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चीनी छोड़ना चाहती हैं लेकिन मीठे से प्यार है? तो चीनी की जगह आहार में शामिल करें देसी खांड

Updated on: 15 December 2020, 10:03am IST
हम में से अधिकांश लोग चीनी तो छोड़ना चाहते हैं, लेकिन मीठे से लगाव ऐसा होने नहीं देता। कैसा हो अगर हम कहें कि आप बिना मीठा छोड़े चीनी छोड़ सकते हैं। जानने के लिए आगे पढ़ें।
विदुषी शुक्‍ला
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चीनी छोड़ने के लिए देसी खांड का उपयोग कर सकती हैं। चित्र- शटरस्टॉक।

भारतीय खानपान में मिठाई के लिए अलग ही स्थान है। डेजर्ट का कल्चर तो हर जगह है, लेकिन हमारी संस्कृति में मीठा कुछ अधिक ही पसन्द किया जाता है। किसी भी खुशखबरी पर मुंह मीठा करवाना इस बात का स्पष्ट उदाहरण है। लेकिन जैसे-जैसे सेहत को लेकर जागरूकता बढ़ी है, हमें पता चला है कि चीनी हमारे लिए कितनी खतरनाक है। इसे मीठा जहर तक कहा जाता है।

आपके स्वास्थ्य को बहुत नुकसान पहुंचाती है चीनी

चीनी खाना एक लत की तरह है, आपको चीनी खाने की क्रेविंग होती है और खाने के बाद आपको अच्छा महसूस होता है। लेकिन इस भावना से बेवकूफ न बनें। असल में चीनी बहुत गंभीर बीमारियों की जड़ है। डायबिटीज यानी ब्लड शुगर अनियंत्रित होना ही चीनी से होने वाली एकमात्र समस्या नहीं है।

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ज्‍यादा मीठा आपकी मेंटल हेल्‍थ को नुकसान पहुंचाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
ज्‍यादा मीठा आपकी मेंटल हेल्‍थ को नुकसान पहुंचाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

चीनी मूड स्विंग, चिड़चिड़ापन, एंग्जायटी, डिप्रेशन से लेकर डिमेंशिया जैसी मानसिक बीमारियों का जोखिम बढ़ा देती है। यही नहीं, चीनी ओबेसिटी को बढ़ावा देती है, जो सभी बीमारियों के लिए दरवाजे खोल देती है।

अब जब आप जानती हैं कि चीनी हमारे स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है, तो क्यों ना इसे अपने आहार से पूरी तरह बाहर कर दिया जाए। और इसकी जगह एक हेल्दी विकल्प को दी जाए!

ज्‍यादा मीठा खाने से शरीर में सूजन बढ़ती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
ज्‍यादा मीठा खाने से शरीर में सूजन बढ़ती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

देसी खांड है चीनी का हेल्दी विकल्प

देसी खांड भी गन्ने के रस से ही बनती है, जिससे शक्कर बनी होती है। लेकिन शक्कर अत्यधिक रिफाइन की जाती है। जिससे उसके अंदर मौजूद फाइबर और पोषण खत्म हो जाते हैं। खांड गन्ने के रस का कम रिफाइंड रूप है। देसी खांड में कोई भी केमिकल इस्तेमाल नहीं किये जाते हैं, जो इसे चीनी से बेहतर विकल्प बनाता है।

ये शरीर को ठंडक प्रदान करने का काम करती है। साथ ही खांड में कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट होते हैं, जो इसे सेहत का भंडार बनाते हैं।

कैल्शियम- हड्डियों और दांतों के स्वास्थ्य के लिए कैल्शियम आवश्यक है। ये जोड़ों के दर्द, अर्थराइटिस जैसी समस्याओं को दूर रखता है।

मैग्नीशियम– मैग्नीशियम भी हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ये नसों और मांसपेशियों के लिए भी अनिवार्य होता है। इंसुलिन के स्राव में भी मैग्नीशियम आवश्यक है।
फाइबर– फाइबर पेट की सफाई के साथ-साथ हेल्दी गट बैक्टीरिया को बनाये रखने में मददगार है।
आयरन– खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा के लिए आयरन बहुत आवश्यक होता है। आयरन की कमी एनीमिया का कारण बनती है।

लस्सी, खीर और हलवे इत्यादि में खांड का प्रयोग आसानी से किया जा सकता है।
तो लेडीज, अपनी शॉपिंग लिस्ट में चीनी की जगह देसी खांड को दें और बेहतर स्वास्थ्य की तरफ एक कदम उठाएं।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।