है। इस दौरान अपनी डाइट का ख्याल रखते हुए हर दो घंटे बाद कुछ न कुछ अवश्य खाएं।मेंटे इसके अलावा शरीर में पानी की मात्रा को वे गर्भवती महिलाएं जो एसिडिटी, माइग्रेन और डायबिटीज़ की शिकार हैं, उन्हें ऐेसी स्थिति में व्रत (Fasting in pregnancy) रखने से परहेज़ करना चाहिए।

गर्भावस्था के दौरान महाशिवरात्रि उपवास करने से पहले किसी डॉक्टर से परामर्श करें। चित्र – अडोबीस्टॉक

प्रेगनेंसी में हेल्दी तरीके से व्रत रखने की टिप्स (Tips for healthy fasting during pregnancy)

1. दो से तीन घंटे में कुछ हेल्दी खाएं

एक दिन की फास्टिंग में दिनभर भूखे रहने की जगह हर थोड़ी देर में फलों का सेवन करें। जहां केले से शरीर को कैलोरीज़ और मिनरल्स की प्राप्ति होती है। इसके अलावा संतरा, अंगूर और तरबूज का सेवन करने से शरीर को विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स की उच्च मात्रा में प्राप्ति होती है। स्पाइसी और फ्राइड फूड से बचना चाहिए।

2. प्रोटीन रिच फूड लें

मखाने को आहार में शामिल करे। इसके अलावा लौकी की खीर, गाजर की खीर, मिल्क शेक, स्मूदी और दही का सेवन करें। इससे शरीर को माइक्रोन्यूट्रीएंट्स की प्राप्ति होती हैं। डेयरी प्रोडक्टस से शरीर को प्रोटीन प्राप्त होता है, जिससे बार बार भूख लगने की समस्या हल हो जाती है।

3. कुट्टू और सिघांड़े का आटा है फायदेमंद

आहार में कुट्टू और सिघांड़े का आटा शामिल करें। इससे शरीर को फाइबर और हेल्दी काबर्स की प्राप्ति होती है। शरीर में एनर्जी का स्तर बना रहता है और आलस्य व कमज़ोरी से बचा जा सकता है।

4. शरीर को हाइड्रेट रखें

निर्जलीकरण की स्थिति से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीएं। इसके लिए टाइमर सेट कर लें। इसके अलावा ठंडाई, लस्सी, और नारियल पानी समेत हाइड्रेटिंग ड्रिंक्स का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बना रहता है।

निर्जलीकरण की स्थिति से बचने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पीएं। चित्र : अडोबी स्टॉक

5. नट्स और सीड्स लें

ओमेगा 3 व 6 फैटी एसिड की प्राप्ति के लिए आहार में नट्स व सीड्स को शामिल करें। इससे मसल्स की मज़बूती और मोबिलिटी बनी रहती है। इसके अलावा शरीर को भी पोषण की प्राप्ति होती है। व्रत के दौरान छोटी मोटी भूख के लिए नट्स और सीड्स को मंजिंग के लिए प्रयोग कर सकते हैं।

6. अपने शरीर की सुनें

गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं के शरीर में अलग अलग प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं। ऐसे में भूख लगने वा अवश्य खाएं और व्रत के दौरान दिनभर पानी पीएं। इसके अलावा थकान महसूस होने पर शरीर को आराम भी दें और डॉक्टर की सलाह से योगाभ्यास करें।

गर्भावस्था के दौरान सभी महिलाओं के शरीर में अलग अलग प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं। चित्र – अडोबीस्टॉक

इन बातों का भी रखें ख्याल

  • डीप फ्राइड और पैक्ड फूड्स को खाने से बचें। इसके अलावा बार बार कैफीनेटिड पेय पदार्थों का सेवन एसिडिटी की समस्या को बढ़ा सकता है।
  • टमाटर, संतरा और गाजर का जूस पीएं। इससे शरीर को विटामिन ए की प्राप्ति होती है, जिससे शरीर में रेड ब्लड सेल्स की मात्रा बढ़ती है।
  • हलवा, बर्फी और ठंडाई में चीनी को नेचरल शुगर से रिप्लेस करें। इससे कैलोरी काउंट नियंत्रित रहता है और जेसटेशनल डायबिटीज़ को भी बढ़ने से रोका जा सकता है।
  • एंटीऑक्सीडेंटस की प्राप्ति के लिए आहार में सब्जियों और फलों को प्रचुर मात्रा में शामिल करें। इससे व्रत के दौरान शरीर संतुलित रहता है।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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