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यहां हैं हल्‍दी के वे अनजाने स्‍वास्‍थ्‍य लाभ, जिनके बारे में शायद आप अब भी नहीं जानतीं

Updated on: 25 January 2021, 14:37pm IST
अपने स्वास्थ्य लाभों के चलते हल्दी काफी लोकप्रिय है। लेकिन हमें यकीन है कि आप हल्दी के बारे में अभी तक सब कुछ नहीं जानती हैं।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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हम में से अधिकांश लोग हल्दी के सभी लाभों के बारे में नहीं जानते हैं। चित्र-शटरस्टॉक।

आयुर्वेदिक क्यूरेटिक मेडिसिन के एक हिस्से के रूप में हल्दी या ‘गोल्डन स्पाइस’ सदियों से हमारे आसपास मौजूद है। इस गर्म मसाले में अपने गहन पीले रंग के साथ ही, कर्क्युमिनोइड यौगिक, विशेष रूप से कर्क्युमिन के कारण कई औषधीय गुण मौजूद होते हैं।

शुरुआती दिनों में हल्दी का हमारी रसोई में एक महत्वपूर्ण स्थान था। उसके बाद कटने या चोट के घावों को ठीक करने, नई दुल्हन के चहरे को एक नई चमक प्रदान करने, और रात में अच्छी नींद प्रदान करने के साथ ही, हल्दी हमारा कई समस्याओं से बचाव करने के लिए अस्तित्व में आई।

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पुराने उपचारात्मक उपायों में जागरूकता और विश्वास की कमी के कारण, हल्दी ने किसी तरह अपनी महिमा खो दी। सिर्फ एक पाक मसाले से अधिक या धार्मिक महत्व रखने वाली हल्दी में शक्तिशाली औषधीय गुण और अनुप्रयोग होते हैं जो हमारी जागरूकता से बहुत परे हैं।

आज की महिला जो काम और घर दोनों को कुशलता से संभाल रही है, उन्होंने निश्चित रूप से अधिक तनाव का आह्वान किया है। इस तरह वे आंतरिक रूप से तनाव का संचय करती हैं, जिससे हार्मोनल असंतुलन और मासिक धर्म की गड़बड़ी का पता चलता है। आज के समय में महिलाएं और युवा लड़कियां अधिक प्रचलित समस्याओं से जूझ रही हैं।

यहां हल्दी फिर से आपका बचाव कर सकती है। हल्दी एक गर्म जड़ी-बूटी है, जिसे मासिक धर्म को नियंत्रित करने और हार्मोन को संतुलित करने के लिए सहायक माना जाता है। इसमें इममेंगॉग गुण होते हैं जो मासिक धर्म के प्रवाह को उत्तेजित करने में मदद करते हैं। इसके अलावा हल्दी में मौजूद एंटीस्पास्मोडिक और एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण मासिक धर्म के दर्द से राहत प्रदान करने में मदद करते हैं।

इसके अलावा कई अन्य चिकित्सीय समस्याएं हैं, जिन्हें हल्दी ठीक कर सकती है। हम यहां आपको ऐसी 5 आम समस्याओं के बारे में बता रहे हैं।

1. त्वचा संबंधी समस्याओं को ठीक करती है

त्वचा पर मौजूद मुंहासे, काले घेरे, निशान को कम करने और सूखी त्वचा को मॉइस्चराइज़ करने से लेकर स्ट्रेच मार्क्स को कम करने तक, हल्दी के त्वचा संबंधी लाभों की सूची अंतहीन है। हल्दी के एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सिडेंट गुण इसे त्वचा के लिए एक शक्तिशाली क्लीन्ज़र बनाते हैं, साथ ही त्वचा की विभिन्न त्वचा की समस्याओं से राहत प्रदान करते हैं। प्राचीन काल से, एक पारंपरिक अनुष्ठान के हिस्से के रूप में नई दुल्हन और दूल्हे की त्वचा पर हल्दी  का पेस्ट लगाया जाता है क्योंकि यह त्वचा को चमकदार बनाता है और हानिकारक बैक्टीरिया को शरीर से दूर रखता है।

हल्दी त्वचा के लिए भी हल्दी बहुत फायदेमंद है। चित्र- शटरस्टॉक।

2. ब्लोटिंग और गैस से राहत पहुंचाती है

हल्दी पाचन में सुधार करने में मदद करती है और गैस और ब्लोटिंग की समस्या से राहत प्रदान करती है, ज्यातार यह अनपचे फैट के कारण होता है, जिससे पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। हल्दी एक चोलोगॉग है, जो लिवर में पित्त के उत्पादन को उत्तेजित करता है। यह गाल ब्लैडर में पित्त के उत्सर्जन को प्रोत्साहित करता है, जिससे वसा को पचाने और पाचन समस्याओं को रोकने या भंग करने की शरीर की क्षमता में सुधार होता है।

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3. सूजन संबंधी समस्याओं में सुधार करता है

अपने स्ट्रांग एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुणों के कारण हल्दी का उपयोग कुछ श्वसन स्थितियों (जैसे- अस्थमा, ब्रोन्कियल हाइपरएक्टिविटी और एलर्जी) जैसी विभिन्न सूजन संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। साथ ही यह गैस्ट्रो इंटेस्टाइनल डिसऑर्डर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम और शरीर में सूजन से जुड़े अन्य पाचन विकारों से भी जुड़ा हुआ है।

4. जोड़ों के दर्द से राहत दिलाता है

हम सभी यह अच्छी तरह जानते हैं कि सूजन, दर्द का कारण बनती है। हल्दी के एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण सूजन को कम करने में मदद करते हैं, साथ ही दर्द से राहत प्रदान करने में मदद करते हैं। अध्ययनों से पता चला है कि घुटने के ऑस्टियोआर्थराइटिस के पुराने रोगियों को करक्यूमिन से लाभ मिलता है, लेकिन अभी अधिक शोधों से समर्थन की आवश्यकता है।

पारंपरिक चिकित्सा प्राचीन काल से जोड़ों के दर्द से राहत के लिए, अपने एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुणों के लिए हल्दी का उपयोग कर रही हैं।

5. घावों की सफाई और उपचार में मदद करता है

इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुण इसे कटने के घावों, जलन, चोट और यहां तक की मधुमेह के घावों को ठीक करने के लिए एक आदर्श उपाय बनाते हैं।

हल्दी के सेवन से पहले आपको यह भी ध्यान रखने की जरूरत है

हल्दी में करक्यूमिन प्रमुख यौगिक होने के बावजूद शरीर में इसकी जैव उपलब्धता काफी सीमित है। इस प्रकार अकेले हल्दी रखने से कभी फायदा नहीं होगा। इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए निम्न में से किसी एक या दोनों के संयोजन के साथ हल्दी का सेवन करें:

यह एक अच्‍छा एंटी एजिंग उत्‍पाद है। चित्र: शटरस्‍टॉक
आपकी त्वचा में एक प्राकृतिक चमक जोड़ती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

काली मिर्च

अध्ययनों से पता चला है कि काली मिर्च में पाया जाने वाला यौगिक पिपेरिन रक्त में कर्क्यूमिन के अवशोषण को बढ़ाता है जिससे इसकी उपलब्धता बढ़ जाती है।

वसा युक्त खाद्य पदार्थ

करक्यूमिन एक वसा में घुलनशील यौगिक है। इसलिए इसे वसा युक्त खाद्य पदार्थों जैसे कि करी और दूध में मिलाकर खाने से शरीर में इसकी उपलब्धता बढ़ जाएगी।

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यहां हैं अपने दैनिक आहार में हल्दी को शामिल करने के विभिन्न तरीके

  1. एक गर्म कप दूध में 1/4 चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च मिलाएं।
  2. सब्जियों की करी में हल्दी और काली मिर्च को करी मसाले के हिस्से के रूप में मिलाएं।
  3. एक गर्म कप कद्दू के सूप में अन्य सामग्रियों के अलावा 1/4 चम्मच हल्दी और एक चुटकी काली मिर्च मिलाएं।
  4. अपने सलाद में 1 टेबलस्पून जैतून का तेल, 1 बड़ा चम्मच कच्चा एप्पल साइडर विनेगर, 1/4 टी स्पून हल्दी, 1 टी स्पून कच्चा शहद, नमक, काली मिर्च और अजवायन को 1 नींबू का रस मिलाएं।
  5. एक ग्रीन स्मूदी बानाने के लिए 1 कप पालक, 1 कप केल, 1/4 टी स्पून हल्दी, 1 संतरा, 1/2 केला , काली मिर्च, 1 नींबू का रस, 1 इंच अदरक का रस और 1 कप पानी को ब्लेंडर में डालें, और उन सभी को एक साथ ब्लेंड करें।

टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।