और पढ़ने के लिए
ऐप डाउनलोड करें

#Dare to change : आज ही से बदल दें इन 6 खाद्य पदार्थों को दोबारा गर्म करके खाने की आदत, जानिए क्‍यों

Published on:4 April 2021, 13:30pm IST
स्‍वस्‍थ आहार आपके शरीर में पोषक तत्‍वों की आपूर्ति करते हैं। पर इन्‍हीं को जब आप बार-बार गर्म करके खाने में प्रयोग करती हैं, तो ये कई टॉक्सिन्‍स का उत्‍सर्जन करते हैं।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
  • 82 Likes
इन खाद्य पदार्थों को भूलकर भी दोबारा गर्म न करें . चित्र : शटरस्टॉक
इन खाद्य पदार्थों को भूलकर भी दोबारा गर्म न करें . चित्र : शटरस्टॉक

भाग-दौड़ से भरी जिंदगी में लोगों के पास खाना खाने के लिए भी समय नहीं है। ऐसे में दोबारा खाना बनाने के झंझट की वजह से लोग अक्सर सुबह का खाना शाम को गर्म करके खाते हैं। लेकिन, अगर आप भी एक बार बने हुए खाने को बार-बार गर्म करके खा रहे हैं, तो सावधान हो जाइये क्योंकि ये आपकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

खाना दोबारा गर्म करके खाना आम बात है, लेकिन आप इस बात से अनजान होंगे कि ऐसा करने से भोजन विष के समान बन जाता है। वही खाना शरीर में पोषण पहुंचाने की बजाय विषाक्त पदार्थों का द्वार बन जाता है। कुछ प्रकार के खाद्य पदार्थों को बार-बार गर्म करने से उनकी प्रॉपर्टी में बदलाव होता है और वे कई जानलेवा बीमारियों को भी न्योता देते हैं।

इसलिए, आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि किन खाद्य पदार्थों को दोबारा गर्म नहीं करना चाहिए:

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

 

पालक, बंद गोभी, सरसों आदि को दोबारा गर्म करने से बचना चाहिए। फिर चाहे वो माइक्रोवेव में हो या फिर गैस पर। इन नाइट्रेट युक्त सब्जियों को जब दोबारा गर्म किया जाता है, तो वे विषैली हो सकती हैं, क्योंकि ये कार्सिनोजेनिक गुणों को छोड़ती हैं, जो आमतौर पर प्रकृति में कैंसरस होते हैं।

इसमें अधिक मात्रा में आयरन होता है, इसलिए पालक को गर्म करने से इसमें मौजूद आयरन का ऑक्सीकरण हो सकता है। आयरन का ऑक्सीकरण खतरनाक मुक्त कणों को उत्पन्न करता है जो बांझपन और कैंसर सहित कई बीमारियों का कारण बन सकता है।

पालक को दोबारा गर्म करने से इसके टोक्सिंस बढ़ जाते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
पालक को दोबारा गर्म करने से इसके टोक्सिंस बढ़ जाते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. चावल

फूड्स स्टैंडर्ड एजेंसी (एफएसए) के अनुसार, दोबारा गर्म किए गए चावल खाने से फूड पॉइजनिंग हो सकती है। यह बेसिलस सेरेस नामक अत्यधिक प्रतिरोधी बैक्टीरिया की उपस्थिति के कारण होता है। जब चावल को दोबारा से गर्म किया जाता है, तो इसमें बेसिलस सेरेस नामक बैक्टीरिया बन जाते हैं और कई अन्य बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

3. अंडे

अंडे में प्रोटीन की उच्च मात्रा होती है, लेकिन बार-बार गर्म किये जाने पर ये प्रोटीन नष्ट होने लगता है। एक बार जब आप अंडे पकाते हैं, तो उन्हें तुरंत खाएं। इन्‍हें अगर कुछ समय बाद खाना है, तो ठंडा ही खाएं और गर्म बिल्कुल न करें।

उच्च प्रोटीन वाले भोजन में बहुत सारा नाइट्रोजन होता है। इस नाइट्रोजन को दोबारा गर्म करने के कारण ऑक्सीकरण हो सकता है, जिससे कैंसर हो सकता है।

4.मांस – मछली

गर्मागर्म चिकन बेहद स्वादिष्ट लगता है लेकिन, जब ये अगले दिन के लिए बच जाता है तो आप इसे फ्रिज में रख देते हैं। हां.. आप इसे अगले दिन चाव से खा सकते हैं, लेकिन दोबारा गर्म कभी न करें क्योंकि ऐसा करने से पाचन तंत्र बिगड़ सकता है।

5. आलू

आलू स्टोर करने और सफर में ले जाने के लिए सबसे अच्छा है, यदि आप भी ऐसा ही सोचते हैं तो ये गलत है। आलू में विटामिन B6 और पोटेशियम की मात्रा भरपूर होती है। अगर उन्हें बार-बार गर्म किया जाए तो वे क्लोस्ट्रीडियम बोटुलिनम (बोटुलिज़्म पैदा करने वाले बैक्टीरिया) पैदा कर सकते हैं।

आलू को दोबारा गर्म करना नुकसानदायक होता है. चित्र : शटरस्टॉक
आलू को दोबारा गर्म करना नुकसानदायक होता है. चित्र : शटरस्टॉक

इसलिए यदि आप बैक्टीरिया के विकास से बचना चाहते हैं, तो सबसे अच्छा है कि 1-2 दिन के भीतर इसका सेवन न किया जाए या इन्हें ठंडा करके रखा जाए।

6. तेल

आखिरी पर सबसे महत्वपूर्ण बात, किसी भी तरह के तेल को दोबारा हीट नहीं करना चाहिए। कुकिंग ऑयल के लिए हम अक्सर सोचते हैं कि ये दोबारा गर्म करके फिर से तलने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। पर ये सेहत के लिए सबसे ज्यादा हानिकारक साबित हो सकता है। प्रीहीट करने पर इसमें से कार्सिनोजेनिक प्रॉपर्टीज का उत्पादन होता है, जो आगे जाकर कैंसर के जोखिम को बढ़ाती हैं।

स्‍वस्‍थ जीवन के लिए आपको थोड़ी सी मेहनत और थोड़ा सा अनुशासन भी जरूरी है। इसलिए बस उतना ही पकाएं जितना खाया जाना है।

यह भी पढ़ें : आयुर्वेद के अनुसार गुण धर्म विरोधी आहार हैं शरीर के लिए नुकसानदेह, जानें क्‍या हैं ये और इनसे कैसे बचना है

ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।