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गलत तरह से लिया त्रिफला तो सेहत को हो सकता है नुकसान, आयुर्वेदिक डॉक्टर बता रहे हैं सही तरीका

अधिकतर लोग कब्ज, ब्लोटिंग और वज़न कम करने के लिए त्रिफला के चूर्ण का इस्तेमाल करते है। लेकिन क्या बिना जानकारी के इसका इस्तेमाल फायदेमंद हैं। इसका जवाब है न, बिना डॉक्टरी सलाह के मनमाने ढ़ग से इस चूर्ण का सेवन फायदे की जगह शरीर में नुकसान का कारण भी साबित हो सकता है।
Updated On: 25 Oct 2024, 04:05 pm IST
इनपुट फ्राॅम
तीनों फलों को सुखाकर तैयार किए जाने वाले इस चूर्ण के सेवन से न केवल पाचनतंत्र को मज़बूती मिलती है, बल्कि इससे वज़न कम करने और ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित किया जाता है। चित्र अडोबीस्टाॅक

जहां आयुर्वेद में त्रिफला चूर्ण का एक खास स्थान है, तो वहीं हर रसोईघर में भी ये पाया जाता है। इन दिनों वज़न बढ़ने से लेकर ब्लड शुगर तक, लाइफस्टाइल संबंधी कई समस्याओं का हम सभी को सामना करना पड़ रहा है। तीन खास तरह की हर्ब्स से तैयार त्रिफला इन समस्याओं को कंट्रोल करने में आपकी मदद कर सकता है। जबकि पाचन संबंधी समस्याओं के लिए हर दूसरा व्यक्ति इस पर भरोसा करता है। मगर क्या बिना डॉक्टरी सलाह के इसे लेना सेहत के लिए सही है? जवाब है नहीं! क्योंकि आयुर्वेद की हर औषधि की तरह इसका भी जरूरत से ज्यादा या गलत तरह से सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। आइए जानते हैं इसके कुछ साइड इफेक्ट्स (Triphala side effects) और इसे लेने का सही (Right way to consume Triphala) तरीका।

त्रिफला के बारे में क्या कहते हैं आयुर्वेद विशेषज्ञ (Expert advice about triphala)

इस बारे में आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ अंकुर तंवर बताते हैं कि यह, तीन फलों से बना एक पारंपरिक हर्बल मिश्रण है। इसमें पहला आमला (Amla), दूसरा बिभीतकी (Beleric Myrobalan) और तीसरा हरड़ या हरीतकी (Chebulic myrobalan) को मिलाया जाता है। इसके कई स्वास्थ्य लाभों के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सा में व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। मगर उचित मात्रा का सेवन न करने से दुष्प्रभावों का सामना भी करना पड़ता है।

हांलाकि त्रिफला एक रेचक औषधि है। तीनों फलों को सुखाकर तैयार किए जाने वाले इस चूर्ण के सेवन से न केवल पाचनतंत्र को मज़बूती मिलती है, बल्कि इससे वज़न कम करने और ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित किया जाता है। इसके अलावा इसमें मौजूद कोलेसिस्टॉकिन कंपाउड भूख बढ़ने से रोकता है। मगर फिर भी अधिक सेवन नुकसान का कारण साबित होता है।

इसमें मौजूद कोलेसिस्टॉकिन कंपाउड भूख बढ़ने से रोकता है। मगर फिर भी अधिक सेवन नुकसान का कारण साबित होता है। चित्र : एडॉबीस्टॉक

त्रिफला के ज्यादा या गलत तरह से सेवन के दुष्प्रभाव (Side effects of triphala)

1. पाचन संबंधी गड़बड़ी

इस चूर्ण में रेचक गुण पाए जाते है, जिसके चलते कब्ज की समस्या हल हो जाती है। मगर इसका अत्यधिक सेवन दस्त, पेट में ऐंठन या सूजन का कारण बनने लगता है। वे लोग जो पहले से पाचन संबधी समस्याओं और एसिडटी से ग्रस्त है, उन्हें खाली चूर्ण से बचना चाहिए। इसमें फाइबर की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो ब्लोटिंग का कारण बन जाती है।

2. एलर्जी का खतरा

नियमित रूप से इसका सेवन करने से कुछ लोगों को त्वचा पर चकत्ते, खुजली और ब्रीदिंग प्रॉबल्म का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा त्वचा का रूखापन भी बढ़ने लगता है। ऐसे में जड़ी बूटियों के चूर्ण के सेवन के साथ शरीर को निर्जलीकरण से बचाना आवश्यक है।

3. इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन

लंबे समय तक उपयोग करने और उच्च खुराक लेने से मल त्याग में वृद्धि हो जाती है, जिससे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन हो सकता है। त्रिफला आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण जड़ी बूटी है जिसके कई लाभ हैं। मगर लेते वक्त कोताही बरतने से निर्जलीकरण का सामना करना पड़ता है।

सही मात्रा में सेवन न करने से दवाओं के सही तरीके से चयापचय में समस्या आती है।

4. दवाओं के चयापचय में समस्या बढ़ना

सही मात्रा में सेवन न करने से दवाओं के सही तरीके से चयापचय में समस्या आती है। साथ ही अन्य दवाओं के साथ त्रिफला लेने से दवाओं के साथ प्रतिक्रिया कर सकता है। इसे दवा के साथ लेने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह अवश्य ले लें।

5. गर्भावती महिलाएं न लें

प्रेगनेंसी के दौरान परहेज़ करना चाहिए। पहले तीन महीने तक त्रिफला का सेवन न करें। इसका प्रभाव बच्चे की ग्रोथ पर पड़ सकता है। इसे लेने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ की सलाह लें।

क्या है त्रिफला के सेवन का सही तरीका (Right way to consume triphala)

1. इम्युनिटी बढ़ाने के लिए (To boost immunity)

गर्मी में शरीर के इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के लिए गुड़ के साथ चूर्ण मिलाकर लें सकते हैं। बरसात में सेंधा नमक मिलाकर लें। सर्दी में एक चौथाई सौंठ को मिला कर लें। वहीं बंसत के आते ही शहद के साथ इसका सेवन करें। किसी भी चीज़ को इसमें एक चौथाई ही मिलाएं।

2. पाचन दुरुस्त करने के लिए (To improve digestion)

पाचनतंत्र को मज़बूत बनाने और पेट साफ करने के लिए त्रिफला चूर्ण को गुनगुने पानी या दूध के साथ रात को सोने से पहले लें। इससे पेट में डाइजेस्टिव जूसिज़ का स्तर बढ़ता है, जिससे बॉवल मूवमेंट नियमित होने लगता है।

3. बॉडी डिटॉक्स के लिए (For body detox)

एक गिलास पानी में इस औषधी को डालकर उबलने दें। अब जब पानी की मात्रा आधी रह पाए, तो इसे छानकर पीएं। इसमें गिठास लाने के लिए शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं।

एक गिलास पानी में इस औषधी को डालकर उबलने दें। अब जब पानी की मात्रा आधी रह पाए, तो इसे छानकर पीएं। चित्र : शटरस्‍टॉक

4. ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए (To control blood sugar)

पाचन के अलावा त्रिफला वेटलॉस और ब्लड शुगर नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह से ही इसकी टेबलेट लें। इसे गुनगुने पानी से लेने से शरीर को फायदा मिलता है।

5. वेट लॉस के लिए (For weight loss)

वज़न को नियंत्रित करने के लिए इसे गुनगुने पानी में डालकर कुछ देर उबालें और इसमें एक चौथाई चम्मच दालचीनी को मिला लें। अब इस उबलने दें और इसमें शहद को मिलाकर इसका सेवन करें ।

डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।

लेखक के बारे में
ज्योति सोही

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं।

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