ऐश गोर्ड (Ash Gourd or Wax Gourd) यानी पेठा सालों भर फलता है। यह लौकी, घीया परिवार का सदस्य है, जिसके फायदे भी कई हैं। इसका फल, बीज और पत्तियों के भी कई औषधीय गुण हैं। आयुर्वेद में इस पौधे का उपयोग कई रोगों के इलाज में किया जाता रहा है। पेठा स्किन की समस्याओं को दूर करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व स्किन के दाग-धब्बों को दूर कर चमकदार (Ash Gourd for Skin) बनाते हैं।
आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. नीतू भट्ट बताती हैं, ‘पेठा पोषक तत्वों से भरपूर होता है। प्रोटीन, फ्लेवोनोइड, कैरोटीन, विटामिन, मिनरल, वोलातेल आयल भी इसमें मौजूद रहते हैं। यह फल मुख्य रूप से 96% पानी से बना होता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फाइबर के अलावा इसमें जिंक, कैल्शियम, आयरन, विटामिन बी1, विटामिन बी3, विटामिन बी2, विटामिन सी, विटामिन बी6, विटामिन बी5 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी मौजूद रहते हैं।’
डॉ. नीतू भट्ट बताती हैं, ‘स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से पेठा के जूस का सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है। पेठा के जूस न केवल ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करते हैं, बल्कि वेट लॉस में भी मदद करते हैं। यह स्किन के लिए भी फायदेमंद है। फलों के अर्क (Fruit Extract) का उपयोग फेस क्रीम तैयार करने के लिए किया जाता है। पेठा उम्र के साथ स्किन सेल के डीजेनरेशन को रोकने में प्रभावी हो सकता है। फल के गूदा, छिलका और बीज में मौजूद कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी में योगदान देते हैं। ये उम्र बढ़ने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ (Anti Aging Agent Petha) सकते हैं। पेठा का जूस ऑक्सीडेटिव डैमेज (Petha Juice reduces Oxidative Stress) को भी कम कर सकता है। यह स्किन सेल्स के क्षरण के प्रभाव को भी नियंत्रित कर सकता है।’
डॉ. नीतू भट्ट के अनुसार, स्किन प्रोब्लम को दूर करने के लिए पेठा को खाया जा सकता है। फल के गूदे, स्किन और बीज को पीसकर फेस मास्क की तरह चेहरे पर लगाया भी जा सकता है। पेठे से तैयार सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है। पेठे की मौजूदगी वाले हर्बल ब्यूटी प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
1 पेठे के फल को खीरे की तरह कच्चा खाया जा सकता है। फल के कुछ पीसेज को चिकन के साथ उबालकर सूप के रूप में पिया जा सकता है। इसे उबले हुए पेठे को नमक, नींबू, काली मिर्च पाउडर के साथ खाया भी जा सकता है।
2 आइसक्रीम, जैम, केचप, किसी भी प्रकार की ड्रिंक और केक बनाने में भी पेठे के कुछ टुकड़े को जोड़ा जा सकता है।
3 छोटे पेठे को भूनकर या मसालों के साथ भूनकर सब्जी के रूप में भी खाया जा सकता है।
4 फल से मीठी कैंडी (मुरब्बा) और नगेट्स भी तैयार किये जा सकते हैं।
5 फल के गूदे से हर्बल दलिया और चटनी तैयार की जाती है।
6 पेठा या एश गोर्ड के डंठलों को डीप फ्राई करके चिप्स या पापड़ की तरह खाया जाता है। हालांकि तेल अधिक होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद नहीं होगा।
7 पेठे का जूस और स्मूदी तो सबसे अधिक प्रयोग में लाई जाती है।
ध्यान दें कि पेठा सभी को सूट नहीं करता है। कुछ लोगों को इससे एलर्जी भी हो सकती है। इसमें पोषण-विरोधी कारक, जैसे फाइटेट्स, ऑक्सालेट आदि होते हैं। ये पोषक तत्वों को अवशोषित करने की शरीर की क्षमता को कम कर सकते हैं। पेठा के जूस से कैल्शियम जमा होने का खतरा हो सकता है, जिससे किडनी स्टोन हो सकती है। इसलिए फल या जूस का सेवन करने से पहले किसी योग्य आयुर्वेद एक्सपर्ट की सलाह लेना न भूलें। वे इसका उपयोग करने का सही तरीका बता सकते हैं।
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