क्या आप जानती हैं मॉन्क फ्रूट के बारे में, जो देता है आपको डायबिटीज में भी मिठास का मौका

कई लोग मीठा खाना काफी पसंद करते है लेकिन कई कारणों की वजह से नही खा पाते है इसलिए आज हम आपके लिए लेकर आए है चीनी के कुछ स्वस्थ्य विकल्प।

suger ki jagah ye try karein
चीनी के विकल्प आपके रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित नहीं करते हैं। चित्र- अडोबी स्टॉक
संध्या सिंह Published on: 8 Mar 2023, 14:30 pm IST
  • 145
इस खबर को सुनें

मीठे के शौकीन लोग कई बार ज्यादा मीठा खाने की वजह से डायबिटीज का शिकार होने लगते हैं। जबकि मीठा सिर्फ ब्लड शुगर ही नहीं बढ़ाता, बल्कि और भी कई स्वास्थ्य जोखिमों का कारण बनता है। जिनमें डेंटल हेल्थ प्रोब्लम, वजन बढ़ने की समस्या और डल स्किन भी शामिल है। अगर आप भी मीठे की दीवानी हैं, तो हमारे पास है आपके लिए एक हेल्दी विकल्प। इसका नाम है मॉन्क फ्रूट। चीन में बौद्ध भिक्षुओं द्वारा सबसे पहले की गई इस फल की खेती के कारण इसे यह नाम दिया गया है। आइए जानते हैं मॉन्क फ्रूट के स्वास्थ्य लाभ।

क्यों जरूरी है मिठास पर नजर रखना

मायो क्लीनिक के अनुसार आर्टिफिशियल स्वीटनर को चीनी के विकल्प, कम कैलोरी वाले स्वीटनर या गैर-पोषक स्वीटनर ( nonnutritive sweeteners) भी कहा जाता है। ये कैलोरी के बिना चीनी की के जैसे मिठास देते हैं। आर्टिफिशियल स्वीटनर चीनी से कई गुना अधिक मीठी होती है। इस वजह से, खाद्य पदार्थों को मीठा करने के लिए बहुत कम मात्रा में आर्टिफिशियल स्वीटनर की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि आर्टिफिशियल स्वीटनर से बने खाद्य पदार्थों में चीनी से बने खाद्य पदार्थों की तुलना में कम कैलोरी हो सकती है।

ये भी पढ़े- पारंपरिक व्यंजनों के साथ बनाएं होली को और भी खास, हम बता रहे हैं 3 होली व्यंजनों की हेल्दी रेसिपी

चीनी के विकल्प आपके रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित नहीं करते हैं। वास्तव में, अधिकांश आर्टिफिशियल स्वीटनर को “फ्री फूड” माना जाता है। फ्री फूड में 20 से कम कैलोरी और 5 ग्राम या उससे कम कार्बोहाइड्रेट होते हैं।

Xylitol janiye kaise karta hai apki madad
जाइलिटोल (Xylitol) लोगों के ब्लड शुगर लेवल के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है। चित्र-शटरस्टॉक.

मिठास का हेल्दी विकल्प है मॉन्क फ्रूट

यह फल दक्षिणी चीन का एक छोटा हरा तरबूज है और इसका नाम उन भिक्षुओं के नाम पर रखा गया है जिन्होंने पहली बार सदियों पहले इसकी खेती की थी। सदियों से इस फल का उपयोग पारंपरिक चीनी चिकित्सा के लिए किया जा रहा है। लेकिन मिठास की वजह से ये पूरी दुनिया में प्रचलित हुआ है। काफी मीठा होने के बाद भी ये फल शुगर फ्री है।

मोंक फ्रूट स्वीटनर सूखे मेवे से प्राप्त एक्सट्रैक्ट से बनाया जाता है। टेबल शुगर की तुलना में एक्सट्रैक्ट 200-250 गुना अधिक मीठा होता है, इसमें शून्य कैलोरी और कार्ब्स होते हैं, और यह ब्लड शुगर लेवल को नहीं बढ़ाता है।

मॉन्क फल को इसकी मिठास मोग्रोसाइड्स नामक प्राकृतिक यौगिकों से मिलती है। यह आमतौर पर मधुमेह वाले लोगों के लिए सुरक्षित है क्योंकि यह रक्त शर्करा में वृद्धि नहीं करता है। फिर भी मोंक फल के साथ मीठे खाद्य पदार्थ और मीठे पेय पदार्थों को शामिल किया जाता है तो यह कार्ब और कैलोरी की मात्रा में वृद्धि करते हैं और इंसुलिन संवेदनशीलता को प्रभावित करते हैं।

ये भी पढ़े- बस एक मुट्ठी नट्स दे सकते हैं आपको कई बेमिसाल फायदे, गुजिया से लेकर ठंडाई तक में करें एड

जानिए मीठे के कुछ और भी हेल्दी ऑप्शन

1 जाइलिटोल

फलों और सब्जियों में जाइलिटोल (Xylitol) प्राकृतिक रूप से पाया जाने वाला पदार्थ है, और यह हमारे शरीर में भी मौजूद होता है। इसकी मिठास चीनी के समान होती है। इसे इस्तेमाल करने के कई तरीके है। लाइफ एक्सटेंशन फाउंडेशन के अनुसार इसमें चीनी की तुलना में 40 प्रतिशत कम कैलोरी होती है।

जर्नल ऑफ मेडिसिनल फूड के अनुसार,जाइलिटोल (Xylitol) लोगों के ब्लड शुगर लेवल के स्तर को स्थिर रखने में मदद करता है। जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकैमिस्ट्री एंड न्यूट्रिशन ट्रस्टेड सोर्स के एक अध्ययन के अनुसार, यह टाइप 2 मधुमेह की रोकथाम और उपचार में भी फायदेमंद हो सकता है।

sugar se pet me beneficial bacteria ki kami ho jati hai
एरिथ्रिटोल मशरूम और फर्मेंटिड करके प्राप्त किए गए खाद्य पदार्थों में भी पाया जाता है। चित्र: शटरस्टॉक

2 एरिथ्रिटोल

यह स्वीटनर कई फलों में होता है। मशरूम और फर्मेंटिड करके प्राप्त किए गए खाद्य पदार्थों में भी यह पाया जाता है, जैसे शराब, पनीर और सोया सॉस। यह आमतौर पर कम कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों में स्वीटनर के रूप में उपयोग किया जाता है, और इसका कोई स्वाद नहीं होता है।

इसमें कोई कैलोरी नहीं होती है और इससे अन्य शुगर अल्कोहल की तरह पाचन संबंधी समस्याओं नहीं होती है। लेकिन इसका सेवन करने से एसिड रिफ्लक्स हो सकता है और डिहाइड्रेशन भी हो सकता है और इलेक्ट्रोलाइट्स का नुकसान हो सकता है।

ये भी पढ़े- इमली से लेकर फालसा तक, हैंगओवर उतारने में मददगार हैं ये 7 आयुर्वेदिक पेय

  • 145
लेखक के बारे में
संध्या सिंह संध्या सिंह

दिल्ली यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट संध्या सिंह महिलाओं की सेहत, फिटनेस, ब्यूटी और जीवनशैली मुद्दों की अध्येता हैं। विभिन्न विशेषज्ञों और शोध संस्थानों से संपर्क कर वे  शोधपूर्ण-तथ्यात्मक सामग्री पाठकों के लिए मुहैया करवा रहीं हैं। संध्या बॉडी पॉजिटिविटी और महिला अधिकारों की समर्थक हैं। ...और पढ़ें

हेल्थशॉट्स कम्युनिटी

हेल्थशॉट्स कम्युनिटी का हिस्सा बनें

ज्वॉइन करें
nextstory

हेल्थशॉट्स पीरियड ट्रैकर का उपयोग करके अपने
मासिक धर्म के स्वास्थ्य को ट्रैक करें

ट्रैक करें