गर्मी के दिनों में वातावरण का तापमान बढ़ने की वजह से बॉडी हीट बढ़ जाती है, जिसकी वजह से तमाम तरह की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। अत्यधिक गर्मी बॉडी को डिहाइड्रेट कर देती है, जिससे ऊर्जा शक्ति का स्तर बेहद कम हो जाता है। वहीं इस मौसम पाचन और त्वचा संबंधी समस्याएं भी आम हो जाती हैं। ऐसे में शरीर को ठंडक पहुंचाने में कुछ खास आयुर्वेदिक नुस्खे आपकी मदद कर सकते हैं। आप सब ने “खसखस” के बारे में जरूर सुना होगा।
आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल तमाम तरह की समस्याओं के इलाज के रूप में किया जाता है। यह एक सुगंधित घास है, जो बेहद सुगंधित होती है और इसका इस्तेमाल इत्र, साबुन और अन्य उत्पादों को बनाने में किया जाता है। वहीं आयुर्वेद में इसे इसकी औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है, और इसे दवाइयों के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। आज हम बात करेंगे खसखस के पानी (Khus ka pani) के फायदों के बारे में। साथ ही जानेंगे इसे किस तरह तैयार करना है।
आयुर्वेद एक्सपर्ट चैताली राठौर ने खस की जड़ के पानी (Khus ka pani) के कुछ महत्वपूर्ण फायदे बताएं हैं। विशेष रूप से वे इसे गर्मी के मौसम में पीने की सलाह देती हैं, तो फिर आइए जानते हैं, इस पर क्या है एक्सपोर्ट की राय।
खस की जड़ का पानी, वेटिवर घास की जड़ों से प्राप्त होता है, जो चिलचिलाती गर्मी के महीनों में ठंडक प्राप्त करने का एक प्राकृतिक और ताज़ा तरीका है। जड़ के सार से युक्त पानी में एक विशिष्ट मिट्टी की सुगंध होती है, जो फौरन ठंडक का एहसास दिलाती है। साइंस भी इसके कूलिंग प्रभाव का समर्थन करते हैं। जड़ में ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे यह गर्मी के तनाव से निपटने के लिए एक आदर्श ड्रिंक बन जाता है।

हाइड्रेटेड रहना बहुत ज़रूरी है, खासकर गर्म मौसम में जब शरीर पसीने के ज़रिए तेज़ी से पानी बाहर निकलता है। खस की जड़ का पानी न केवल प्यास बुझाता है बल्कि खोए हुए इलेक्ट्रोलाइट्स की आवश्यकता को पूरा करता है। सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों के संकुचन और तंत्रिका संकेतन सहित विभिन्न शारीरिक कार्यों के लिए आवश्यक हैं।
इलेक्ट्रोलाइट्स का एक प्राकृतिक स्रोत प्रदान करके, खस की जड़ का पानी उचित हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। डिहाईड्रेशन और मांसपेशियों में ऐंठन और थकान जैसी संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं को रोकता है।
खस की जड़ के पानी का उपयोग स्किन केयर के लिए भी अच्छा है। जड़ का अर्क अपने कसैले और एंटीसेप्टिक गुणों के लिए जाना जाता है, जो इसे विभिन्न त्वचा स्थितियों के लिए एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार बनाते हैं। आप चाहें तो इसे त्वचा पर सीधे लगाएं या स्किनकेयर उत्पादों में एक कंपोनेंट के रूप में इस्तेमाल कर सकती हैं।
खस की जड़ का पानी त्वचा को साफ और शुद्ध करने में मदद करता है, अतिरिक्त ऑयल को कम करता है और मुंहासे और अन्य त्वचा संक्रमणों को रोकता है। इसका ठंडा और सूदिंग प्रभाव सनबर्न और कीड़े के काटने से होने वाले जलन से राहत देता है। आप सभी इसे समर स्किन केयर में एक बेहद प्रभावी घरेलू नुस्खे के तौर पर शामिल कर सकती हैं।
गर्मी के मौसम में पाचन क्रिया पहले से असंतुलित होती है, और इसकी देखभाल बहुत जरूरी है। खस के पानी को कूलिंग प्रभाव के अलावा पारंपरिक रूप से पाचन सहायता के रूप में उपयोग किया जाता है। जड़ में ऐसे कंपाउंड होते हैं, जो पाचन तंत्र को शांत करते हैं और स्वस्थ पाचन को बढ़ावा देते हैं।
चाहे इसे अकेले खाया जाए या भोजन के बाद पिया जाए, खस की जड़ का पानी अपच, सूजन और एसिडिटी के लक्षणों को कम कर सकता है। इसका हल्का, मिट्टी जैसा स्वाद भोजन के दौरान पिए जाने वाले मीठे या कार्बोनेटेड पेय पदार्थों का एक ताज़ा विकल्प साबित हो सकता है, जो इसे पाचन स्वास्थ्य के लिए एक स्वस्थ विकल्प बनाता है।

इसके शारीरिक लाभों के अलावा, खस की जड़ का पानी अपने शांत और आराम प्रदान करने वाले गुणों के लिए जाना जाता है। जड़ की मिट्टी जैसी सुगंध मन और शरीर पर सुखदायक प्रभाव डालती है, जिससे तनाव और चिंता को कम करने में मदद मिलती है। तनाव की स्थिति में आप इसके जड़ का पानी पीने के साथ-साथ इसके अरोमा की मदद से भी अपने मन को शांत कर सकती हैं।
खस की जड़ का पानी आपके शरीर को आराम पहुंचता है, और मन को शांत रखते हुए मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। इसका प्रभाव प्राकृतिक रूप से शांत है, जो इसे नींद को बढ़ावा देने और लंबे दिन के बाद तनाव से राहत पाने के लिए एक लोकप्रिय विकल्प बनाता है।
कांच की बोतल में 10 से 15 ग्राम खस डाल कर छोड़ दें।
इसे 3 से 4 घंटे के लिए भिगोए रखें फिर इस पानी को पीने के लिए इस्तेमाल करें।
हालांकि, पीने से पहले इसे छानना न भूलें।
आप चाहें तो किसी और बोतल में वापस से नए जड़ को डालकर रख दें, और जब पहले बोतल का पानी खत्म हो जाए तो दूसरे का इस्तेमाल करें।
कपास की पोटली का उपयोग करें, उसमें जड़ डालकर टाइट बांध लें। फिर इसे पानी के मटके में डालकर छोड़ दें, और इसे हर दिन बदलना न भूलें।

आप खस के पानी को त्वचा पर टोनर के रूप में अप्लाई कर सकती हैं। यदि आपकी त्वचा सूरज की किरणों से झुलस गई है, या त्वचा लाल हो गई है, यहां तक कि टैनिंग और घमौरियों को दूर करने के लिए भी इस पानी को प्रभावित त्वचा पर अप्लाई किया जा सकता है।
इसका स्वाद लाजवाब है, आपको प्रकृति के करीब महसूस होगा।
गर्मी से बचने के लिए आपके पित्त संतुलन के लिए यह अद्भुत काम करता है।
इस ठंडी जड़ी बूटी के पानी से अपने दिन की शुरुआत करें, बेहतर महसूस होगा और पूरे दिन शरीर का तापमान ठंडा रहेगा।
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