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भारतीयों में सबसे ज्‍यादा पाई जाती है इस पोषक तत्व की कमी, जानिए क्‍या है संकेत और इसके स्रोत

Updated on: 10 December 2020, 12:43pm IST
फोलेट यानी विटामिन बी9 एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी कमी भारतीयों में सर्वाधिक होती है। आइये जानते हैं क्या हैं लक्षण और कैसे इस कमी को पूरा किया जा सकता है।
विदुषी शुक्‍ला
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फोलेट यानी विटामिन बी9 एक ऐसा पोषक तत्व है जिसकी कमी भारतीयों में सर्वाधिक होती है। चित्र- शटरस्टॉक।

यह सच है, हमारे खानपान और विदेशी खानपान में बहुत बड़ा अंतर है। हम लंच के लिए मात्र सलाद नहीं खाते, ना ही हमारा डिनर फिश और चिकन हो सकता है। जब हमारा खान पान उनसे अलग है तो हमारी समस्याएं भी उनसे अलग ही होंगी, ऐसे में हमें यह जानना बहुत जरूरी है कि हमारे भोजन में किस पोषक तत्व की कमी रहती है।

यह महत्वपूर्ण पोषक तत्व है फोलेट यानी विटामिन बी9। फोलेट एक वाटर सॉल्युबल विटामिन है यानी यह हमारे शरीर मे फैट के साथ स्टोर नहीं हो सकता। बल्कि यह विटामिन खून में होता है और पानी के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है। इसलिए इसे नियमित रूप से खाते रहना जरूरी है।

इसकी आवश्यकता हमारे डीएनए, आरएनए और रेड ब्लड सेल्स के लिए होती है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह पोषण बहुत जरूरी है क्योंकि बच्चे के डीएनए से लेकर विकास, सबके लिए फोलेट आवश्यक है। इतने आवश्यक पोषक तत्व की कमी हमारे शरीर पर बहुत दुष्प्रभाव डालती है।

गर्भधारण करना चाहती हैं, तो डाइट पर भी ध्‍यान दें। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या हैं विटामिन बी 9 की कमी के लक्षण?

फोलेट, जैसा कि आप जानती हैं, गर्भवती महिलाओं के लिए अतिआवश्यक है। ऐसे में इसकी कमी के लक्षण पता होना बहुत जरूरी है।

ये हैं फोलेट की कमी के लक्षण-

· हर वक्त थकान महसूस होना
· सफेद या ग्रे बाल
· मुंह मे बार-बार छाले होना
· जीभ में सूजन
· एनीमिया
· कमजोरी और आलस
· सांस फूलना
· चिड़चिड़ापन

गर्भावस्था के दौरान एनीमिया यानी खून में हीमोग्लोबिन की कमी, मां और शिशु दोनों के लिए घातक हो सकती है। इसलिए फोलेट आपकी डाइट में प्रचुर मात्रा में होना आवश्यक है।

कैसे डायग्नोस होती है फोलेट की कमी?

अगर आपको फोलेट की कमी वाले कोई भी तीन या उससे अधिक लक्षण नजर आते हैं, तो अपना ब्लड टेस्ट करवाएं। अगर आप गर्भवती हैं तब तो आपको फोलेट की जांच समय-समय पर करवानी ही चाहिए।

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बरकरार रखने के लिए आप लोकल फूड पर भरोसा कर सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
फोलेट आपकी डाइट में प्रचुर मात्रा में होना आवश्यक है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अत्यधिक शराब का सेवन भी शरीर मे फोलेट की कमी पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आप अक्सर ड्रिंक करती हैं, तो अपना नियमित ब्लड टेस्ट करवाती रहें।
फोलेट टेस्ट से आप के अंदर फोलेट की कितनी कमी है, यह आसानी से पता चल जाएगा और आप उस अनुसार अपने आहार में संशोधन कर सकती हैं।

ये आहार हैं फोलेट में भरपूर-

1. हरी सब्जियां- ब्रोकोली और पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन बी 9 का महत्वपूर्ण स्रोत हैं। हम भारतीयों को सप्ताह में कम से कम तीन से चार बार हरी सब्जियां खानी ही चाहिए।

2. ब्रुसेल्स स्प्राउट्स– ब्रुसेल्स स्प्राउट्स भी फोलेट का प्रमुख स्रोत हैं। नाश्ते में आप ब्रुसेल्स स्प्राउट्स का सलाद या चाट बना सकती हैं।

3. मशरूम– मशरूम में फोलेट प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, जिसे आपकी डाइट का हिस्सा होना ही चाहिए।

4. शेलफिश- अगर आप मांसाहारी हैं तो सी फूड अपने आहार में सप्ताह में एक बार तो जरूर लें। फिश से लेकर प्रॉन और शेलफिश आपकी सेहत के लिए चमत्कारी होते हैं। इन्हें अपने आहार में अधिक से अधिक शामिल करें।

5. दाल और बीन्स- बीन्स और सभी दालों में विटामिन बी 9 अच्छी मात्रा में पाया जाता है। अगर आप शाकाहारी हैं तो यह आपके डाइट का हिस्सा हर दिन होना ही चाहिए। इसके साथ साथ एस्पेरेगस भी आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।

फोलेट आपकी डाइट में प्रचुर मात्रा में होना आवश्यक है। चित्र: शटरस्‍टॉक

6. खट्टे फल- जी हां, खट्टे फलों में विटामिन सी के साथ साथ फोलेट भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। नींबू, सन्तरा, कीनू, माल्टा और मौसम्बी फोलेट का अच्छा स्रोत हैं। यही नहीं, टमाटर भी फोलेट में रिच होता है जिसे आप अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं।

यदि प्रेगनेंसी प्लान कर रहीं हैं तो पहले से ही इन फूड्स को अपने भोजन में शामिल कर लें। यही नहीं, नियमित ब्लड टेस्ट करवाएं और फोलेट की कमी होने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स लें।

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।