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ये लोकल फ्रूट फ्री रेडिकल्‍स और मोटापे से दिलाता है छुटकारा, जानें आलूबुखारा के सेहत लाभ

Updated on: 21 December 2020, 21:13pm IST
खट्टा मीठा आलूबुखारा किसे नहीं पसन्द, लेकिन ये खूबियां जानने के बाद आप भी इसे अपने आहार में शामिल कर लेंगी।
विदुषी शुक्‍ला
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swaad ke saath sehat ka bhandaar hai aloobukhara
स्वाद के साथ सेहत का भंडार है आलूबुखारा। चित्र: शटर स्टॉक।

अगर आलूबुखारा खाने से आपको चेहरें पर नजर आने वाली फाइन लाइंस, मोटापे और कब्‍ज तीनों से छुटकारा मिले तो क्‍या बात है! जी हां यह सच है, बरसात के मौसम का यह लोकल फ्रूट असल में पोषण का भंडार है। यही नहीं, हम आपको बताने वाले हैं आलूबुखारे के 5 ऐसे फायदे, जिन्‍हें जानकर आप रोज़ाना आलूबुखारा खाना शुरू कर देंगीं।

लेकिन पहले बात करते हैं आलूबुखारा के गुणों की

आलूबुखारा में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन के, पोटैशियम, मैंगनीज, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। साथ ही इस फल में कैलोरी काफी कम होती हैं, जिसके कारण यह आपकी हेल्दी डाइट का हिस्सा बन सकता है।

1. कब्ज में आराम देता है आलूबुखारा

आलूबुखारे में मौजूद फाइबर के कारण यह कब्ज़ का बेहतरीन इलाज है। एक मीडियम साइज आलूबुखारे में 1 ग्राम फाइबर होता है। साथ ही इसमें सोर्बिटोल नामक कंपाउंड होता है, जो पेट साफ करने में मदद करता है।

कब्ज़ दूर करता है आलूबुखारा। चित्र- शटर स्टॉक।

जर्नल एलमेंट फार्माकोलोजिकल थेरेपी के रिसर्च में आलूबुखारे के कब्ज पर प्रभाव को जानने के लिए एक एक्सपेरिमेंट किया गया। इसमें एक ग्रुप को तीन हफ्तों तक 50 ग्राम आलूबुखारा दिया गया, और दूसरे ग्रुप को कब्ज की दवा साईलम। तीन हफ्ते बाद पाया गया कि आलूबुखारे का सेवन साईलम से ज्यादा कारगर है।

2. हड्डियों के स्वास्थ्य के लिये है फायदेमंद

आलूबुखारे में एंटीऑक्सीडेंट पोलीफेनॉल भरपूर मात्रा में मौजूद होता है, जो हड्डियों की बीमारियां जैसे ओस्टीयोपोरोसिस और ऑस्टेओपेनिया की रिस्क कम करता है।
साथ ही इसमें मौजूद विटामिन के और मिनरल्स हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक है।

3. ब्लड शुगर स्तर को नियंत्रित करता है

आलूबुखारा टाइप 2 डायबिटीज की रिस्क को कम करता है। इसके लिए उसमें मौजूद फाइबर ज़िम्मेदार है। हालांकि आलूबुखारे में कार्बोहाइड्रेट होता है, लेकिन फाइबर पेट में पहुंच कर कार्ब्स के पाचन को धीमा कर देता है। इसके कारण ब्लड शुगर तेजी से न बढ़ने के बजाय नार्मल रहती है।
साथ ही यह अडिपोनेक्टिन हॉर्मोन्स का स्तर बढ़ाता है, जो खून में शुगर का स्तर कंट्रोल करता है।

मधुमेह के लिए आलूबुखारा लाभदायक हैं। चित्र- शटर स्टॉक।

4. डाइट-फ्रेंडली है आलूबुखारा

जैसा कि हमने बताया कि आलूबुखारा में कैलोरी कम होती हैं, फाइबर ज्यादा होता है। यह फल आपका पेट लम्बे समय तक भरता है, और आपके कैलोरी काउंट को डिस्टर्ब नहीं करता। एक मीडियम साइज आलूबुखारे में मात्र 30 कैलोरी होती हैं।
साथ ही यह विटामिन्स और मिनरल्स का भंडार है। आप आलूबुखारे का जूस अपने ब्रेकफास्ट में शामिल कर सकती हैं।

5. फ्री-रेडिकल्स के नुकसान को खत्म करता है

फ्री रेडिकल्स हमारी स्किन, बालों और ऑर्गन्स को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। यह झुर्रियां, पिगमेंटेशन, हेयर फॉल से लेकर हार्ट डिजीज तक के लिए ज़िम्मेदार होते हैं।
पबमेड सेंट्रल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार आलूबुखारे में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पोलीफेनॉल में जबरदस्त एन्टी-इन्फ्लामेट्री प्रॉपर्टी होती हैं। यह स्किन और बालों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। साथ ही यह कैंसर और हार्ट डिसीज़ के रिस्क को भी कम करता है।

तो अगली बार जब आप सुपरमार्केट जाएं, इस फायदेमंद फल को अपने शॉपिंग लिस्ट में ऐड करना न भूलें।

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।