सेहत के लिए बड़ी गुणकारी है कच्ची हल्दी, जानिए इसे कैसे करना है डेली डाइट में शामिल

हल्दी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है। सर्दी, खांसी के अलावा ये छाती में कफ के जमाव भी खत्म करती है। हल्दी पाउडर के अलावा आप अपने आहार में कच्ची

SKIN KE LIYE HALDI KE FAYDE
यहां हैं त्वचा पर हल्दी लगाने के कुछ बेमिसाल फायदे। चित्र शटरस्टॉक।
शालिनी पाण्डेय Updated on: 23 August 2022, 17:43 pm IST
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भारतीय रसोई में सदियों से हल्दी मौजूद रही है। यह लगभग हर ग्रेवी और नमकीन व्यंजन में शामिल की जाती है। यह न केवल व्यंजनों में सुनहरी रंगत घोल देती है, बल्कि भोजन के पोषक तत्वों को भी बढ़ाती है। पर क्या आप जानती हैं कि अपने औषधीय गुणों के कारण कच्ची हल्दी उन लोगों के बीच लोकप्रिय रही है, जो स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक उपचार में विश्वास करते हैं। आइए जानते हैं क्या हैं कच्ची हल्दी के लाभ (raw turmeric benefits) और आप इसे कैसे अपने आहार (how to eat turmeric root or raw turmeric) में शामिल कर सकती हैं। 

सेहत का बरसों पुराना फाॅर्मूला है हल्दी 

चूर्ण के रूप में जहां हल्दी हर रोज़ इस्तेमाल होती है,, वहीं हल्दी की कच्ची जड़ औषधीय गुणों से परिपूर्ण है।  पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, हल्दी में पाए जाने वाले एक यौगिक करक्यूमिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो इम्यूनिटी बूस्टर के तौर पर काम करते हैं। एंटीवायरल, एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल  गुणों से भरपूर कच्ची हल्दी प्रीबायोटिक भी है, जो हमारी आंत में हेल्दी बैक्टीरिया को बनाए रखती है।

यहां जानिए कच्ची हल्दी में मौजूद पोषक तत्व 

शोध बताते हैं कि कच्ची हल्दी बीटा-कैरोटीन, एस्कॉर्बिक एसिड (Vitamin C), कैल्शियम, फ्लेवोनोइड्स, फाइबर, आयरन, नियासिन, पोटेशियम, जिंक सहित 300 से अधिक पोषक तत्वों वाली बेहद असरकारक जड़ी-बूटी है। 

कच्ची हल्दी के बारे में बात करते हुए डाइटीशियन मनप्रीत अपनी एक इन्स्टाग्राम पोस्ट में बताती हैं कि यह शरीर में मौजूद इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार लाती है। कच्ची हल्दी  रक्त शर्करा  संतुलन (blood sugar management) और इंसुलिन के स्तर में सुधार लाने में सहायक है। आहार विशेषज्ञ आगे बताती हैं कि  यह एंटी इन्फ्लेमेट्र गुणों से भरपूर है। 

Haldi ke fayde
आयुर्वेद में कच्ची हल्दी को औषधि माना जाता है। चित्र: शटरस्टॉक

इसमें मौजूद कर्क्यूमिन डिटॉक्सिफिकेशन में मददगार है। जो लीवर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करने में मदद करता है और हार्मोनल संतुलन में मददगार है। यह एक फाइटो-एस्ट्रोजन है यानी एस्ट्रोजन का एक प्लांट सोर्स, जो शरीर में हार्मोन के स्तर को संतुलित करता है।

आइए जानते हैं कच्ची हल्दी खाने के कुछ अन्य फायदे

यह ट्रैक्ट के माध्यम से पाचन को आसान बनाने में मदद करता है। कच्ची हल्दी का सेवन पेट के अल्सर और जलन के इलाज में भी मदद कर सकता है।

यह शरीर में सूजन को कम करने में भी मदद करता है।

इन सभी कारकों से स्किन इम्प्योरिटीज़ भी कम होती हैं। इसलिए  इसका उपयोग त्वचा रोगों के इलाज में भी किया जाता है।

चलिए जानें कच्ची हल्दी को आप किस तरह अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं  (How to add raw turmeric in diet)

1 एक चम्मच घी में थोड़ी सी कच्ची हल्दी डालकर उबाल लें और रोज सुबह इसका सेवन करें। यह आपकी  इम्युनिटी में सुधार करके  सूखी खांसी ठीक करने में मदद करेगा। 

2 दिन की शुरुआत में आप कच्ची हल्दी और एक चम्मच घी को साथ पीसकर ठंडा पेय भी पी सकती हैं।

3 सामान्य सर्दी और मौसमी फ्लू को दूर करने के लिए  कद्दूकस की हुई कच्ची हल्दी को दूध के साथ उबालें और गर्म-गर्म पियें। 

4 कच्ची हल्दी का काढ़ा/चाय प्रतिदिन थोड़ी देर लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने में मदद मिल सकती है।

5 पुलाव, बिरयानी में भी आप कच्ची हल्दी के छोटे टुकड़े काटकर डाल सकती हैं। ये व्यंजनों को एक अलग सुनहरा लुक देने के साथ ही उसे पौष्टिक भी बनाएंगे।

तो देर किस बात की आप भी कच्ची हल्दी को अपनी डाइट में शामिल करें और इसके फायदों को अपनी और अपने परिवार की रूटीन का हिस्सा बनाएं। 

यह भी पढ़ें: क्या कच्चा पपीता पीरियड्स को नियमित कर सकता है? जानिए एक्सपर्ट क्या` कहती हैं

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