केला, वह भी सर्दियों में? आइए चैक करते हैं इसके बारे में कुछ फैक्ट और कुछ मिथ्स

केला सुपरफूड है और कफ में इसे खाने से बचने की सलाह दी जाती है। पर क्या ठंड के इन तीन महीनों में भी बंद कर देना चाहिए केले का सेवन? आइए पता करते हैं।
सर्दियों के मौसम में केला खाना अच्छा होता है या बुरा? चित्र : शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 22 December 2021, 08:00 am IST
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यदि आप रोजाना अपने आहार में फल लेती हैं, तो आपको यह भी पता होगा कि फल खाने का एक सही समय होता है। जी हां, आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार फलों को दोपहर के समय खाना सबसे सही रहता है। इसके पहले या बाद में तुरंत आप खाना नहीं खा सकते हैं, नहीं तो फल नुकसान भी कर सकते हैं।

आजकल सर्दियों का मौसम चल रहा है। फलों में सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है केला। ऐसे में कई लोगों का यह सवाल रहता है कि क्या सर्दियों में केले का सेवन किया जा सकता है? क्योंकि केला (Banana) एक बेहतरीन फल है। यह सस्ता है और सेहत के लिए सबसे सही है। यदि आप केला खाते हैं तो पाचन (Digestion) से लेकर कमजोरी (Weakness) महसूस करने तक की सारी समस्याएं दूर हो जाएंगी।

तो चलिये पता करते हैं कि क्या सर्दियों में केला खाया जा सकता है या नहीं?

सर्दी-खांसी (Cough & Cold) की समस्या होने पर कई लोग केला खाना बंद कर देते हैं। उन्हें लगता है कि इससे शरीर में कफ बढ़ता है, जिससे सर्दी या खांसी ठीक होने में काफी समय लगता है। आपको बता दें कि केले में भरपूर मात्रा में पोटैशियम होता है। केला शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है और हाइड्रेट (Hydrate) रखने में मदद कर सकता है। केले में मौजूद 100 कैलोरी शरीर को ऊर्जा देती हैं।

केला हेल्दी कार्ब्स का अच्‍छा स्रोत है। चित्र- शटरस्टॉक।

कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में केला खाया जा सकता है। यह स्वस्थ और स्फूर्तिदायक (Energize) है, सर्दियों के दौरान रात में इसे खाने से बचना चाहिए। यदि आप चाहें तो दोपहर के समय केला खा सकते हैं। अगर व्यक्ति खांसी और सर्दी या सांस की अन्य बीमारियों से पीड़ित है, तो उसे यह भूलकर भी नहीं खाना चाहिए, क्योंकि यह बलगम या कफ के संपर्क में आने पर जलन पैदा करता है।

यहां हैं वे कारण जो सर्दियों में भी केला खाने को सही ठहराते हैं

1. केला उच्च फाइबर से भरा होता है:

सर्दियों में केला खाने का एक कारण इसमें मौजूद फाइबर (Fiber) । केला घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह के फाइबर से भरपूर होता है। घुलनशील फाइबर में पाचन धीमा करने की प्रवृत्ति होती है, जिससे व्यक्ति लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कर सकता है। यही कारण है कि केले को अक्सर नाश्ते के भोजन में शामिल किया जाता है। कब्ज (Constipation) की समस्या से राहत दिलाने में भी केला फायदेमंद माना जाता है।

2. उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रखना

केले में भरपूर मात्रा में पोटेशियम (Potassium) होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को कंट्रोल करने में मदद करता है। केला खाने से उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। उच्च फाइबर वाले खाद्य पदार्थ जैसे केला हृदय रोगों (Heart Disease) के जोखिम को कम करने के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

3. बोन हेल्थ के लिए कैल्शियम का स्रोत

सर्दियों में आपकी बोन्स को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है और कैल्शियम इसके लिए जरूरी पोषण है। कैल्शियम (Calcium) की एक दैनिक खुराक न केवल हड्डियों के घनत्व (Bone Density) को बनाए रखने में मदद करती है, बल्कि उन्हें मजबूत करने में भी फायदेमंद हो सकती है। केला पोटेशियम, कैल्शियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, फोलेट, नियासिन, राइबोफ्लेविन और बी 6 जैसे आवश्यक विटामिन और खनिजों से भरा होता है।

केला वजन कम करने में भी मदद करता है। चित्र-शटरस्टॉक।

4. आपका आलस दूर करता है पोटैशियम

पोटैशियम से भरपूर केला दिन भर की थकान के बाद मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है। देर शाम एक या दो केले खाने से आपको अच्छी नींद आने में मदद मिल सकती है।

पर ध्यान रहे कुछ स्थितियों में आपको केले का सेवन नहीं करना चाहिए

1. दांत की समस्या:

जिन लोगों को दांतों की समस्या है उन्हें केला खाने से बचना चाहिए। केला चीनी की मात्रा है। इसलिए इसे ज्यादा खाने से दांतों की समस्या हो सकती है।

2. माइग्रेन वाले लोग:

अगर आप अक्सर माइग्रेन (Migraine) से पीड़ित रहती हैं, तो आपको केला खाने से बचना चाहिए। शराब के साथ केला खाने से माइग्रेन अटैक का खतरा हो सकता है।

सुबह का सबसे असान और पौष्टिक नासता। चित्र: शटरस्‍टॉक

3. लेटेक्स एलर्जी वाले लोग:

जिन लोगों को लेटेक्स (Lactose) से एलर्जी होती है, उन्हें भी केले से नुकसान हो सकता है। इसके अलावा उन्हें एवोकाडो, कीवी और चेस्टनट से भी परहेज करना चाहिए।

4. शुगर की बीमारी वाले:

केले में प्राकृतिक चीनी होती है। लेकिन अगर आप इसका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं, तो यह नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत अधिक चीनी लेने से कभी-कभी सिरदर्द और सोने में परेशानी हो सकती है।

5. अस्थमा के मरीज:

जिन्हें दमा है उन्हें अपने आहार में केले का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे सूजन और एलर्जी भी हो सकती है।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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