Kodo Millet – जानिए क्या है बाजरा की ये किस्म, जो डायबिटीज के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है

हमारे देश में कई लोग डायबिटीज के शिकार हैं। ऐसे में उनके लिए कौन सी चीजें हेल्दी है और कौन सी नहीं इसके बारे में पता लगाना बहुत जरूरी होता है। कोदो बाजरा ऐसा ही एक अनाज है, जो शुगर के रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
kodo millet ke fayede
हिमालय में पैदा होने वाला कोदो बाजरा उत्तरी भारत का प्रमुख अनाज रहा है। चित्र-अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Updated: 8 Dec 2023, 04:16 pm IST
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हर दूसरा व्यक्ति आजकल डायबिटीज के जोखिम में है। इसलिए यह जरूरी है कि अपनी डाइट का ध्यान रखा जाए। ऐसे कई सुपरफूड हैं, डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार साबित हो सकते हैं। कोदो बाजरा (Kodo Millet) भी ऐसा ही एक अनाज है। असंख्य अनाजों के बीच, कोडो बाजरा एक पोषण संबंधी पावरहाउस के रूप में जाना जाता है। आज हम आपको बताते है कि कोदो डायबिटीज कंट्रोल करने में कैसे मदद कर सकता है।

पहले जानिए क्या है कोदो बाजरा (Kodo Millet)

कोदो बाजरा, जिसका वैज्ञानिक नाम पास्पलम स्क्रोबिकुलटम है, कई संस्कृतियों में खाने का मुख्य हिस्सा रहा है। आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर, यह ग्लूटेन-मुक्त अनाज पौष्टिक आहार की चाह रखने वालों के लिए वरदान से कम नहीं है।

हिमालय में पैदा होने वाला कोडो बाजरा उत्तरी भारत का प्रमुख अनाज रहा है। कठोर परिस्थितियों में भी उपज जाने वाला यह अनाज एक कीट-प्रतिरोधी फसल के रूप में बढ़ता है। जिसके लिए न्यूनतम कीटनाशकों की आवश्यकता होती है।

मधुमेह में कोदो के फायदे
कोदो में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है। चित्र- अडोबी स्टॉक

इसके लाभों के बारे में बात करते हुए डॉ. राजेश्वरी पांडा कहती हैं कि कोडो में भरपूर मात्रा में आयरन पाया जाता है जिसके कारण यह एनीमिया से लड़ने में सहायता करता है। डॉ पांडा मेडिकवर अस्पताल, नवी मुंबई में पोषण और आहार विज्ञान विभाग की एचओडी हैं। वे आगे बताती हैं, “प्रोटीन और फाइबर की प्रचुर मात्रा इसे डायबिटीज को नियंत्रित रखने में मदद करती है।”

जानिए डायबिटीज में कैसे फायदेमंद है कोदो बाजरा

1 कम है इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स

अगर कोई व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है, तो उसे कम ग्लाइसेमिक वाला खाना खाने की सलाह दी जाती है। रिफाइंड अनाज और कुछ अन्य अनाजों की तुलना में कोदो बाजरा का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ अधिक धीरे-धीरे पचते और अवशोषित होते हैं, जिससे रक्त शर्करा के स्तर में धीरे-धीरे वृद्धि होती है। यह डायबिटीज वाले व्यक्तियों में रक्त शर्करा के स्तर को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में मदद कर सकता है।

2 हाई फाइबर बल्ड शुगर लेवल के स्पाइक को रोकता है

कोडो या कोदो बाजरा फाइबर का एक अच्छा स्रोत है, जो मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद है। फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को धीमा कर देता है, जिससे आपके खाना खाने के बाद रक्त शर्करा में तेजी से वृद्धि को रोका जा सकता है। इसके अतिरिक्त, यह भूख को नियंत्रित करने और वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है, जो मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है।

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कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों से डायबटिज को रोकें। चित्र-शटरस्टॉक।

3 यह ग्लूटेन-फ्री आहार है

सीलिएक रोग या ग्लूटेन सेंसटिविटी वाले व्यक्तियों के लिए, कोदो बाजरा एक पौष्टिक ग्लूटेन-फ्री अनाज का विकल्प के रूप में काम करता है। यदि आप भी ऐसे आहार के बारे में खोज कर रहें है जो ग्लूटेन फ्री हो जो ये आपके लिए बहुत अच्छा विकल्प हो सकता है।

4 हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है

डायबिटीज हृदय रोग के खतरे को बढ़ाता है। कोदो बाजरा में फाइबर और पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल के स्तर को विनियमित करके और पूरे हार्ट के फंकशन को बनाए रखते है जिससे आपका हृदय स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है, जो डायबिटीज प्रबंधन में महत्वपूर्ण है।

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लेखक के बारे में

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

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