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काली मिर्च सिर्फ एक मसाला ही नहीं, औषधीय गुणों का भंडार है, जानिए ये कैसे काम करती है

Published on:12 May 2021, 09:00am IST
इम्‍युनिटी बढ़ाने से लेकर स्‍वाद बढ़ाने तक काली मिर्च हर जगह आपको लाभ पहुंचाती है। इसलिए आपको इस औषधीय मसाले के कुछ और गुणों के बारे में भी जानना चाहिए।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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kaali mirch shareer ke poshak tatv aur immunity ko badhati hai
काली मिर्च - शरीर में पोषक तत्वों और इम्यूनिटी को बढ़ाती है। चित्र : शटरस्टॉक

भारतीय पुलाव की बात करें या विदेशी ऑमलेट की, बस जरा सी काली मिर्च इन व्यंजनों का स्वाद बढ़ा देती है। काली मिर्च दुनिया भर में सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाले मसालों में से एक है। इसमें एक तेज और हल्का मसालेदार स्वाद होता है, जो कई व्यंजनों के साथ अच्छी तरह से घुल जाता है। काली मिर्च को अक्सर “मसालों का राजा” के रूप में भी जाना जाता है। यह देशी भारतीय पौधे पाइपर नाइग्रम का सूखा फल होता है।

साबुत काली मिर्च और पिसी हुई काली मिर्च दोनों को आमतौर पर खाना पकाने में इस्तेमाल किया जाता है। व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के अलावा काली मिर्च, एक एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य कर सकती है और विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है।

इसका उपयोग प्राचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा में हज़ारों वर्षों से कई बीमारियों को ठीक करने के लिए किया जा रहा है।

जानिये क्या कहता है विज्ञान

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इनफार्मेशन (एनसीबीआई) के अनुसार काली मिर्च – शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाती है। यह कैल्शियम और सेलेनियम जैसे आवश्यक पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ा सकती है।

काली मिर्च गट हेल्थ में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है जो इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं।चित्र- शटरस्टॉक।
काली मिर्च गट हेल्थ में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है जो इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं।चित्र- शटरस्टॉक।

गट हेल्थ में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है जो इम्युनिटी भी बढ़ाते हैं। साथ ही, अपने एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण दर्द से राहत दिला सकती है।

आपने आहार में काली मिर्च इस्तेमाल करने के कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी हैं जैसे:

1. यह एंटी इंफ्लेमेटरी है

कई अध्ययनों से पता चलता है कि काली मिर्च में मुख्य सक्रिय यौगिक पिपेरिन – प्रभावी रूप से इन्फ्लेमेशन से लड़ सकता है। यही इन्फ्लेमेशन आगे चलकर गठिया, अस्थमा, मधुमेह और हृदय रोग का कारण बनता है।

2. मस्तिष्क के लिए फायदेमंद

चूहों पर हुए एक अध्ययन में सामने आया कि काली मिर्च का अर्क मस्तिष्क की कार्य प्रणाली में वृद्धि कर सकता है। यह विशेष रूप से, अल्जाइमर और पार्किंसंस रोग जैसे रोग में सुधार कर सकती है। यहाँ तक कि आयुर्वेद के अनुसार भी रोज़ सुबह खाली पेट थोड़ी काली मिर्च के साथ एक चम्मच घी खाने से दिमाग तेज़ होता है।

3. सर्दी-खांसी से दिलाए राहत

आयुर्वेद में काली मिर्च को सर्दी-खांसी के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें पाइपरिन (Piperine) नामक कंपाउंड होता है, जो सर्दी-खांसी की समस्या से राहत दिला सकता है। साथ ही, अगर आप काढ़े में काली मिर्च का इस्तेमाल करते हैं तो, यह गले में खराश की समस्या का भी समाधान करने का काम कर सकती है।

काली मिर्च जोड़ों के दर्द से भी राहत दिलाती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
काली मिर्च जोड़ों के दर्द से भी राहत दिलाती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

4. ओरल हेल्थ के लिए

काली मिर्च आपकी ओरल हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें मौजूद पाइपरिन नामक कंपाउंड मसूड़ों की सूजन कम कर सकता है। इसके एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण मुंह में बदबू और बैक्टीरिया का जमाव नहीं होने देते हैं।

5. कोलेस्ट्रोल को नियंत्रित करे

उच्च रक्त कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग के बढ़ते जोखिम से जुड़ा है, जो दुनिया भर में मौत का प्रमुख कारण है। काली मिर्च खाने से एलडीएल (खराब) कोलेस्ट्रॉल सहित रक्त कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।